सुशील कुमार से ओलंपिक मेडल छिनेंगे या नहीं, क्या कहते हैं आईओसी के नियम

सुशील कुमार ने 2008 और 2012 ओलिंपिक में मेडल जीते. (Sushil Kumar Twitter)

सुशील कुमार ने 2008 और 2012 ओलिंपिक में मेडल जीते. (Sushil Kumar Twitter)

ओलंपियन रेसलर सुशील कुमार (Sushil Kumar) को जूनियर रेसलर सागर धनखड़ के हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है. हालांकि अभी वे सिर्फ आरोपी हैं. सुशील ने ओलंपिक में दो मेडल जीता है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या उनके ओलंपिक के मेडल छीने जाएंगे?

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नई दिल्ली. रेसलर सुशील कुमार (Sushil Kumar) पर हत्या के आरोप लगे हैं. उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि अभी वे सिर्फ आरोपी हैं. सुशील ने 2008 ओलंपिक में ब्रॉन्ज और 2012 ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता है. ऐसे में सब यही सवाल उठा रहे हैं कि क्या सुशील कुमार का ओलंपिक का मेडल छीना जाएगा? इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) के नियम ओलंपिक चार्टर (Olympic Charter) में दिए गए हैं.

ओलंपिक चार्टर में ओलंपिक के नियमों को लेकर जानकारी दी गई है. लेकिन इसमें ओलंपिक के बाद खिलाड़ियों के व्यहार पर मेडल छीनने का जिक्र नहीं है. इससे साफ है कि अगर सुशील कुमार पर हत्या का आरोप साबित भी हो जाता है तो सुशील कुमार के पास ओलंपिक का मेडल बना रहेगा. पिछले दिनों अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ओलंपियन तैराक क्लेट केलर को दंगे के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने ओलंपिक में पांच मेडल जीत थे. इस पर आईओसी की ओर से बयान आया था कि खिलाड़ियों को उनके खेल के आधार पर मेडल दिए जाते हैं. ऐसे में उनसे मेडल वापस नहीं लिए जाएंगे.

33 ओलंपिक मेडलिस्ट को हो चुकी है सजा

अमेरिकी मैगजीन टाइम के अनुसार, पिछले कुछ सालों में 33 ओलंपियन खिलाड़ियों को जेल की सजा हुई है. लेकिन किसी ने मेडल नहीं छीने गए हैं. इनके ऊपर हत्या, यौन शोषण और मानव तस्करी जैसे आरोप हैं. इसके बाद भी वे ओलंपियन हैं. अब तक 100 से अधिक खिलाड़ियों से मेडल छीने जा चुके हैं. अधिकतर मामले ड्रग्स यानी डोपिंग से जुड़े हुए हैं.
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ड्रग्स के आरोप पर छीने जाते हैं मेडल

ओलंपिक में मेडत तब छीने जाते हैं जब इवेंट के दौरान खिलाड़ी खुद को अनुचित तौर पर लाभ पहुंचाने की कोशिश करता है. इसमें ड्रग्स सबसे बड़ा कारण है. डोपिंग के चलते कई खिलाड़ियों के मेडल छीने भी गए हैं. हालांकि मेडल छीने जाने के कई और भी कारण रहे हैं. अमेरिका के डेकाथलॉन खिलाड़ी जिम थोर्पे ने 1912 ओलंपिक में दो गोल्ड जीते थे. लेकिन 1913 में उनसे यह मेडल ले लिए गए. उन पर आरोप लगे कि उन्होंने पैसे देकर ओलंपिक के पहले पैसे देकर बेसबॉल के मुकाबले खेले. हालांकि उनकी मौत के 30 साल बाद 1983 में ये मेडल थोर्पे को दे दिए गए.

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