महिला हॉकी टीम की मिडफील्डर निक्की प्रधान बोलीं, ओलंपिक से पहले हमारा ध्यान मौकों को भुनाने पर

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भारतीय महिला हॉकी टीम की मिडफील्डर निक्की प्रधान ने कहा कि आक्रमण में सुधार की काफी गुंजाइश है और उनका ध्यान सर्किल में मिले मौकों को भुनाने पर है. भारतीय टीम ने इस साल के शुरू में अर्जेंटीना और जर्मनी का दौरा किया था जिससे पहले कोविड-19 के कारण टीम कोई मैच नहीं खेल पाई थी.

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नई दिल्ली. भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी मिडफील्डर निक्की प्रधान (Nikki Pradhan) ने कहा कि टीम को इसी साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक से पहले मौकों को भुनाकर गोल करने की दर में सुधार करने की जरूरत है. भारतीय टीम ने इस साल के शुरू में अर्जेंटीना और जर्मनी का दौरा किया था. इससे पहले कोविड-19 के कारण टीम एक साल तक कोई मैच नहीं खेल पाई थी. जापान में होने वाले ओलंपिक खेल 23 जुलाई से शुरू होने हैं लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते इन खेलों को फिर से स्थगित किया जा सकता है. कोरोना के ही कारण पिछले साल इन खेलों को स्थगित कर दिया गया था.

निक्की प्रधान ने हॉकी इंडिया की ओर से जारी बयान में कहा, ‘इन मैचों का अच्छा पक्ष यह रहा कि मैच दर मैच हमने सुधार किया. अर्जेंटीना और जर्मनी दोनों खास शैली की हॉकी खेलते हैं और उनका उनके मैदानों पर सामना करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है लेकिन हमने बेहतर खेल दिखाया.’ उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि अब भी हमारे आक्रमण में सुधार की काफी गुंजाइश है तथा हमारा ध्यान सर्किल में मिले मौकों को भुनाने पर है.’

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27 साल की प्रधान ने कहा, ‘इसके साथ ही विशेषकर मिडफील्डर और फॉरवर्ड के बीच संवाद में काफी सुधार हुआ है क्योंकि हम सभी काफी लंबे समय से साथ में खेल रहे हैं.’ टीम को हालांकि इन दो दौरों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिले. अर्जेंटीना में उसने तीन मैच ड्रॉ खेले जबकि चार में उसे हार मिली जबकि जर्मनी ने उसने अपने सभी मैच गंवाए.
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