ISSF ने किया ओलिंपिक क्वालिफिकेशन नियमों में बदलाव, भारत को मिलेगा फायदा

ISSF ने किया ओलिंपिक क्वालिफिकेशन नियमों में बदलाव, भारत को मिलेगा फायदा
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आईएसएसएफ के अनुसार टोक्यो 2020 (Tokyo Olympic) के लिए क्वालिफिकेशन हासिल करने की नयी समय सीमा छह जून 2021 है.

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नई दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (IOC) ने टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympic) के लिए निशानेबाजी में क्वालीफिकेशन हासिल करने की संशोधित प्रणाली को मंजूरी दे दी, जिससे 15 कोटा हासिल कर चुके भारत (India) को एक और स्थान हासिल हो सकता है. भारत ने 2018 विश्व चैम्पियनशिप (कोरिया) से शुरू हुए क्वालीफिकेशन प्रक्रिया से रिकार्ड संख्या में कोटा हासिल किये है.

भारत को मिलेगा एक और कोटा
टोक्यो ओलिंपिक कोविड-19 (Covid-19) महमारी के कारण एक साल के लिए टल गया है. इन खेलों का आयोजन जुलाई-अगस्त 2021 में होगा. इसके लिए कई स्पर्धाओं के क्वालीफिकेशन प्रतियोगिताओं में बदलाव किया गया है. अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (आईएसएसएफ) ने एक बयान में बताया, ‘संशोधित क्वालिफिकेशन का आधार विश्व रैंकिंग (31 मार्च 2020) होगा जिसमें आईएसएसएफ राइफल / पिस्टल विश्व कप और आईएसएसएफ शॉटगन विश्व कप में अर्जित अंक को जोड़ा जाएगा. इन टूर्नामेंटों का आयोजन मार्च-अप्रैल 2021 में होना है.’

युवा निशानेबाज अनीश भानवाल को मिल सकता है फायदा
भारतीय राष्ट्रीय राइफल महासंघ (एनआरएआई) के एक सूत्र ने बताया कि इससे अनीश भानवाल जैसे निशानेबाज को 25 मीटर रैपिड-फायर पिस्टल में अपने लिए कोटा सुरक्षित करने का मौका मिल सकता है. इस श्रेणी में भारत के विजय कुमार ने लंदन ओलंपिक में रजत पदक जीता था.



उन्होंने बताया, ‘अनीश 31 मार्च की रैंकिंग में शीर्ष 10 में थे और उनके ऊपर के अन्य सभी निशानेबाजों ने पहले ही अपना कोटा हासिल कर लिया है. ऐसे में उसके पास मौका जरूर है.’ उन्होंने कहा, ‘ स्थान तभी पक्का होगा जब वह मार्च-अप्रैल 2021 में होने वाले विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करेंगे.’

भारत को शूटिंग में मेडल का विश्वास
आईएसएसएफ के अनुसार टोक्यो 2020 (Tokyo Olympic) के लिए क्वालिफिकेशन हासिल करने की नयी समय सीमा छह जून 2021 है. आईएसएसफ (ISSF) ने इस साल प्रस्तावित सभी विश्व कप को कोरोना वायरस महामारी के कारण रद्द कर दिया.

भारतीय निशानेबाजों ने वर्ष 2019 में लगातार अच्छा प्रदर्शन करके अपना दबदबा इस तरह से बनाया कि कुछ अवसरों पर तो विश्व प्रतियोगिताएं घरेलू टूर्नामेंट जैसी लगी जिससे तोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympic) में इस खेल से अधिक से अधिक पदक बटोरेने की उम्मीद बंध गयी है.

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