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टोक्यो ओलिंपिक स्थगित होने से जापान को लगने वाला 6 अरब डॉलर का झटका, होंगे ये नुकसान!

News18Hindi
Updated: March 24, 2020, 9:01 PM IST
टोक्यो ओलिंपिक स्थगित होने से जापान को लगने वाला 6 अरब डॉलर का झटका, होंगे ये नुकसान!
ओलिंपिक टलने से अब जापान पर होगा बड़ा साइडइफेक्ट

24 जुलाई से शुरू होने वाले टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympic) 2021 तक स्थगित कर दिए गए हैं, इसका असर जापान की अर्थव्यवस्था और वहां के आम लोगों पर पड़ने वाला है

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  • Last Updated: March 24, 2020, 9:01 PM IST
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टोक्यो. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने मंगलवार को टोक्यो ओलंपिक खेल 2020 (Tokyo Olympics) को अगले साल गर्मियों तक के लिये स्थगित कर दिया. टोक्यो ओलिंपिक का आयोजन 24 जुलाई से नौ अगस्त के बीच होना था लेकिन कोरोना वायरस की वजह से इन्हें टालना पड़ा. ओलिंपिक खेल अब 2021 में टोक्यो में ही आयोजित होंगे लेकिन खेलों को टालने से जापान को काफी नुकसान होने वाला है. इसका असर जापान की अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर भी पड़ सकता है. आइए जानते हैं कैसे

जापान को 6 अरब डॉलर का झटका
टोक्यो शहर के लिए ओलिंपिक Tokyo Olympics) का स्थगित होना बहुत बड़ा झटका है जिसकी खेलों की तैयारियों के लिये अब तक काफी सराहना हुई थी. खेलों के लिये स्टेडियम काफी पहले तैयार हो गये थे और बड़ी संख्या में टिकट भी बिक गये थे. टोक्यो ने खेलों की मेजबानी पर 12 अरब 60 करोड़ डालर खर्च किया है और इसके ताजा बजट को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि खेलों को स्थगित करने से छह अरब डॉलर का अतिरिक्त खर्चा होगा.

जापान की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था हो सकती है धड़ाम



बता दें जापान की अर्थव्यवस्था 2012 में आए भूकंप और सुनामी के कारण लड़खड़ा रही है. उसे उम्मीद थी कि टोक्यो ओलिंपिक Tokyo Olympics) के बाद देश में सकारात्मक बदलाव आएंगे. साल 1964 में जब टोक्यो में ओलिंपिक आयोजित किए गए, तब लगभग 900 बिलियन येन का निवेश किया गया था, जो कि उस समय जापान की जीडीपी का 3 प्रतिशत हिस्सा था. इसके बाद साल के अंत तक जापान की इकनॉमी में 11.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. जापान को इस बार भी कुछ ऐसी ही उम्मीद थी लेकिन खेल ही स्थगित हो गए.

टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympic) से जापान को विदेशी पर्यटकों के अलावा कंस्ट्रक्शन बिजनेस में काफी वृद्धि की उम्मीद थी. टोक्यो ओलिंपिक के समय बड़ी तदाद में विदेशियों के आने की उम्मीद थी. विदेशी पैसा आने से जापान की इकोनॉमी को मजबूती मिलना तय था, जिससे येन (जापान की करेंसी) को अंतरराष्ट्रीय मार्केट में मजबूती मिलती. ओलिंपिक ऐसा मंच है, जहां से मेजबान देश घर पर आए पर्यटकों को सिर्फ खेल ही नहीं, बल्कि देश के अन्य पर्यटक स्थलों की और आकर्षित करने की कोशिश करते हैं. सरकार को उम्मीद थी कि इस साल के अंत तक लगभग 20 मिलियन विदेशी पर्यटक जापान आएंगे जिससे खेलों में किए गए निवेश की ना सिर्फ भरपाई होगी, बल्कि आगे आने वाले समय में भी यह मदद करेगा. हालांकि ऐसा हो ही नहीं पाया.

प्रायोजकों और प्रसारकों पर भी नकारात्मक असर
टोक्यो ओलिंपिक Tokyo Olympics) का स्थगित होना प्रायोजकों और प्रमुख प्रसारकों के लिये भी करारा झटका है जो कि विज्ञापन से होने वाले राजस्व के लिये हर चार साल में होने वाले खेल महाकुंभ का इंतजार करते हैं. जापान (Japan) ने स्पॉन्सरशिप को ब्रॉडकास्टिंग डील को मिलाकर अब तक तीन बिलियन डॉलर की डील की थी. यूएस टीवी, टीवी नेटवर्क एनबीसी ने अकेले ही ब्रॉडकास्टिंग के लिए 1.4 बिलियन डॉलर दिए थे. अब ये खेल स्थगित हो गए हैं तो इसके बाद इस डील पर भी संकट आ खड़ा हुआ है. साथ ही टोक्यो ओलिंपिक के आयोजकों ने खेलों को बदले कार्यक्रम में आयोजित करने की जटिलताओं की तरफ भी इशारा किया है. उनको ये डर है कि साल 2021 में स्टेडियम उपलब्ध होंगे या नहीं. इसके अलावा टोक्यों के होटलों के हजारों कमरों की बुकिंग को रद्द करना होगा.

15 दिनों के दौरान इन तीन कदमों ने तय कर दी थी टोक्यो ओलिंपिक की किस्मत

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First published: March 24, 2020, 9:01 PM IST
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