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Olympic Count down 161 Days: हॉकी में भारत का था आखिरी गोल्ड और आखिरी मेडल

News18Hindi
Updated: February 14, 2020, 7:35 AM IST
Olympic Count down 161 Days: हॉकी में भारत का था आखिरी गोल्ड और आखिरी मेडल
1980 ओलिंपिक की विजेता भारतीय टीम

धड़कन रोक देने वाले मुकाबले में स्‍पेन को हराकर भारत ने 16 साल बाद हॉकी में गोल्ड जीता था

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  • Last Updated: February 14, 2020, 7:35 AM IST
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नई दिल्‍ली. मास्को में 1980 में हुए ओलिंपिक (Olympics) में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने गोल्‍ड जीता था, लेकिन इससे पहले के ओलिंपिक में भारतीय टीम सातवें पायदान पर रही थी और उससे पहले लगातार दो ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था. यानी 16 साल बाद भारत एक बार फिर दुनिया को अपना दम दिखाने में कामयाब हो गया था, लेकिन इसके बाद आज तक हॉकी में भारत अपनी  ताकत नहीं दिखा पाया. 1980 ओलिंपिक का गोल्ड भारतीय हॉकी के लिए आखिरी मेडल साबित हुआ. उस ओलिंपिक में भारत ने स्पेन को मात दी ‌थी. इस हाईवोल्टेज मुकाबले में भारत ने स्पेन को 4-3 से  मात दी थी.

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फाइनल मुकाबले में भारत ने स्पेन को मात दी थी (सांकेतिक फोटो)


टीम का सफर
पहले मैच में भारत (India) ने तंजानिया को 18-0 से हराया था. ओलिंपिक हॉकी में यह दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था. इससे पहले 1932 लॉज एंजलिस में भारत ने यूएसए पर 24-1 से जीत दर्ज की थी. इससे बाद पोलैंड से भारत ने 2-2 से ड्रॉ खेला. अगले मैच में भारत ने स्पेन से भी ड्राॅ मुकाबला खेला. दो ड्रॉ खेलने के बाद भारत क्यूबा को 13-0 से और मेजबान रूस को 4-2 से हराकर पूल में दूसरे स्‍थान पर रहा. पहले स्‍थान पर स्पेन की टीम थी. इसी के साथ भारत ने फाइनल में लिए भी क्वालीफाई कर लिया था.



दूसरे हाफ में भारत और स्पेन में बीच हुई थी कड़ी टक्कर  (सांकेतिक फोटो)


मोहम्मद शाहिद ने जगाई ‌थी उम्मीद
स्पेन के साथ भारत का फाइनल मुकाबला धड़कने रोक देना वाला रहा. इस समय भारत में सैटलाइट टेलीविजन आया ही था. दूसरे हाफ के शुरुआती मिनट में ही भारत ने तीन गोल करके शानदार बढ़त हासिल कर ली थी, लेकिन स्पेन ने पलटवार करते हुए दो गोल करके भारत को जवाब दिया. हालांकि इसके छह मिनट बाद मोहम्मद शाहिद (Mohammed Shaheed) ने गोल दागा, जिससे भारतीय टीम का उत्साह बढ़ा. दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर चल रही थी. इसके चार मिनट बाद ही स्पेन ने एक और  गोल दाग दिया. हुआन अमत ने यहां अपनी हैट्रिक पूरी की थी. आखिरी के मिनटों में  माहौल काफी टेंशन वाला हो गया था. लेकिन भारतीय डिफेंस ने इसके बाद स्पेन के आक्रामण को मजबूती से रोका और आखिरकार भारत 16 साल के इंतजार के बाद गोल्ड जीतने में सफल हो ही गया.

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मॉस्को ओलिंपिक में सुरिन्‍दर सिंह ने 16 गोल दागे थे (सांकेतिक फोटो)


जीत के हीरो
फाइनल में तो माेहम्मद शाहिद का गोल विजयी गोल साबित हुआ, लेकिन भारत को 16 साल बाद गोल्ड दिलवाने में सेंटर फॉरवर्ड सुरिन्दर सिंह सोढ़ी का बड़ा हाथ रहा. मॉस्को ओलिंपिक में सुरिन्‍दर सिंह ने 16 गोल दागे थे, जो ओलिंपिक में किसी भारतीय का सर्वाधिक स्कोर था. इससे पहले ओलिंपिक में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड उधम सिंह के नाम था. उन्होंने 1956 मेलबर्न ओलिंपिक में 15 गोल किए थे.

टीम: वासुदेवन भास्करन, बीर बहादुर छेत्री, Sylvanus Dung Dung, मेरविन फर्नांडिस, जफर इकबाल, महाराज कृष्‍णा कौशिक, चरणजीत मैनीपांडे, एलन स्‍कूफील्ड, देविन्द्र सिंह, गुरमेल सिंह, अमरजीत सिंह राणा, रजिन्दर सिंह, रविन्दर पाल सिंह, सुरिन्दर सिंह सोढ़ी

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First published: February 14, 2020, 7:35 AM IST
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