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Womens Hockey: हॉकी में दिल टूटा, पर सिर गर्व से ऊंचा है; अभी तो उड़ान भरी है, सारा आकाश हमारा है

Womens Hockey: हॉकी में दिल टूटा, पर सिर गर्व से ऊंचा है; अभी तो उड़ान भरी है, सारा आकाश हमारा है

Tokyo Olympics 2020: भारतीय हॉकी महिला टीम को ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में 3-4 से हार का सामना करना पड़ा. (AP)

Tokyo Olympics 2020: भारतीय हॉकी महिला टीम को ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में 3-4 से हार का सामना करना पड़ा. (AP)

Tokyo Olympics 2020: भारतीय महिला हॉकी (Indian Womens Hockey Team) को टोक्यो ओलंपिक के ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा. लेकिन यह ऐसी हार नहीं, जिस पर रंज हो. भला कितनी बार ऐसा हुआ है कि हमारी हॉकी टीम (Womens Hockey Team) 0-2 से पिछड़ने के 5 मिनट के भीतर 3-2 की बढ़त बना ले. टोक्यो में ऐसा हुआ. इसलिए जब कभी आप अपनी इन बेटियों से मिलिएगा तो यह मत कहिएगा कि वे हार गईं. कहिएगा कि आपने टोक्यो में कमाल कर दित्ता.

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नई दिल्ली. छोटा पंछी जब उड़ान भरे तो मां यह नहीं कहती कि कितनी जल्दी थक गए. वह कहती है कि जरा ठहर, सांस भर, अपना वक्त ले, सिर ऊपर उठा और देख- सारा आकाश हमारा है. हमारी बेटियां टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) में अपनी आखिरी उड़ान शायद ठीक से नहीं भर पाईं. मंजिल पर पहुंचकर लड़खड़ा गईं. जब सपना करीब आकर हाथ से छिटक जाए, कदम ठिठक जाएं, तो दिल टूटता है. बिलकुल, इस बार दिल जोर से टूटा है. लेकिन सिर फख्र से ऊंचा है. जानते हैं क्यों? क्योंकि अभी तो हमारी बेटियों ने उड़ान भरी है, सारा आकाश तो हमारा ही है.

भारतीय खेलप्रेमियों के लिए 6 अगस्त की सुबह बेहद उम्मीद भरी रही. सुबह 7 बजते ही सारा देश अपनी बेटियों को खेलते-जीतते देखने के लिए टीवी के सामने आ बैठा. बेटियों ने भी निराश नहीं किया. भला कितनी बार ऐसा हुआ है कि हमारी हॉकी टीम (Indian Womens Hockey Team) 0-2 से पिछड़ने के 5 मिनट के भीतर 3-2 की बढ़त बना ले. टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में ऐसा हुआ. भारत ने रियो ओलंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट ब्रिटेन के खिलाफ (India vs Great Britain) जिस बेहतरीन अंदाज में खेल दिखाया वह दिल खुश कर गया. हां, यह सच है कि आखिरी पलों में हम दबाव नहीं झेल पाए और लीड गंवा दी. ब्रिटेन जीत गया. स्कोर कार्ड में ब्रिटेन के सामने 4 और भारत के सामने 3 लिखा है, लिखा रहेगा. स्कोरकार्ड में भारत हार गया. लेकिन जब कभी आप अपनी इन बेटियों से मिलिएगा तो यह गलती से भी मत कहिएगा कि वे हार गईं. कहिएगा कि आप रियो में एक भी मैच नहीं जीती थीं, पर टोक्यो में कमाल कर दित्ता.

यह किसी टीम या मैच को देखने का दार्शनिक अंदाज कतई नहीं है. दरअसल, यह मैच देखने का पूरी तरह व्यवहारिक नजरिया है. विडंबना यह है कि हम व्यवहारिकता के नाम पर खुद को अक्सर हार-जीत की बेड़ियों में बांध लेते हैं. भले ही हमने रियो और टोक्यो ओलंपिक के बीच में खेले गए एक भी हॉकी मैच ना देखे हों, लेकिन चाहिए मेडल ही. हम अपनी खिलाड़ियों के नाम नहीं जानते, चेहरे नहीं पहचानते, पर चाहिए मेडल. अगर आप भी ऐसे हैं तो माफ कीजिएगा आप खेलप्रेमी नहीं, मेडल प्रेमी हैं. और इसीलिए कम से कम आपको निराश होने की जरूरत नहीं. मेडल कहीं ना कहीं तो मिल ही जाएगा. हॉकी में ना सही, किसी और खेल में. खेल में ना सही, किसी और विधा में.

जो खेल से प्रेम करते हैं, हॉकी को फॉलो करते हैं, वे जानते हैं कि पहली बार महिला हॉकी मॉस्को ओलंपिक में शामिल की गई. यानी, 1980 में. जब भारतीय महिला टीम पहली बार ओलंपिक में उतरी तो भारतीय पुरुष हॉकी टीम के नाम 8 गोल्ड के साथ 11 मेडल दर्ज थे. वैसे भी 1980 के ओलंपिक के हॉकी मेडल का सिर्फ पदकीय महत्व है. तब मॉस्को ओलंपिक का 50 से ज्यादा देशों ने बॉयकॉट किया था और शायद इसी कारण हमारी पुरुष टीम को गोल्ड और महिला टीम को एंट्री मिली थी.

महिला हॉकी टीम और अपनी बेटियों के खेल पर लौटते हैं. भारतीय महिला टीम पहली बार 1980 में ओलंपिक खेली. इसके बाद वह बरसों ओलंपिक के दृश्य से नदारद रही. वजह- ज्यादातर फील्ड की तरह हमें अपनी बेटियों को खेलते हुए देखना भी गवारा ना था. जो देखना भी चाहते थे, उनके ख्वाब सुविधाओं के अभाव में मर जाते थे. खैर, हमारी बेटियां उठीं, लड़ीं और लड़ते-लड़ते रियो जा पहुंचीं. 36 साल के लंबे अंतराल के बाद वे ओलंपिक पहुंच तो गईं, लेकिन वहां जाकर पता लगा कि दूसरी टीमों और उनके बीच बड़ा फासला है. भारतीय महिला टीम रियो से बिना जीते लौटी, पर हारी नहीं. उसके ना हारने का ही जज्बा ही हमने टोक्यो में देखा. सबने देखा कि जो टीम रियो में महज एक जीत के लिए तड़प गई थी, उसने टोक्यो में बड़े-बड़े दिग्गजों को हराया. हां, मेडल उनके हाथ से छिटक गया. लेकिन यकीन मानिए, भरोसा कीजिए- यह मेडल हमसे बहुत दिन दूर नहीं रहने वाला. अपनी बेटियों पर गर्व कीजिए. बेटियां अगले कुछ सालों में ऐसे कई मेडल आपके गले में पहनाने वाली हैं.

Tags: Indian Hockey, Olympics, Olympics 2020, Tokyo 2020, Tokyo Olympics, Tokyo Olympics 2020, Womens Hockey, ओलंपिक

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