Olympic Count down 156 Days: अभिनव बिंद्रा-बीजिंग ओलिंपिक में स्वर्णिम इतिहास रचने वाला 'महानायक'

Olympic Count down 156 Days: अभिनव बिंद्रा-बीजिंग ओलिंपिक में स्वर्णिम इतिहास रचने वाला 'महानायक'
अभिनव बिंद्रा भारत को ओलिंपिक में एकमात्र व्यक्तिगत गोल्ड मेडल दिलाने वाले खिलाड़ी हैं (फाइनल फोटो)

अभिनव बिंद्रा 25 साल के थे और उन्‍होंने अपने आखिरी शॉट में 10.8 पर निशाना लगाया था और चीन के निशानेबाज झू किनान को पीछे छोड़कर पदक जीता था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 19, 2020, 8:32 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली: अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) ओलिंपिक खेलों में व्‍यक्तिगत स्‍वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं. उन्‍होंने 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में 2008 बीजिंग ओलिंपिक में सोने पर निशाना लगाया था. उस समय बिंद्रा 25 साल के थे और उन्‍होंने अपने आखिरी शॉट में 10.8 पर निशाना लगाया था और चीन के निशानेबाज झू किनान को पीछे छोड़कर पदक जीता था. चीनी निशानेबाज किनान उस समय ओलिंपिक के डिफेंडिंग चैंपियन थे. बिंद्रा की कामयाबी को 11 साल हो चुके हैं लेकिन अभी तक भी अभिनव बिंद्रा के अलावा किसी भारतीय को ओलिंपिक में गोल्‍ड मेडल नहीं मिला है.

बीजिंग में जीता था बिंद्रा ने गोल्ड


बीजिंग ओलिंपिक में अपनी स्‍पर्धा में अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) ने क्‍वालिफिकेशन राउंडर में 600 में से 596 पॉइंट लिए थे. फाइनल में वे चौथे नंबर के निशानेबाज के तौर पर पहुंचे. रोमानिया के शूटर जॉर्ज अलिन मोल्‍डोवीनू उनके साथ थे. भारत के एक अन्‍य शूटर गगन नारंग फाइनल के लिए क्‍वालिफाई नहीं कर पाए. वे 9वें नंबर पर रहे और बाहर हो गए. फाइनल में बिंद्रा ने अपने गेम को काफी ऊंचा उठाया. उन्‍होंने किसी ने राउंड में 10 से कम अंक पर निशाना नहीं लगाया.



बिंद्रा ने कुल 700.5 अंक बटोरे थे

आखिरी शॉट से पहले तक क्‍वालिफिकेशन राउंड में टॉप करने वाले हेनरी हेक्‍कीनेन 598 पॉइंट के साथ उनके बराबर थे. लेकिन अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) ने आखिरी शॉट जहां 10.8 का लगाया जबकि हेक्‍कीनेन को 9.7 पॉइंट मिले. बिंद्रा ने कुल 700.5 अंक बटोरे और 2004 एथेंस ओलिंपिक के गोल्‍ड मेडलिस्‍ट झू किनान को पीछे छोड़ा.

बिंद्रा ने कराई थी आंखों की सर्जरी


बिंद्रा (Abhinav Bindra) को अपने परिवार से भी पूरा सहयोग मिला. उनके पिता ने घर पर ही शूटिंग रेंज बना दी थी ताकि बेटे को पूरा समय मिल सके. अभिनव बिंद्रा ने 15 साल की उम्र में 1998 कॉमनवेल्‍थ खेलों में हिस्‍सा लिया था. उस समय वह इन खेलों में शामिल होने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे. लेकिन उनके सामने शुरुआती दिनों में सबसे बड़ी समस्‍या नजर की थी.

उनकी दोनों आंखों में -2 पावर के चश्मे की जरूरत थी. शूटिंग की वजह से यह -4 तक पहुंच गई. ऐसे में उन्‍हें सर्जरी करानी पड़ी. 2008 में बीजिंग ओलिंपिक से 2 साल पहले उनकी रीढ़ की हड्डी में चोट लगी जिससे करियर खतरे में पड़ गया और उन्‍हें दोहा एशियाई खेलों से नाम वापस लेना पड़ा. लेकिन अभिनव ने इस चोट को भी पीछे छोड़ा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज