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टोक्‍यो ओलंपिक के फाइनल में टीम इंडिया से भिड़ गई थी पाकिस्‍तानी हॉकी टीम, फिर भारत ने खिताब जीतकर दिया जवाब

टोक्‍यो ओलंपिक के फाइनल में टीम इंडिया से भिड़ गई थी पाकिस्‍तानी हॉकी टीम, फिर भारत ने खिताब जीतकर दिया जवाब

भारत ने पाकिस्‍तान को हराकर 1964 ओलंपिक का गोल्‍ड मेडल जीता था (फाइल फोटो)

भारत ने पाकिस्‍तान को हराकर 1964 ओलंपिक का गोल्‍ड मेडल जीता था (फाइल फोटो)

भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 1-0 से हराकर टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympic) 1964 में पीला तमगा जीता था. फाइनल में तो तनाव इतना हो गया था कि अंपायरों को दखल देना पड़ा.

    नई दिल्ली. भारत और पाकिस्तान (India vs Pakistan) के बीच खेल के मैदान पर यूं तो हर मुकाबला तनावपूर्ण होता है, लेकिन बात ओलंपिक की हो और दांव पर गोल्‍ड मेडल हो तो तनाव का आलम की कुछ और रहा होगा. टोक्यो में 1964 में दोनों हॉकी टीमें फाइनल में आमने सामने थी और तनाव इतना कि अंपायरों को दखल देना पड़ा.
    रोम में चार साल पहले फाइनल हारने वाली भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 1- 0 से हराकर टोक्यो ओलंपिक 1964 में पीला तमगा जीता था. मोहिंदर लाल ने भारत के लिये विजयी गोल दागा था और गोलकीपर शंकर लक्ष्मण ने पाकिस्तान के हर जवाबी हमले को दीवार की तरह रोका.

    सेमीफाइनल और फाइनल थे मुश्किल 

    टोक्यो 1964 में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे चरणजीत सिंह ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल और पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल काफी कठिन थे. फाइनल में तो तनाव इतना हो गया था कि अंपायरों को दखल देना पड़ा. उन्होंने कहा कि मैने अपने खिलाड़ियों से कहा कि उनसे बात करके समय बर्बाद करने की बजाय अपने खेल पर ध्यान दो. चुनौती कड़ी थी, लेकिन हमने सब्र के साथ बेहतरीन प्रदर्शन करके एक गोल से मैच जीत लिया. रोम ओलंपिक 1960 में चोट के कारण पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल नहीं खेल सके सेंटर हाफ बैक चरणजीत ने कहा कि टोक्यो में हमने वह कसर पूरी कर दी. वहां से लौटने के बाद हवाई अड्डे पर हुआ भव्य स्वागत आज भी याद है.

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    एक बार फिर से पदक की उम्‍मीद

    ओलंपिक में हॉकी में भारत का वह सातवां स्वर्ण पदक था. भारतीय टीम लीग चरण में शीर्ष पर रही और सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 3-1 से हराया. पाकिस्तान के खिलाफ लगातार तीसरा ओलंपिक फाइनल था और टोक्यो में जीत भारत के नाम रही. अब उसी शहर में फिर ओलंपिक होने जा रहे हैं. चरणजीत ने कहा कि मैं हमारी दोनों टीमों को टोक्यो ओलंपिक के लिये शुभकामना देता हूं. ओलंपिक में पदक जीतना बहुत जरूरी है क्योंकि इससे देश में हॉकी को नयी उम्मीद मिलेगी. उम्मीद है कि 1964 की तरह वे पदक लेकर लौटेंगे.

    Tags: Hockey, Hockey India, Sports news, Tokyo olympic

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