एक ऐसा फॉर्मूला जिसे सबने किया रिजेक्‍ट, उसे धोनी ने बनाया सुपरहिट

एक ऐसा फॉर्मूला जिसे सबने किया रिजेक्‍ट, उसे धोनी ने बनाया सुपरहिट
चेन्‍नई सुपर किंग्‍स (photo-iplt20.com)

करीब 33 साल बाद महेंद्र सिंह धोनी एंड कंपनी ने अपने दमदार प्रदर्शन से साबित कर दिया है कि उम्र महज आंकड़ा है.

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टीम इंडिया की विश्व चैम्पियनशिप जीत पर सुनील गावस्कर की 1985 में लिखी किताब ‘वन डे वंडर्स’ में एक रोचक घटना का जिक्र है जिसमें गावस्कर, मोहिंदर अमरनाथ और मदन लाल सभी 30 बरस से ऊपर के थे और आपस में एक दूसरे को ‘ओ टी’ कहकर बुलाते थे. यही नहीं, ऑस्ट्रेलिया में टूर्नामेंट के दौरान इन तीनों में से कोई भी जब अच्छा कैच लपका या चुस्त फील्डिंग करता तो बाकी आकर कहते,‘वेल डन ओ टी.’ ओ टी यानी ‘ओवर थर्टी’ यानी तीस बरस से अधिक उम्र के खिलाड़ी.

करीब 33 साल बाद महेंद्र सिंह धोनी एंड कंपनी ने अपने दमदार प्रदर्शन से साबित कर दिया है कि उम्र महज आंकड़ा है. यकीनन धोनी ने अनुभवी खिलाड़ियों की ऐसी फौज बनकर उभरी है जिसके किले को भेदना हर विरोधी टीम के लिये टेढी खीर साबित हुआ है. अंतत: वह चैंपियन बन गई.

धोनी ने बदली धारणा
टी 20 क्रिकेट को यंग खिलाड़ियों का गेम माना जाता है और वो इस लिये क्‍योंकि इसकी रफ्तार टेस्‍ट और वनडे क्रिकेट से कहीं ज्‍़यादा है. इस दौर में जब किसी टीम के खिलाड़ियों की औसत उम्र 34 बरस के पार हो तो उसकी आलोचना होना स्‍वभाविक है.
खुद धोनी 36 बरस के हैं जबकि अंबाती रायडु 32, ड्वेन ब्रावो 34, फाफ डु प्‍लेसी 33, मुरली विजय 33, सुरेश रैना 31, शेन वॉटसन और हरभजन सिंह 37 बरस के हैं. इससे भी कहीं बढ़कर इमरान ताहिर 39 साल के हैं. सच तो ये है कि शुरुआत में सभी ने चेन्‍नई को ‘बूढों की फौज’ कहकर खारिज कर दिया था. हालांकि चेन्‍नई के चैंपियन बनने के बाद आलोचक एकदम चुप हैं. रायडु ने (602 रन), वॉटसन ने (555 रन),धोनी ने (455 रन), सुरेश रैना (445 रन), ब्रावो ने (14 विकेट) आदि ने शानदार प्रदर्शन किया है.



कभी धोनी थे युवाओं के पक्ष में
अगर आईपीएल के मौजूदा सीजन में चेन्‍नई में उम्रदराज खिलाड़ी शामिल थे तो उसमें सबसे अहम भूमिका थी धोनी की, क्‍योंकि उनके इशारे पर ही उन्‍हें चुना गया था. वैसे किसी वक्‍त धोनी ने वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर और गौतम गंभीर को फील्डिंग की वजह से एक साथ खिलाने को लेकर नारजगी व्‍य‍क्‍त की थी. इसके बाद सहवाग और गंभीर के धोनी के साथ तल्‍ख रिश्‍तों से हर कोई वाकिफ है. यहीं नहीं, धोनी ने वनडे टीम में राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली को उनकी उम्र की वजह से भाव देना बंद कर दिया था.

धोनी का नया वर्जन
यकीनन समय के साथ धोनी ने अपनी सोच में बदलाव किया है और चेन्‍नई सुपर किंग्‍स में उम्रदराज खिलाड़ियों की उपस्थिति इस बात का नतीजा है. हालांकि चेन्‍नई के चैंपियन बनने के बाद धोनी ने कहा,'हम उम्र के बारे में बात करते हैं लेकिन फिटनेस अधिक महत्वपूर्ण है. रायडु 33 साल का है लेकिन यह बात वास्तव में मायने नहीं रखती. अगर आप किसी भी कप्तान से पूछोगे तो वे ऐसा खिलाड़ी चाहते हैं जो फॉर्म में हो.'

साथ ही उन्‍होंने कहा, 'हम अपनी कमज़ोरियों से वाकिफ थे. अगर वॉटसन डाइव लगाने की कोशिश करता तो वह चोटिल हो सकता था इसलिए हमने उसे ऐसा नहीं करने के लिए कहा. उम्र केवल नंबर है लेकिन आपको पूरी तरह फिट होना चाहिए.'
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