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अपनी बायोपिक में दीपिका पादुकोण को देखना चाहती है यह स्टार खिलाड़ी

भाषा
Updated: February 7, 2020, 6:20 PM IST
अपनी बायोपिक में दीपिका पादुकोण को देखना चाहती है यह स्टार खिलाड़ी
दीपिका पादुकोण फिल्म एक्ट्रेस हैं

रूढिवादी समाज और गरीबी से लड़कर इस मुकाम तक पहुंची रानी (Rani Rampal) अपने संघर्षों और अप्रतिम सफलता के दम पर लड़कियों की रोल मॉडल बन गई है

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नई दिल्ली. हरियाणा के शाहबाद से निकलकर ‘वर्ल्ड गेम एथलीट आफ द ईयर’ और पद्मश्री जीतने तक रानी रामपाल (Rani Rampal) का उतार-चढ़ाव से भरा सफर किसी बॉलीवुड पटकथा से कम नहीं और भारतीय हॉकी टीम (Indian Hockey Team) की कप्तान की इच्छा है कि अगर उनके जीवन पर कोई बायोपिक बने तो दीपिका पादुकोण (Deepika padukone) उनका रोल करे.

दीपिका को अपनी बॉयोपिक में चाहती हैं रानी रामपाल
खिलाड़ियों के बायोपिक के इस दौर में रानी (Rani Rampal)  का जीवन एक सुपरहिट बालीवुड फिल्म की पटकथा हो सकता है. इस बारे में उन्होंने भाषा को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘मेरे जीवन पर बायोपिक बने तो दीपिका पादुकोण मेरा रोल करे, क्योंकि वह खेलों से प्यार करती है. खेलों से प्रेम उन्हें परिवार से विरासत में मिला है और दीपिका में मुझे एक खिलाड़ी के गुण नजर आते हैं.’

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रानी रामपाल ने भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान हैं


रूढिवादी समाज और गरीबी से लड़कर इस मुकाम तक पहुंची रानी अपने संघर्षों और अप्रतिम सफलता के दम पर लड़कियों की रोल मॉडल बन गई है. उन्हें हाल ही में ‘वर्ल्ड गेम एथलीट आफ द ईयर’ चुना गया और यह पुरस्कार पाने वाली वह पहली भारतीय और दुनिया की इकलौती हॉकी खिलाड़ी हैं.

सात साल की उम्र से हॉकी खेल रही हैं रानी रामपाल
महज सात साल की उम्र से हॉकी खेल रही रानी (Rani Rampal)  ने कहा,‘यह सफर अच्छा और संघर्ष से भरपूर रहा. यह पुरस्कार एक साल की मेहनत का नतीजा नहीं बल्कि 18-19 साल की मेहनत है. मैं कर्म में विश्वास करती हूं. यह सिर्फ किस्मत से नहीं मिला है.’ रानी के घर की आर्थिक स्थिति किसी जमाने में इतनी खराब थी कि उनके पास हॉकी किट खरीदने और कोचिंग के पैसे नहीं थे. यही नहीं समाज ने उसके खेलों में आने का भी कड़ा विरोध किया था, लेकिन अब उसी समाज की वह रोल मॉडल बन गईं हैं.
पिछले साल भारत ने एफआईएच सीरीज फाइनल्स जीता था और रानी को टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था. रानी की अगुवाई में ही भारत ने तीसरी बोर ओलंपिक खेलों के लिये क्वालीफाई किया.
रानी की अगुवाई में ही भारत ने तीसरी बोर ओलिंपिक खेलों के लिये क्वालीफाई किया.


लोगों के लिए प्रेरणा बनीं रानी
उन्होंने कहा ,‘आज से 20 साल पहले हरियाणा जैसे राज्य में लड़कियों को इतनी आजादी नहीं थी, लेकिन अब तो हालात बिल्कुल बदल गए हैं. बहुत अच्छा लगता है कि मुझे देखकर कइयों ने अपनी लड़कियों को खेलने भेजा. जहां पहले घर में लड़की होना अभिशाप माना जाता था, वहां यह बड़ा बदलाव है और उसका हिस्सा होना अच्छा लगता है.

भारतीय महिला हॉकी-Indian women's hockey
भारतीय महिला हॉकी की कप्तान रानी रामपाल ने जीता 'वर्ल्ड गेम्स एथलीट ऑफ द ईयर' अवार्ड


पुरस्कारों के बारे में उन्होंने कहा,‘अच्छा लगता है जब आपके प्रयासों को सराहा जाता है. इससे देश के लिये और अच्छा खेलने की प्रेरणा मिलती है. ऐसे पुरस्कारों से महिला हॉकी को पहचान मिलती है, जो सबसे खास है. मैं हमेशा से टीम के लिये शत प्रतिशत देती आई हूं और आगे भी यह जारी रहेगा.’

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First published: February 7, 2020, 6:06 PM IST
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