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Olympic Count Down 168 Days: फाइनल में बलबीर सिंह के वर्ल्ड रिकॉर्ड ने दिलाया भारत को पांचवां गोल्ड

Olympic Count Down 168 Days: फाइनल में बलबीर सिंह के वर्ल्ड रिकॉर्ड ने दिलाया भारत को पांचवां गोल्ड

1952 ओलिंपिक खेलों की हॉकी टीम

1952 ओलिंपिक खेलों की हॉकी टीम

नेदरलैंड्स (Netherlands) के खिलाफ फाइनल मुकाबले में बलबीर सिंह (Balbir singh) ने पांच गोल दागे थे

    नई दिल्ली. लगातार चार बार ओलिंपिक (Olympic) गोल्ड मेडल जीत चुकी भारतीय हॉकी टीम (Indian Hockey Team) का यह गोल्डन सफर 1952 हेलसिंकी ( Helsinki) में भी जारी रहा. कुंवर दिग्विजय सिंह (Kunwar Digwijay Singh) की कप्तानी में भारतीय टीम ने देश के लिए पांचवां गोल्ड मेडल हासिल किया. 1948 में टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने वाले बलबीर सिंह (Balir Singh) इस सीरीज में टीम के हीरो साबित हुए.

    टीम का सफर
    1952 में ओलिंपिक खेल नॉकआउट मुकाबले की तर्ज पर खेले गए और 1948 की टॉप चारों टीमों को सीधे क्वार्टरफाइनल में प्रवेश मिला. क्वार्टरफाइनल में जीत हासिल करके भारत, पाकिस्तान, नेदरलैंड्स और ग्रेट ब्रिटेन सेमीफाइनल में पहुंचे. भारत ने इस पूरे टूर्नामेंट में तीन मुकाबले खेले और तीनों में जीत दर्ज की. पहले मुकाबले में उसने ऑस्ट्रिया को 4-0 से मात दी. इसके बाद ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ उन्होंने 3-1 से जीत हासिल की और फाइनल में प्रवेश किया.

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    1952 में फाइनल मुकाबले में जीत के बाद भारतीय टीम


    फाइनल मुकाबला
    भारत (India) को फाइनल में नेदरलैंड्स (Netherlands) का सामना करना था. नेदरलैंड्स (Netherlands) ने भारत (India) को चुनौती देने की कोशिश की लेकिन  कुछ समय बाद ही वह ओलिंपिक चैंपियन के सामने घुटने टेक चुकी थी. भारत (India) ने इस मुकाबले में 6-1 से जीत दर्ज की. भारत की ओर से पांच गोल दागने वाले बलबीर सिंह (Balbir Singh) के नाम ओलिंपिक फाइनल मुकाबले में सबसे ज्यादा गोल का रिकॉर्ड है जो आज भी कायम है. भारत ने इस जीत से एक बार फिर हॉकी पर अपनी बादशाहत साबित की.

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    हॉकी टीम गोल्ड जीतने के बाद भारत आई तो उनका सम्मान हुआ


    टीम के स्टार
    टीम के सबसे बड़े हीरो साबित हुए बलबीर सिंह  (Balbir Singh) . बलबीर सिंह  (Balbir Singh)  ने फाइनल में पांच गोल दागकर रिकॉर्ड कायम किया. पूरी भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में 13 गोल किए जिसमें से बलबीर सिंह  (Balbir Singh)  ने नौ गोल दागे. इससे पहले 1948 के ओलिंपिक फाइनल मुकाबले में भी बलबीर सिंह ने शानदार खेल दिखाते हुए टीम को जीत दिलाई थी. वह भारत के अब तक के सर्वश्रेष्ठ सेंट्रल फॉरवर्ड साबित हुए थे.

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    बलबीर सिंह को हॉकी का बड़ा दिग्गज माना जाता है


    बलबीर सिंह  (Balbir Singh)  के अलावा टीम के कप्तान केडी सिंह (Kunwar Digwijay Singh) भी इस टूर्नामेंट के बाद टीम के सबसे महान इनसाइड-राइट साबित हुए. उन्हें साल 1953 में हेल्मस ट्रॉफी दी गई जो कि दुनिया के सबसे शानदार हॉकी खिलाड़ी को दी जाती है. यह पहला मौका था जब किसी एशियाई खिलाड़ी को यह ट्रॉफी दी गई.

    टीम
    कुंवर दिग्विजय सिंह - कप्तान
    बलबीर सिंह - उपकप्तान
    रंगनाथन फ्रांसिस
    चिन्नेदोराई देशमुथु
    रणधीर सिंह
    धर्म सिंह
    स्वरूप सिंह
    गोविंद पेरुमल
    केशव दत्त
    लेसली क्लॉडियस
    जसवंत सिंह राजपूत मेलड्रिक डालुज
    रघबीर लाल
    उधम सिंह
    जी एस दुबे
    ग्रहनंदन सिंह
    सीएस गुरूंग

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    Tags: Hockey, Indian Hockey Team, Sports news, Summer Olympics

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