लाइव टीवी

News18 Exclusive: टोक्यो ओलंपिक 2020 में मेडल लाने के लिए बेकरार हैं मीराबाई चानू

विमल कुमार@Vimalwa | News18Hindi
Updated: January 7, 2019, 12:35 PM IST

NIS पटियाला में अभ्यास कर रही हैं मीराबाई चानू

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 7, 2019, 12:35 PM IST
  • Share this:
भारत को टोक्यो ओलंपिक में वेटलिफ्टर मीराबाई चानू से गोल्ड मेडल की उम्मीद है. इस उम्मीद को मुकम्मल करने के लिए मीराबाई इस समय एनआईएस पटियाला में प्रैक्टिस कर रही हैं. वह कहती हैं कि वह जल्दी ही एशियन चैंपियनशिप क्वालीफाइंग में जोर आजमाइश करती नजर आएंगी लेकिन उनका बड़ा मकसद 2019 टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतना है. चानू एक बार वर्ल्ड चैंपियनशिप जीत चुकी हैं और कॉमनवेल्थ गेम्स में उनके नाम गोल्ड मेडल है. उन्हें स्पोर्ट्स में योगदान देने के लिए भारत सरकार पद्म श्री से सम्मानित कर चुकी है. बहरहाल, उन्होंने प्रैक्टिस के बीच थोड़ा वक्त निकालकर न्यूज18 के स्पोर्ट्स एडिटर विमल कुमार से बातचीत की और अपनी निजी और स्पोर्ट्स लाइफ के कई पहलुओं से रूबरू कराया.

न्यूज18: मीराबाई जब आप NIS पटियाला में अभ्यास करने आती हैं तो आपको कैसा लगता है?

मीराबाई चानू: सबसे पहले मुझे घर की याद आती है (मुस्कुराते हुए). छोटी उम्र से ही मैं बाहर आकर ट्रेनिंग करने लगी थी. वहीं बात करूं पटियाला NIS की तो यहां अभ्यास के लिए काफी अच्छी सुविधाएं मिली हैं. यह शानदार है.

न्यूज18: आप करीब 10 साल से स्पोर्ट्स में सक्रिय है. इन सालों में लड़कियों को लेकर स्पोर्ट्स में माहौल कितना बदला है. आप इसे किस तरह से देखती हैं?

मीराबाई चानू: हां, अब माहौल में काफी बदलाव आया है. जब हमने शुरुआत की थी तब हमें सपोर्ट करने वाला कोई नहीं था. अब भारत सरकार 'खेलो इंडिया' जैसे प्रोग्राम लेकर आई है. साथ ही छोटे बच्चे जो स्पोर्ट्स को लेकर उत्साहित हैं उनको लेकर भी काम किए गए हैं. इस तरह से पहले के मुकाबले स्पोर्ट्समेन के लिए काफी सपोर्ट देखने को मिला है जो अच्छा है.

न्यूज18: जब आप अपने गांव जाती हैं और छोटी बच्चियां या बच्चे आपके साथ फोटो खिंचाने के लिए तैयार रहते होंगे तो क्या लगता है कि मीराबाई अब स्टार बन गई हैं?

ये भी पढ़ें: के एल राहुल और मुरली विजय के टीम से बाहर होते ही फैंस ने मनाया जश्न, बताया Christmas Day का तोहफामीराबाई चानू: हां, लगता तो जरूर है लेकिन मैं अभी स्टार नहीं हूं जब मैं ओलंपिक में मेडल जीतूंगी तो मैं स्टार कहलाऊंगी. जिस स्कूल से मैंने पढ़ाई की है जब मैं वहां जाती हूं तो वहां पढ़ने वाले स्टूडेंट और टीचर्स को मुझसे मिलकर बहुत खुशी होती है और ये देखकर मुझे भी अच्छा लगता है.

न्यूज18: जब आप बचपन में गांव में रहती थीं. काफी मुश्किल के दिन थे. इसी दौरान एक दिन जंगल में लकड़ी काटने के बाद आपके भाई गठरी उठा रहे थे लेकिन उन्हें उसे उठाने में परेशानी हो रही थी. इसके बाद आपने उन्हें कैसे चौंकाया था. उस कहानी के बारे में बताइए.

मीराबाई चानू: जो भी घर का काम होता है मम्मी-पापा मेरे से ही कराते थे. मुझे भी काम करने में मजा आता था. हमारे घर में लकड़ी से ही खाना बनता था इसलिए लकड़ी को घर में इकट्ठा करके रखना होता था. इसलिए हम भाई-बहन जंगल से लकड़ी लेकर आते थे. वैसे मेरे भाई बहन एक-एक लकड़ी लेकर आते थे लेकिन मैं लकड़ियों का गट्ठर लेकर आती थी क्योंकि मुझे बोझ उठाना अच्छा लगता था. साथ ही मैं अपने सिर पर पानी का बर्तन भी रखकर घर आती थी. मेरे भाई मुझसे कहते थे कि आप छोटी हो- इतना मत उठाया करो लेकिन मुझे तो वजन उठाने में मजा आता था.

न्यूज18: उत्तर-पूर्व की लड़कियां या लड़के जब उत्तर भारत में या देश के अन्य भागों में जाते हैं तो उन्हें अक्सर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है तो क्या आपको ऐसी कोई मुश्किल हुई?

मीराबाई चानू: मुझे ऐसी किसी भी प्रकार की मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ा.

न्यूज18: आपने कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीता था. रियो में थोड़ा मायूस होना पड़ा. अब बड़ा मुकाबला टोक्यो, जापान में ही है. उसके लिए तो अभी समय है लेकिन अभी से आप किस तरह से तैयारी कर रही हैं?

मीराबाई चानू: आने वाले दिनों में मुझे एशियन चैपिंयनशिप क्वालीफाइंग में हिस्सा लेना है. हां, 2020 टोक्यो ओलंपिक दूर है लेकिन तैयारी के लिहाज से हमें खासा नजदीक नजर आता है. इसलिए हम उस टूर्नामेंट के लिए अभी से तैयारी कर रहे हैं. रियो की नाकामी से मैंने बहुत कुछ सीखा है. लिफ्टिंग कैसे करनी है, मेरे शरीर में क्या कमी है उन सब बातों का एहसास मुझे रियो ओलंपिक के बाद हुआ.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अन्य खेल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 25, 2018, 12:40 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर