कोविड-19 से जुड़ी पाबंदियों के चलते स्पेनिश इंटरनेशनल में नहीं खेल पाएंगे भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी

भारतीय खिलाड़ी प्रमोद भगत की पैरालंपिक की तैयारियों को झटका लगा है. (Pic- Twitter)

भारतीय खिलाड़ी प्रमोद भगत की पैरालंपिक की तैयारियों को झटका लगा है. (Pic- Twitter)

कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्पेन ने भारत से आने वाले यात्रियों के लिए 10 दिन का अनिवार्य आइसोलेशन लागू कर दिया है, इसी वजह से खिलाड़ियों के लिए टूर्नामेंट में हिस्सा लेना संभव नहीं है. टूर्नामेंट का आयोजन 11 मई से होना है, इससे प्रमोद भगत और सुकांत कदम समेत पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों की पैरालंपिक की तैयारियों को झटका लगा है.

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नई दिल्ली. कोविड-19 महामारी के चलते नए क्वारंटीन नियमों के कारण भारतीय टीम स्पेनिश इंटरनेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएगी. इससे देश के शीर्ष पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों प्रमोद भगत (Pramod Bhagat) और सुकांत कदम की पैरालंपिक की तैयारियों को झटका लगा है. टूर्नामेंट का आयोजन 11 से 16 मई तक होना है लेकिन स्पेन ने भारत से आने वाले यात्रियों के लिए 10 दिन का अनिवार्य आइसोलेशन लागू किया है जिसके कारण खिलाड़ियों के लिए टूर्नामेंट में हिस्सा लेना संभव नहीं है.

भगत ने कहा, ‘दुबई पैरा बैडमिंटन टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के बाद मैं स्पेनिश इंटरनेशनल में हिस्सा लेने को लेकर उत्सुक था क्योंकि यह पैरालंपिक से पहले आखिरी टूर्नामेंट था.’ उन्होंने कहा, ‘मैं इसका इस्तेमाल टोक्यो में पैरालंपिक की तैयारी के मौके के रूप में करना चाहता था लेकिन मैं समझ सकता हूं कि ये मुश्किल समय है. मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे कोविड-19 से जुड़े नियमों का पालन करें और सुरक्षित रहें.’

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भगत और कदम भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने पिछले महीने दुबई पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल में चार स्वर्ण, छह रजत और सात कांस्य पदक जीते.  दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी भगत ने हमवतन कुमार नितेश को एसएल3 पुरुष एकल फाइनल में हराकर स्वर्ण पदक जीता. उन्होंने मनोज सरकार के साथ मिलकर पुरुष युगल एसएल3-एसएल4 स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता.


एसएल4 पुरुष एकल में रजत पदक जीतने वाले कदम ने कहा, ‘हां, इससे हमारी तैयारियां थोड़ी प्रभावित होंगी क्योंकि हम पैरालंपिक से पहले अधिक प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट खेलना चाहते थे. मैं इस टूर्नामेंट को लेकर विशेष रूप से उत्साहित था क्योंकि यहां स्वर्ण पदक जीतकर मैं रेस टू टोक्यो रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंच सकता था लेकिन हम इस फैसले का सम्मान करते हैं और कड़ी मेहनत करेंगे तथा पैरालंपिक में अच्छा प्रदर्शन करेंगे.’
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