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रीयल कश्‍मीर के मालिक ने कहा, अगर नहीं होता पुलवामा हमला तो टीम बनती चैंपियन!

भाषा
Updated: November 12, 2019, 4:10 PM IST
रीयल कश्‍मीर के मालिक ने कहा, अगर नहीं होता पुलवामा हमला तो टीम बनती चैंपियन!
रीयल कश्मीर की टीम पिछले आईलीग सीजन में तीसरे स्‍थान पर रही थी

पुलवामा हमले (Pulwama Attack) के कारण रीयल कश्मीर तीन सप्ताह तक अभ्यास नहीं कर पाई थी और मिनर्वा पंजाब ने कश्मीर में खेलने से मना कर दिया

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नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर में धारा 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने के बाद प्रतिबंधों के कारण आम लोगों का जीवन भले ही प्रभावित हुआ, लेकिन आई लीग की टीम रीयल कश्मीर (Real Kashmir FC) के लिए यह स्थिति फायदेमंद साबित हुई, क्योंकि इससे उसके खिलाड़ियों को एक दूसरे को अच्छी तरह से समझने में मदद मिली. मंगलवार को रीयल कश्मीर के घरेलू मैचों की जर्सी लाॅन्च की गई, जहां टीम के सह मालिक संदीप चट्टू , कोच डेविड रॉबर्टसन के साथ मोहम्मद हम्माद और कैलम हिग्गिनबाथम भी मौजूद थे.
टीम के सह मालिक संदीप चट्टू और मुख्य खिलाड़ियों में शामिल मोहम्मद हम्माद ने इस मौके पर कहा कि कश्मीर में पाबंदियों के समय इंटरनेट और फोन पर लगी रोक के कारण खिलाड़ियों को एक दूसरे को अच्छे से समझने में मदद मिली, जिससे टीम और मजबूत हुई है. संदीप चट्टू ने कहा कि पुलवामा हमले (Pulwama Attack) से पहले टीम आईलीग के खिताब की दौड़ में थी, लेकिन हमले के  बाद स्थिति बदल गई.  चट्टू ने कहा कि अगर पुलवामा हमला नहीं होता तो रीयल कश्मीर खिताब जीत सकती थी.

खिलाड़ियाें को एक दूसरे को समझने का मौका मिला
चट्टू ने कहा कि कश्मीर में पाबंदियों के कारण खिलाड़ियों और कोचिंग सदस्यों को अधिकतर समय होटल के अंदर ही बिताना पड़ता था, जहां फोन और इंटरनेट की सुविधा भी नहीं थी. इससे वास्तव में टीम को फायदा हुआ, क्योंकि बाहरी संपर्क नहीं होने के कारण टीम के खिलाड़ी आपस में एक दूसरे से फुटबॉल के बारे में चर्चा करते थे.

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आईलीग के इस सत्र की तैयारियों में जुटे रीयल कश्मीर के खिलाड़ी

टीम के स्थानीय खिलाड़ी हम्माद ने कहा कि यह सच है कि कश्मीर में पाबंदियों के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन विषम परिस्थितयां टीम के लिए फायदेमंद रही. इस दौरान हमें खेल पर चर्चा करने और उसे मैदान पर उतारने का समय मिला. पाबंदियों के कारण हम एक दूसरे साथ ही रहते थे तो हमारे बीच परिवार की तरह का संबंध बन गया. उन्होंने कहा कि टीम का पूरा ध्यान आईलीग पर है जहां हम पिछली बार की कमी को पीछे छोड़कर खिताब जीतने की कोशिश करेंगे.

पिछले सत्र के प्रदर्शन से भी कुछ

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पिछले सत्र में टीम के शानदार प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर चट्टू ने कहा कि पुलवामा हमला नहीं होता तो टीम अपने पहले अभियान में ही चैंपियन बन सकती थी. उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में पुलवामा हमले से पहले हम खिताब की दौड़ में थे, लेकिन हमले के कारण हम तीन सप्ताह तक अभ्यास नहीं कर सके और मिनर्वा पंजाब ने कश्मीर के हमारे घरेलू मैदान पर खेलने से मना कर दिया. ईस्ट बंगाल के खिलाफ हमें दिल्ली में खेलना पड़ा. अगर पुलवामा हमला (Pulwama Attack) नहीं होता तो हम खिताब जीत सकते थे.
इसके बाद भी पहले सत्र में ही हमने चेन्नई जैसी मजबूत टीम को घरेलू और बाहर के मैचों में हराया था. इस प्रदर्शन पर हमें गर्व है. तीसरे स्थान पर रहकर भी हम खुश थे. टीम इस साल तीन दिसंबर को ईस्ट बंगाल के खिलाफ आईलीग में आपने अभियान का आगाज करेगी, जबकि उसे 12 दिसंबर को अपना पहला घरेलू मैच गोकुलम केरल एफसी से खेलना है.


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First published: November 12, 2019, 4:05 PM IST
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