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आज का दिन: जब भारत ने पाकिस्तान को हराकर पहली और आखिरी बार जीता था हॉकी विश्व कप

आज का दिन: जब भारत ने पाकिस्तान को हराकर पहली और आखिरी बार जीता था हॉकी विश्व कप

1975 में भारत ने पहली बार जीता था हॉकी वर्ल्ड कप

1975 में भारत ने पहली बार जीता था हॉकी वर्ल्ड कप

भारत (India) ने पहली बार 15 मार्च 1975 में हॉकी का वर्ल्ड कप (FIH Hockey World Cup) अपने नाम किया था

    नई दिल्ली. एक समय था जब भारत को हॉकी (Hockey) की सबसे बड़ी ताकत माना जाता था. भारत ने इस खेल में देश ने आठ गोल्ड समेत सबसे ज्यादा 11 मेडल जीते हैं. अपने स्वर्णिम दौर में भारत (India) वह देश था जिससे दुनिया भर की टीमें खौफ खाती थी. पहला हॉकी वर्ल्ड कप (Hockey World Cup) साल 1971 में पाकिस्तान (Pakistan) में खेला गया था और भारत तीसरे स्थान पर रहा था. वहीं इसके बाद साल 1973 में भारत नेदरलैंड्स से हारने के बाद सिल्वर मेजल जीता था. भारत ने आज के ही दिन यानि 13 मार्च 1975 को पहली बार हॉकी वर्ल्ड कप में जीत दर्ज की थी. हालांकि इसके बाद वह दोबारा कभी इसे जीत नहीं पाई.

    भारत ने पूल में किया था शानदार प्रदर्शन
    12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया था. भारत पूल बी में थी जिसमें उसका सामना वेस्ट जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, जर्मनी, अर्जेंटीना, घाना से हुआ. भारत ने इंग्लैंड को 2-1, घाना को 7-0, वेस्ट जर्मनी को 3-1 से मात थी थी. वहीं ऑस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबले ड्रॉ रहे थे. पूल बी से भारत और वेस्ट जर्मनी ने सेमीफाइनल में जगह पक्की की थी. वहीं पूल ए से पाकिस्तान और मेजबान मलेशिया टॉप चार में पहुंची थी. कुआलालंपुर में खेले गए इस आयोजन के 42 मुकाबलों में कुल 175 गोल हुए जो पिछले दोनों विश्व कप से कहीं ज्यादा थे. नीदरलैंड्स के टीस क्रूज, पाकिस्तान के मंजूर-उल-हसन और पोलैंड के स्टीफन ओटुलाकोवोस्की ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक सात-सात गोल किए.

    फाइनल में पाकिस्तान को दी थी मात
    सेमीफाइनल में भारत ने मलेशिया को अतिरिक्त समय तक चले मुकाबले में 3-2 से शिकस्त दी. सेमीफाइनल में भारत के लिए हरचरन सिंह ने खेल के 79वें मिनट में निर्णायक गोल दागा था. वहीं इसके बाद फाइनल में भारत का सामना चिर-प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से हुआ था. दोनों टीमें दूसरी बार खिताबी मुकाबले में पहुंची थीं जिसे देखने के लिए करीब 40 हजार दर्शक स्टेडियम में पहुंचे थे. भारत मुकाबले में 0-1 से पिछड़ रहा था. तभी सुरजीत सिंह ने गोल करके भारत को बढ़त दिलाई वहीं अशोक ध्यानचंद ने निर्णायक गोल किया था. इस टीम के कोच दिग्गज खिलाड़ी बलबीर सिंह थे जिन्होंने भारत को ओलिंपिक गोल्ड के बाद वर्ल्ड चैंपियन भी बनाया.

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    Tags: Hockey, Sports news

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