सुनील छेत्री ने मेस्सी को पछाड़ा, गोल के मामले में अब सिर्फ ये खिलाड़ी रह गया है आगे

इन दो गोल की मदद से 34 साल के छेत्री अर्जेंटीना के सुपरस्टार लियोनल मेस्सी को पछाड़ने में सफल रहे. जिनके 128 मैचों में 65 अंतरराष्ट्रीय गोल हैं. पुर्तगाल के सुपरस्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो 154 मैचों में 85 गोल से सर्वाधिक गोल करने वाले फुटबालर हैं.

भाषा
Updated: January 7, 2019, 5:22 AM IST
सुनील छेत्री ने मेस्सी को पछाड़ा, गोल के मामले में अब सिर्फ ये खिलाड़ी रह गया है आगे
तस्वीर ट्विटर से
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Updated: January 7, 2019, 5:22 AM IST
भारतीय फुटबाल में ‘गोल मशीन’ के नाम से मशहूर सुनील छेत्री के दो गोल की मदद से टीम ने रविवार को थाईलैंड को 4-1 से हराकर 1964 के बाद एएफसी एशियाई कप में पहली जीत दर्ज की. अपना दूसरा एशियाई कप और 105वां मैच खेल रहे छेत्री ने 27वें मिनट में पेनल्टी के जरिये और 46वें मिनट में दूसरा गोल दागा जो उनका क्रमश: 66वां और 67वां अंतरराष्ट्रीय गोल था. इससे वह सक्रिय खिलाड़ियों में सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाले दूसरे फुटबालर बन गये.

मिडफील्डर अनिरूद्ध थापा और दूसरे हाफ में स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर उतरे जेजे लालपेखलुआ ने इसके बाद टीम के लिये 68वें और 80वें मिनट में गोल किये जिससे भारत ने अल नाहयान स्टेडियम में थाईलैंड को शिकस्त दी. उत्साहवर्धन करने के लिये स्टेडियम में काफी संख्या में भारतीय समर्थक मौजूद थे.

इन दो गोल की मदद से 34 साल के छेत्री अर्जेंटीना के सुपरस्टार लियोनल मेस्सी को पछाड़ने में सफल रहे जिनके 128 मैचों में 65 अंतरराष्ट्रीय गोल हैं. पुर्तगाल के सुपरस्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो 154 मैचों में 85 गोल से सर्वाधिक गोल करने वाले फुटबालर हैं.

थाईलैंड के कप्तान और स्ट्राइकर टीरासिल डांग्डा ने ग्रुप ए के इस मैच में अपनी टीम के लिये 33वें मिनट में गोल किया. भारतीय टीम अब संयुक्त अरब अमीराज और बहरीन के खिलाफ होने वाले आगामी दो मुकाबलों में ड्रॉ खेलकर भी नाकआउट दौर में जगह बना सकती है.

फीफा रैंकिंग में 97वें स्थान पर काबिज भारतीय टीम मैच में 118वीं रैंकिंग की प्रतिद्वंद्वी को हराने के इरादे से ही उतरी थी, लेकिन खिलाड़ियों के इस तरह के शानदार प्रदर्शन की उम्मीद नहीं थी, खासकर दूसरे हाफ में. पहले हाफ में थाईलैंड की टीम बेहतर दिख रही थी, जिसने 70 प्रतिशत तक फुटबाल पर कब्जा बनाये रखा और लक्ष्य पर ज्यादा शाट लगाये.

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थाईलैंड के तीन खिलाड़ी जापान की शीर्ष टीयर जे लीग में खेलते हैं जिससे दक्षिण पूर्वी एशियाई देश ने शुरू में कुछ सटीक मूव और बेहतरीन तेज तर्रार पास से प्रभावित किया जिसमें भारत को काफी डिफेंसिव होकर खेलना पड़ा. भारत ने ऐसे कुछ सटीक मूव बहुत कम बनाये और कई बार तो गेंद कब्जे से गंवा दी. गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू इस हाफ में प्रतिद्वंद्वी गोलकीपर से ज्यादा व्यस्त नजर आये.
लेकिन दूसरे हाफ में मैच का परिदृश्य पूरी तरह बदल गया, जिसमें भारत ने शानदार तरीके से तीन गोल दागे और थाईलैंड से मैच छीन लिया. टीम ऐसी दिख रही थी जो सटीक पास से गोल करने के बेहतरीन मौके बना सकती है, इसी के बूते खिलाड़ियों ने तीन गोल जमा दिये.

