लाइव टीवी

अमित पंघाल वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने के लिए ऐसे कर रहे हैं तैयारी

भाषा
Updated: September 21, 2019, 4:28 PM IST
अमित पंघाल वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने के लिए ऐसे कर रहे हैं तैयारी
अमित पंघाल फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बॉक्सर हैं

दूसरे वरीय अमित पंघाल (Amit Panghal) फाइनल में उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) के शाखोबिदिन जोइरोव से भिड़ेंगे जिन्होंने फ्रांस (France) के बिलाल बेनामा को दूसरे सेमीफाइनल में शिकस्त दी.

  • भाषा
  • Last Updated: September 21, 2019, 4:28 PM IST
  • Share this:
एकट्रिनबर्ग. वर्ल्ड चैंपियनशिप (World Championship) के फाइनल में पहुंच कर इतिहास रचने वाले भारतीय मुक्केबाज अमित पंघाल (Amit Panghal) (52 किग्रा) ने कहा कि उनका काम अभी पूरा नहीं है क्योंकि उनका लक्ष्य शनिवार को गोल्ड मेडल जीतने का है.

एशियन चैंपियन (Asian Champion) अमित पंघाल (Amit Panghal) शुक्रवार को सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के साकेन बिबोसिनोव को 3-2 हराकर फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बॉक्सर बने. दूसरे वरीय पंघाल फाइनल में उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) के शाखोबिदिन जोइरोव से भिड़ेंगे जिन्होंने फ्रांस के बिलाल बेनामा (Bilal Benama) को दूसरे सेमीफाइनल में शिकस्त दी.

फाइनल मुकाबले पर पंघाल ने कहा, ‘फाइनल में जिस मुक्केबाज से मेरा सामना था वह मुझ से लंबा था लेकिन उसके पंच में मेरी तरह दमखम नहीं था. फाइनल में जिस मुक्केबाज से मुझे भिड़ना है मुझे उसके बारे में कुछ नहीं पता. मैं पहले कभी उसके खिलाफ रिंग में नहीं उतरा हूं. मैं पुराने वीडियो देखकर मुकाबले की तैयारी करूंगा.’

पंघाल ने सेमीफाइनल की जीत पर कहा, ‘जाहिर है मैं काफी खुश हूं लेकिन अभी मेरा काम पूरा नहीं हुआ है. मैंने काफी मेहनत की है और यह सुनिश्चित करना चाहूंगा कि मुझे सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार मिले.’

एशियन चैंपियन को अभी बहुत कुछ करना है हासिल 

भारतीय मुक्केबाजी में पंघाल के ऊपर चढ़ने का ग्राफ शानदार रहा है जिसकी शुरुआत 2017 एशियन चैंपियनशिप में 49 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल से हुई थी. वह इसी साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में डेब्यू करते हुए क्वार्टरफाइनल तक पहुंचे थे और फिर उन्होंने बुल्गारिया में प्रतिष्ठित स्ट्रांदजा मेमोरियल में लगातार गोल्ड मेडल हासिल किये और फिर वह 2018 में एशियन चैंपियन बने. पंघाल इकलौते भारतीय बॉक्सर है जिसने यूरोप के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित प्रतियोगिता स्ट्रांदजा मेमोरियल में लगातार दो बार गोल्ड मेडल हासिल किया.

इस साल उन्होंने एशियाई चैंपियनशिप का गोल्ड अपने नाम कर किया और फिर 49 किग्रा के ओलिंपिक कार्यक्रम से हटने के बाद 52 किग्रा में खेलने का फैसला किया.
Loading...

पंघाल ने कहा, ‘मैंने सामंजस्य बैठा लिया है. मुझे अपने पंच में दमखम की जरूरत थी जो मैंने किया. मैं सही दिशा में आगे बढ़ रहा हूं लेकिन अभी मेरा काम पूरा नहीं हुआ है.’रोहतक का यह खिलाड़ी भारतीय सेना में नाएब सूबेदार के पद पर तैनात है.

टेस्ट कॉन्ट्रेक्ट न मिलने पर मोईन अली ने उठाया बड़ा कदम, क्रिकेट के लंबे फॉर्मेट से लेंगे ब्रेक

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अन्य खेल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 21, 2019, 1:01 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...