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मां की कोरोना से मौत, अब ऑक्सीजन सिलेंडर बांटकर लोगों की मदद कर रहा है ये खिलाड़ी

मां की कोरोना से मौत के बाद अरिंदम भट्टाचार्य बने फ्रंट लाइन वॉरियर (फोटो-अरिंदम भट्टाचार्य instagram)

एटीके मोहन बागान के गोलकीपर अरिंधम भट्टाचार्य (Arindam Bhattacharya) ने अपनी मां का श्राद्ध करने के बाद कोरोना से जूझ रहे लोगों की मदद का फैसला किया है.

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    नई दिल्ली. एटीके मोहन बागान के गोलकीपर अरिंधम भट्टाचार्य (Arindam Bhattacharya) ने दो हफ्ते पहले कोविड-19 के कारण अपनी मां को खो दिया था लेकिन अब इंडियन सुपर लीग का यह स्टार फुटबॉलर अपने स्थानीय क्लब ‘अटलांटा’ के लिये फ्रंटलाइन योद्धा के तौर पर आक्सीजन सिलेंडर और खाने का इंतजाम करने में जुटा है. अरिंधम ने एक साल के अंदर अपनी मां और पिता को गंवा दिया. लेकिन अपनी मां का श्राद्ध करने के बाद उन्होंने इस दुख से निकलकर खतरनाक वायरस के खिलाफ लड़ाई के लिये लोगों की मदद करने का फैसला किया.

    इस साल के ‘गोल्डन ग्लव’ विजेता अरिंधम ने अपने क्लब के साथ इस लड़ाई में जुड़ने के बाद पीटीआई-भाषा से कहा, 'मैं जानता हूं कि कोविड-19 से मां को गंवाना क्या होता है. एक साल से भी कम समय में मैंने अपनी मां और पिता दोनों को गंवा दिया. मेरे लिये घर पर बंद रहना आसान चीज हो सकती थी लेकिन तब मुझे महसूस हुआ कि मैं किस तरह अंतर ला सकता हूं इसलिये मैं क्लब से जुड़ गया. '

    दक्षिण कोलकाता की गोल्फ रोड पर स्थित यह क्लब कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों के लिये सुरक्षित घर बना हुआ है. क्लब में नौ बेड और 26 आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं. अरिंधम अपने स्थानीय क्लब से पूरी तरह जुड़ गये हैं और अपने फेसबुक पोस्ट पर भी लोगों को इस मिशन से जुड़ने का अनुरोध कर रहे हैं जिसमें वह वायरस संक्रमितों को खाना और आक्सीजन सिलेंडर मुहैया करा रहे हैं.

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    अरिंधम भट्टाचार्य ने कहा, 'हमारी भूमिका उन मरीजों के उपचार करने की है जिनका घर पर पृथकवास में इलाज नहीं हो सकता लेकिन उन्हें साथ ही अस्पताल में भर्ती करने की भी जरूरत नहीं है. अभी तक क्लब से 14 मरीज ठीक होकर जा चुके हैं और तीन-चार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. '
    Published by:Anoop Dev Singh
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