मौजूदा टीम में छेत्री एकमात्र खिलाड़ी हैं जो 2011 में खेलने वाली टीम का हिस्सा थे. वह एशियाई कप में भारत की ओर से सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी भी बन गये, इससे उन्होंने इंदर सिंह को पछाड़ा जिन्होंने 1964 के चरण में दो गोल दागे थे, जिसमें भारत उप विजेता रहा था.

अपने चौथे एशियाई कप में भाग ले रही भारतीय टीम की यह 11 मैचों में तीसरी जीत थी. देश ने इस्राइल में हुए 1964 चरण में दो मैच जीते थे और एक गंवाया था, जिसमें महज चार देशों ने शिरकत की थी. इसके बाद टीम को 1984 में तीन मैचों में हार मिली थी जबकि एक मैच ड्रॉ रहा था. वहीं 2011 में टीम ग्रुप के सभी तीनों मैचों में हार गयी थी.

भारत ने जेजे लालपेखलुआ और बलवंत सिंह पर तरजीह देते हुए पुणे सिटी एफसी के 21 साल के खिलाड़ी आशिक कुरूनियन को शुरुआती एकादश में शामिल किया और इस खिलाड़ी ने बेहतर खेल भी दिखाया और वह छेत्री के बिलकुल पीछे मौजूद रहे.

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उसने भारत को पेनल्टी भी दिलायी, आशिक का शाट थाई गोलकीपर से डिफ्लेक्ट होकर डिफेंडर थीराथोन बुनमाथन के हाथ पर लगा और हांगकांग के रैफरी ने तुरंत भारत को स्पाट दे दिया. छेत्री ने इसका पूरा फायदा उठाकर भारत को 1-0 से आगे कर दिया. थाईलैंड ने छठे मिनट के अदंर कप्तान और स्ट्राइकर डांग्डा की बदौलत बराबरी हासिल कर ली जिन्होंने फ्री किक को दिशा देते हुए गुरप्रीत के सिर के ऊपर से सीधे नेट में पहुंचा दिया.

थाईलैंड को 22वें और 25वें मिनट में गोल करने के दो बेहतरीन मौके मिले थे, पर वे इसका फायदा नहीं उठा सके. पहले हाफ में छेत्री ने भी दो शॉट लगाये, जिसमें से पहला 37वें मिनट में काफी करीबी रेंज का था जिसे थाईलैंड के डिफेंडर ने रोक दिया था जबकि पांच मिनट बाद दूसरा प्रयास वाइड चला गया.

लेकिन दूसरे हाफ में एक मिनट बाद ही छेत्री ने विश्व स्तरीय गोल दागकर टीम को 2-1 से आगे कर दिया. विंगर उदांता सिंह ने बांयी ओर से भागते हुए तेजी से शानदार क्रास दिया, जिसे बाक्स के पास छेत्री ने भागते हुए लाजवाब तरीके से नेट में डाल दिया.

भारत के तीसरे गोल ने दिखा दिया कि वे गेंद पास करने के मामले में कितने ज्यादा सुधरे हैं, जिसमें तीन खिलाड़ियों का योगदान रहा. हलीचरण नार्जरी ने उदांता को पास दिया और थापा ने डिफेंडरों को छकाते हुए इसे नेट में पहुंचा दिया.

लालपेखलुआ ने मैदान में आने के दो मिनट बाद ही टीम के लिये चौथा गोल दाग दिया. फिर नार्जरी ने सटीक पास दिया और इस स्ट्राइकर ने बॉक्स के ऊपर से शाट लगाकर थाईलैंड के गोलकीपर की इसे रोकने की उम्मीद तोड़ दी.

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