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Olympic CountDown 171 Days: ध्यान चंद और रूप सिंह की भाइयों की जोड़ी ने भारत को दिलाया था दूसरा गोल्ड

News18Hindi
Updated: February 4, 2020, 9:41 AM IST
Olympic CountDown 171 Days: ध्यान चंद और रूप सिंह की भाइयों की जोड़ी ने भारत को दिलाया था दूसरा गोल्ड
1932 ओलिंपिक खेल अमेरिका में हुए थे

1932 में ओलिंपिक खेलों (1932 Olympic Games) में हॉकी में केवल तीन टीमों ने हिस्सा लिया था जिसमें कोई फाइनल मुकाबला नहीं खेला गया था

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  • Last Updated: February 4, 2020, 9:41 AM IST
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नई दिल्ली. ओलिंपिक (Olympic) के इतिहास का पहला गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारतीय टीम (Indian Team) अगले ओलिंपिक में इसका बचाव करने के लिए तैयार थी. साल 1932 में अमेरिका के लॉस एंजेल्स (Los Angeles) में होने वाले थे. हालांकि 1929 में आए ग्रेट डिप्रेशन (Great Depression) के कारण दुनिया भर में मंदी का दौर चल रहा था जिसका असर भारत (India) पर भी दिख रहा था. कई देशों ने इस 1932 में हुए ओलिंपिक में अपने खिलाड़ियों को ना भेजने का फैसला किया.

हालांकि भारतीय ओलिंपिक फेडरेशन (Indian Olympic Federation) भारतीय हॉकी टीम को हर हाल में ओलिंपिक खेलों के लिए भेजना चाहते था. इन खेलों में केवल तीन टीमों ने हिस्सा लिया. भारत (India) के अलावा जापान (Japan) और मेजबान अमेरिका (America) टूर्नामेंट का हिस्सा थे.

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1932 ओलिंपिक के लिए रवाना होने से पहले भारतीय टीम


टीम का सफर



भारत  (India) ने इस सफर में दो मुकाबले खेले थे. टूर्नामेंट में कोई फाइनल मुकाबला नहीं खेला गया था. तीनों टीमें एक दूसरे से एक-एक बार भिड़ीं. भारतीय टीम का विजयी अभियान यहां भी जारी रहा और उन्होंने दोनों ही मुकाबलों में उसने जीतने दर्ज की. भारत ने इन ओलिंपिक खेलों में 35 गोल किए वहीं उनके खिलाफ केवल दो गोल हुए. भारत (India) ने पहले मुकाबले में जापान (Japan) को 11-1 से और अमेरिका को 24-1 से मात दी थी. अमेरिका (America) के खिलाफ 24-1 की जीत अंतरराष्ट्रीय हॉकी में आज भी सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड है. अमेरिका (USA) के खिलाफ इकलौता गोल भी इस कारण हुआ था क्योंकि मैच के दौरान गोलकीपर रिचर्ड एलेन (Richard Allen) निश्चिंत होकर फैंस को ऑटोग्राफ दे रहे थे. इस जीत के बाद अमेरिका (USA) के अखबरों ने भारत को हॉकी (Hockey) का किंग बताया था और उन्हें दुनिया की सबसे शानदार टीम भी कहा गया था.

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1932 ओलिंपिक में गोल्ड जीतने के बाद पोडियम पर खड़े टीम के कप्तान बौखारी


टीम के स्टार
इन खेलों में टीम के स्टार साबित हुए थे ध्यान चंद (Dhyan Chand) औऱ उनके भाई रूप सिंह (Roop Singh). ध्यान चंद   (Dhyan Chand)सेंट्रल फॉरवर्ड थे वहीं रूप सिंह (Roop Singh) लेफ्ट इन पॉजीशन पर खेलते थे. भारत ने अमेरिका में जो 35 गोल दागे उसमें से 25 गोल रूप सिंह और ध्यान चंद (Dhyan Chand) ने ही लगाए थे. जापान के खिलाफ रुप सिंह (Roop Singh) ने तीन और ध्यान चंद  (Dhyan Chand) ने चार गोल किए. वहीं अमेरिका के खिलाफ मुकाबले में रूप सिंह (Roop Singh) ने 10 और ध्यान चंद ने आठ गोल किए थे.  दोनों भाइयों ने इसके बाद 1936 ओलिंपिक खेलों में हिस्सा लिया था. अमेरिका के अखबारों ने रूप सिंह और ध्यान चंद को टीम इंडिया के शेर कहकर जीत की हेडलाइन दी थी. वहीं भारत में भी दोनों की जमकर तारीफें हुई थी.

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भारतीय टीम 1932 ओलिंपिक खेलों के दौरान


टीम -
रिचर्ड एलेन - (गोलकीपर)
मोहम्मद असलम
लाल बौखारी - (कप्तान)
रिर्चड कार
ध्यान चंद
लेसली हामंड
अर्थर हिंद
सैयद जाफर मासुद मिनहास
ब्रूम पिनिगर
गुरमीत सिंह कुल्लर
रूप सिंह
विलियम सुलिवान
कारलियेल टापसेल

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First published: February 4, 2020, 9:36 AM IST
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