पहलवान मर्डर केस में घायल पीड़ित का दावा-सुशील कुमार थे झगड़े में संलिप्त

सुशील कुमार 2008 और 2012 ओलंपिक में मेडल जीत चुके हैं. (Sushil Kumar Twitter)

सुशील कुमार 2008 और 2012 ओलंपिक में मेडल जीत चुके हैं. (Sushil Kumar Twitter)

पहलवान मर्डर केस में दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि ओलंपिक मेडल विजेता सुशील कुमार और उनके सहयोगियों ने यह अपराध किया है.

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नई दिल्ली. दिल्ली स्थित छत्रसाल स्टेडियम पार्किंग क्षेत्र में 23 वर्षीय पूर्व जूनियर राष्ट्रीय चैंपियन और पहलवान की पिटाई के दौरान हत्या कर दी गई थी. दिल्ली पुलिस ने कहा कि घायलों में से एक सोनू महल ने आरोप लगाया कि दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार इस घटना में शामिल थे. दिल्ली और हरियाणा के बाहरी इलाके में पहलवान की हत्या के मामले में सुशील कुमार को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा छापे मारे जा रहे हैं.

अतिरिक्त डीसीपी (उत्तर-पश्चिम जिला) गुरिकबल सिंह सिद्धू के अनुसार, “हमने पीड़ितों में से एक सोनू महल का बयान दर्ज किया है, जिन्होंने सुशील कुमार के खिलाफ आरोप लगाए थे. हम सुशील कुमार को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रहे हैं. जांच के दौरान हमने पाया है कि हमलावर बाहर से आए थे. ” बता दें कि दिल्ली पुलिस को बीते बुधवार दोपहर करीब 12 बजे छत्रसाल स्टेडियम में पहलवानों के बीच झगड़े की खबर मिली थी. झगड़े में घायल होने वाले पहलवान सागर को बीजेआरएम अस्पताल में भर्ती कराया गया जिसके बाद हालत बिगड़ती देख उसे ट्रॉमा सेंटल ले जाया गया, जहां बुधवार सुबह को उसकी मौत हो गई. सागर ने 97-किलोग्राम ग्रीको-रोमन श्रेणी में प्रतिस्पर्धा की थी और वह एक पूर्व जूनियर राष्ट्रीय चैंपियन और वरिष्ठ राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा थे. 


अतिरिक्त डीसीपी सिद्धू के कहा कि हमने जांच के दौरान पाया है कि स्टेडियम के पार्किंग क्षेत्र में सुशील कुमार, अजय, प्रिंस दलाल, सोनू, सागर, अमित और अन्य के बीच कथित तौर पर झगड़ा हुआ था. सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को आरोपी प्रिंस दलाल के मोबाइल फोन से घटना का एक रिकॉर्ड किया गया वीडियो भी मिला. वीडियो में सागर और अन्य लोगों द्वारा पिटाई किए जाने पर सभी हमलावरों के चेहरे देखे जा सकते हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार,  प्रिंस दलाल को मौके से गिरफ्तार किया गया और उसके कब्जे से 12 बोर के सात जिंदा कारतूस के साथ उसका सेलफोन, दो डबल बैरल गन जब्त किया. जांच के बाद पता चला कि बंदूकों को हरियाणा के झज्जर के अशोदा गांव के निवासी के नाम से पंजीकृत किया गया था.
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पुलिस ने मौके से दो एसयूवी समेत पांच कारें बरामद की हैं. उनमें से एक गुरुग्राम स्थित कंपनी के नाम पर पंजीकृत है. एक अन्य हरियाणा के अपराधी मोहित अशोदा के नाम पर है. अशोदा गैंगस्टर नवीन बाली का करीबी सहयोगी है. गैंगस्टर नीरज बवाना को गिरफ्तार करने के बाद नवीन बाली गिरोह चला रहा है. पुलिस सूत्रों ने कहा, प्रिंस दलाल रोहतक विश्वविद्यालय के तीसरे वर्ष का छात्र है और बाली से भी जुड़ा हुआ है. जांच के दौरान कई सीसीटीवी कैमरों को स्कैन किया गया था, लेकिन जिस इलाके में घटना हुई थी, उनमें से किसी ने भी कवर नहीं किया था. छत्रसाल स्टेडियम के ठीक बाहर स्थित कैमरों को स्कैन करने के बाद पता चला कि स्टेडियम के परिसर में जब घटना हुई थी, तब लगभग 10-15 पहलवान मौजूद थे. हालांकि, पुलिस के आने से पहले ही वे फरार हो गए.

जांच से पता चला है कि सागर और उसके दोस्त स्टेडियम के पास सुशील से जुड़े एक घर में रह रहे थे और हाल ही में उन्हें खाली करने के लिए कहा गया था. प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि सुशील पहलवान और उनके सहयोगियों ने इस अपराध को अंजाम दिया. मामले में एफआईआर एक पीसीआर कॉल के आधार पर सहायक उप-निरीक्षक (ASI) जितेंद्र सिंह द्वारा दर्ज की गई.

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