भारतीय फुटबॉलर मनवीर सिंह बोले, अफगानिस्तान के खिलाफ लय बरकरार रखने की जरूरत

मनवीर सिंह ने कहा कि वह राष्ट्रीय टीम के कप्तान सुनील छेत्री से सीखने की कोशिश करते हैं. (Instagram)

मनवीर सिंह (Manvir Singh) ने कहा कि 2022 वर्ल्ड कप और एशियन कप के संयुक्त क्वालिफायर में बांग्लादेश के खिलाफ पिछले मैच में हासिल लय को बरकरार रखना होगा. उन्होंने कहा कि कतर के खिलाफ 0-1 की हार झेलनी पड़ी थी लेकिन अब यह पुरानी बात है.

  • Share this:
    दोहा. फॉरवर्ड मनवीर सिंह (Manvir Singh) ने कहा है कि पिछले मुकाबले में बांग्लादेश को हराने के बाद भारत को 2022 वर्ल्ड कप और 2023 एशियाई कप के संयुक्त क्वालिफायर के अफगानिस्तान के खिलाफ अपने अगले मुकाबले में लय बरकरार रखनी होगी. भारत ने सुनील छेत्री के दो गोल की बदौलत सोमवार को यहां बांग्लादेश को 2-0 से हराया जो विश्व कप क्वालिफायर में विदेशी सरजमीं पर पिछले 20 साल में टीम की पहली जीत थी.

    मनवीर ने कहा, ‘बांग्लादेश के खिलाफ पिछले मैच में हासिल लय को हमें बरकरार रखना होगा और यहां तक कि कतर के खिलाफ 0-1 की हार के दौरान की लय को भी लेकिन सभी को पता है कि यह अतीत की बात है.’ उन्होंने कहा, ‘15 जून को होने वाला मुकाबला नई शुरुआत की तरह होगा. हमें सब कुछ नए सिरे से करना होगा. कोच लगातार हमारे साथ काम कर रहे हैं। हमें उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना होगा.’

    मनवीर ने कहा कि वह राष्ट्रीय टीम के कप्तान सुनील छेत्री (Sunil Chhetri) और इंडियन सुपर लीग के अपने क्लब एटीके मोहन बागान के रॉय कृष्णा से हमेशा सीखने की कोशिश करते हैं. घरेलू सत्र में सफलता हासिल करने के बाद राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने वाले मनवीर ने कहा कि स्ट्राइकर के लिए कुछ भी स्थाई नहीं होता.

    इसे भी पढ़ें, कोच स्टिमक ने की सुनील छेत्री की तारीफ, बताया- 25 साल के खिलाड़ी वाली है एनर्जी

    उन्होंने एआईएफएफ से कहा, ‘जब मैं शीर्ष स्ट्राइकर के साथ खेलता हूं तो मेरा काम आसान हो जाता है. मैं सुनील भाई को देखता हूं और मैदान पर उनके धैर्य को दोहराने की कोशिश करता हूं. अंत में धैर्य के साथ खेलने से काफी अंतर पैदा होता है. यह मेरे लिए शिक्षा है. मैच के दौरान स्ट्राइकर को काफी मौके नहीं मिलते.’

    फीफा विश्व कप 2022 का 2019 में कतर के खिलाफ पहले चरण के मुकाबले ने मनवीर के अंतरराष्ट्रीय करियर को बदलकर रखा दिया. इस मैच से पहले 25 साल के खिलाड़ी को भारत के लिए नियमित रूप से खेलने का मौका नहीं मिलता था लेकिन कतर के खिलाफ प्रदर्शन से वह इगोर स्टिमक की टीम का स्थाई हिस्सा बन गए. मनवीर ने कहा कि उनके पिता छेत्री के खिलाफ खेले हैं और वह उन्हें हमेशा इस भारतीय कप्तान से सीखने की सलाह देते हैं.