160 महिला खिलाड़ियों ने कहा, सेक्सिज्म का हुई शिकार, अभद्र टिप्‍पणियां भी की गई

160 महिला खिलाड़ियों ने कहा, सेक्सिज्म का हुई शिकार, अभद्र टिप्‍पणियां भी की गई
यह सर्वे 39 खेलों की 1068 महिला खिलाड़ियों के बीच हुआ.

एक सर्वे में सामना आया कि महिला खिलाड़ियों को लगता है कि उनका प्रदर्शन पीरियड्स के कारण प्रभावित होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 11, 2020, 1:13 PM IST
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नई दिल्‍ली. कई महिला खिलाड़ी अपने साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ आवाज उठा चुकी हैं. हाल में ही बीसीसी ने महिला खिलाड़ियों पर सर्वे किया और इस सर्वे में सामने आया कि 30 फीसदी खिलाड़ी सोशल मीडिया पर ट्रोल हुई. ब्रिटेन की महिला एथलीट ने कहा कि सोशल मीडिया पर उन्‍हें कई बार अभद्र टिप्‍पणियों का शिकार होना पड़ा. 30 प्रतिशत ने माना है कि वे सोशल मीडिया पर ट्रोल हुई. उन्‍हें सेक्सिज्म का शिकार होना पड़ा.

1068 खिलाड़ियों के बीच हुआ सर्वे

यह सर्वे 39 खेलों की 1068 खिलाड़ियों के बीच हुआ. इनमें से 537 ने जवाब दिए. 160 खिलाड़ियों ने कहा कि वे कभी न कभी ट्रोलिंग का शिकार हुई है. अगर पिछले सर्वे से तुलना करें तो यह तीन गुना ज्‍यादा है.
इस सर्वे में 53.3 प्रतिशत ने कहा कि उन्‍हें क्‍लब या गवर्निंग बॉडी से फंड नहीं मिलता. वहीं 21.9 प्रतिशत का कहना है कि 100 फीसदी फंडिंग होती है
48.5 प्रतिशत ने कहा कि उन्‍हें गवर्निेंग बॉडी से पुरुषों के समान समर्थन नहीं मिलता.
84 प्रतिशत महिला खिलाड़ियों को लगता है कि उन्‍हें उनकी काबिलियत के अनुसार भुगतान नहीं किया जाता है और न ही उसके अनुसार इनामी राशि नहीं दी जाती.
सर्व में सामना आया कि 60 फीसदी महिला खिलाड़ियों को लगता है कि उनका प्रदर्शन पीरियड्स के कारण प्रभावित होता है. यही नहीं पीरियड्स के कारण उन्‍हें प्रैक्टिस और टूर्नामेंट भी छोड़ने पड़े.
40 फीसदी का मानना है कि वे पीरियड्स को लेकर कोच से चर्चा करने में सहज महसूस नहीं करतीं.
21 फीसदी को लगता है कि कोरोना के बाद उन्‍हें खेल छोड़ना पड़ सकता है.
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