खेलों की दुनिया: जानिए भारत का राष्ट्रीय खेल माने जाने वाला हॉकी कितना बदल गया है

खेलों की दुनिया: जानिए भारत का राष्ट्रीय खेल माने जाने वाला हॉकी कितना बदल गया है
भारत की दोनों हॉकी टीमें रैंकिंग के टॉप 10 में शामिल है

Hockey: ओलिंपिक के इतिहास में भारत (India) को सबसे ज्यादा सफलता हॉकी के खेल में ही मिली है, यह खेल कॉमनवेल्थ (Commonwealth) देशों में ज्यादा लोकप्रिय है

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 20, 2020, 9:47 PM IST
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नई दिल्ली. भारत में लंबे समय से ऐसा माना जाता रहा है कि देश का राष्ट्रीय खेल हॉकी (Hockey) है. आधिकारिक तौर पर यह सही नहीं है लेकिन देश ने इस खेल में जो उपलब्धियां हासिल की है कहीं न कही वह कारण है कि देश में इसे राष्ट्रीय खेल माना जाने लगा. भारत (India) ने ओलिंपिक (Olympic) के इतिहास में हॉकी (Hockey) ने कुल आठ मेडल हासिल किया जो अपने आप में रिकॉर्ड है.

हॉकी का इतिहास
हॉकी (Hockey) एक फ़्रेंच शब्द ‘हॉकेट’ से लिया गया है जिसका मतलब होता है शेफ़र्ड का बदमाश, ये हॉकी स्टिक के संदर्भ में कहा गया है. कई ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि मिस्र में 4,000 साल पहले खेल का एक प्राचीन रूप खेला जाता था.

इसके बाद यह इंग्लैंड (England) के स्कूल और क्लबों में खेला जाने लगा. इंग्लैंड के कारण ही यह उन देशों में पहुंचा जहां उनका राज था. इन देशों में भारत (India), पाकिस्तान, अफ़्रीकी देशों के साथ साथ ऑस्ट्रेलिया (Australia) जैसे देश शामिल हैं. अब हॉकी एक ग्लोबल खेल बन गया है जहां सभी पांच उपमहाद्वीप पुरुष और महिला टीम की टॉप-20 रैंकिंग में नजर आती हैं.
ओलिंपिक में हॉकी का सफर


ओलिंपिक में पहली बार हॉकी को 1908 में शामिल किया गया था जिसमें छह टीमों ने हिस्सा लिया था और इंग्लैंड को गोल्ड मेडल मिला था. हालांकि इसके बाद उसे बाहर कर दिया गया. 1920 में एक फिर शामिल करने के बाद इसे 1924 में फिर बाहर कर दिया. 1928 से यह लगातार ओलिंपिक का हिस्सा है वहीं 1980 से महिला टीम इसमें शामिल हुई.भारतीय राष्ट्रीय पुरुष हॉकी टीम का इतिहास शानदार रहा है, टीम इंडिया ने साल 1928 से लेकर 1956 तक लगातार 6 गोल्ड मेडल्स जीते, इसके बाद टीम ने 2 गोल्ड और अपने नाम किए. भारतीय हॉकी टीम के नाम 1980 मास्को में ओलंपिक पदक रहा, उसके बाद से हॉकी इंडिया हिस्ट्री में पदक का सूखा जारी है.

हॉकी के नियम
एक हॉकी पिच की लंबाई 91.4 मीटर और चौड़ाई 55 मीटर होती है, दोनों ही तरफ़ गोल पोस्ट होते हैं. हर गोल पोस्ट के चारों और अंग्रेज़ी अक्षर ‘D’ यह आधा सर्कल के आकार का घेरा बना होता है. गोल तभी वैध माना जाता है जब प्रतिद्वंदी के डी आकार के घेरे के अंदर जाकर किया गया हो. हॉकी अंपायरों के पास खिलाड़ियों को नियम का उल्लंघन करने के लिए कार्ड होते हैं. पीले कार्ड का अर्थ होता है उस खिलाड़ी को 5 या 10 मिनट के लिए मैच से बाहर रहना होगा, गंभीर फ़ाउल पर लाल कार्ड भी खिलाड़ियों को दिए जाते हैं, जिससे वह उस मैच में दोबारा नहीं खेल पाते. अंपायरों के पास एक और रंग का कार्ड होता है, वह क्या है ? ये देने का मतलब होता है खिलाड़ी को चेतावनी देना और उसे दो मिनटों के लिए मैदान से बाहर जाना होता है. , एक हरा कार्ड.

पेनल्टी शूटआउट में दोनों टीमों के पांच-पांच खिलाड़ी गोल पर शॉट लगाने की कोशिश करते हैं. यह पेनल्टी स्ट्रोक नहीं होता बल्कि खिलाड़ियों को आठ सेकंड के समय के अंदर गोल करना होता है. जिस टीम के पांच में ज्यादा गोल हो जाते हैं उसे विजेता घोषित किया जाता है.

हॉकी की फील्ड के बारे में
एक हॉकी पिच की लंबाई 91.4 मीटर और चौड़ाई 55 मीटर होती है, दोनों ही तरफ़ गोल पोस्ट होते हैं. प्रत्येक गोल पोस्ट के चारों और अंग्रेज़ी अक्षर ‘D’ आकार का घेरा बना होता है. गोल तभी वैध माना जाता है जब प्रतिद्वंदी के डी आकार के घेरे के अंदर जाकर किया गया हो. दोनों टीमों के 11 खिलाड़ी मैदान पर होते हैं जिसमें गोलकीर भी शामिल भी होता है. 15-15 मिनट के चार क्वार्टर औऱ 30-30 मिनट के दो हाफ होते हैं. स्कोर बराबर होने पर एक्सट्रा टाइम दिया जाता है. हालांकि इसके बावजूद स्कोर बराबर होता है तो पेनल्टी शूट आउट होता है.
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