गांगुली और द्रविड़ को लिखा रमन ने पत्र, 'महिला क्रिकेट से घमंडी संस्कृति को खत्म करने की जरूरत'

रमन की जगह रमेश पवार को एक बार फिर से भारतीय महिला टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं. (WV Raman/Twitter)

रमन की जगह रमेश पवार को एक बार फिर से भारतीय महिला टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं. (WV Raman/Twitter)

भारतीय महिला टीम के कोच के लिए रमन की जगह रमेश पवार को एक बार फिर से चुना गया. रमन की देख-रेख में टीम पिछले साल टीम टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी. रमन ने अब सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ को ईमेल भेजा है जिसमें उन्होंने खास व्यक्तियों के बारे में लिखा है, जिन्हें टीम को खुद से ऊपर रखने की जरूरत है.

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नई दिल्ली. भारतीय महिला क्रिकेट टीम के अपदस्थ कोच डब्ल्यू वी रमन (WV Raman) ने बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) के अध्यक्ष सौरव गांगुली को ई-मेल लिखकर आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय टीम में ‘आत्मदंभी संस्कृति’ को बदलने की जरूरत है. रमन ने इस ई-मेल को राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख राहुल द्रविड़ को भी भेजा है और कहा कि अगर उन से सलाह मांगी गई तो वह देश में महिला क्रिकेट के लिए खाका तैयार कर सकते हैं.

पूर्व क्रिकेट मदन लाल की अध्यक्षता वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) ने गुरुवार को एक हैरान करने वाला फैसला लेते हुए राष्ट्रीय महिला टीम के कोच के लिए रमन की जगह रमेश पवार का चयन किया. रमन की देख-रेख में टीम पिछले साल टी20 विश्व कप में उपविजेता रही थी. रमन के इस ई-मेल की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, ‘जहां तक ​​मुझे पता है, रमन ने कहा है कि वह हमेशा टीम को हर किसी से ऊपर रखने में विश्वास करते हैं, और इस बात पर जोर देते हैं कि कोई भी व्यक्ति वास्तव में आत्मदंभी नहीं हो सकता.’

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बायें हाथ के इस कलात्मक बल्लेबाज ने दो पूर्व कप्तानों को पत्र लिखा है जिससे कुछ विवाद भी हो सकता है क्योंकि खिलाड़ियों के साथ मतभेद में हमेशा कोच को बलि देना होता है, खासकर जिस तरह से मिताली राज के मामले में हुआ था. रमन ने हालांकि इस पत्र में किसी का नाम नहीं लिया लेकिन यह समझा जाता है कि उन्होंने टीम में प्रचलित स्टार संस्कृति के बारे में विस्तार से बात की है. इससे फायदा से ज्यादा नुकसान हो रहा है.
रमन से इस बारे में बात करने की कई बार कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्र ने बताया कि गांगुली और द्रविड़ को उनका पत्र मिल गया है. यह पता चला है कि रमन ने खास व्यक्तियों के बारे में लिखा है, जिन्हें टीम को खुद से ऊपर रखने की जरूरत है.

सूत्र ने बताया, ‘रमन ने दादा (गांगुली) से कहा है कि यदि कोई पूर्व खिलाड़ी इस संस्कृति से घुटन महसूस करता है, तो उन्हें (गांगुली) भारत के पूर्व कप्तान के रूप में इस मामले पर फैसला करना चाहिए, क्या कोच बहुत अधिक मांग रहा है.’ रमन ने कोच के रूप में सक्रिय नहीं रहने के आरोपों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने याद दिलाया कि वह पिछली बाद टी20 लीग के दौरान संयुक्त अरब अमीरात की उमस भरी परिस्थितियों में दोपहर एक बजे से रात के नौ बजे तक तीन टीमों (ट्रेलब्लेजर, वेलोसिटी और सुपरनोवा ) के प्रशिक्षण सत्रों का निरीक्षण करते थे.

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उन्होंने बताया, ‘रमन ने कहा कि अध्यक्ष और सचिव उनके काम को लेकर लगे आरोपों पर उनकी राय जानना चाहते हैं, तो वे विस्तार से इसे स्पष्ट कर सकते हैं.’ इस पत्र की प्रति को द्रविड़ को इसलिए भेजी गई है क्योंकि रमन का मानना ​​है कि वह भारतीय महिला क्रिकेट के लिए रोडमैप (भविष्य का खाका) बनाने में योगदान दे सकते हैं.

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