Love Story : पहले कोच बने फिर हमसफर और फिर अंजू के सपनों के लिए छोड़ दिया अपना करियर

Love Story : पहले कोच बने फिर हमसफर और फिर अंजू के सपनों के लिए छोड़ दिया अपना करियर
अंजू बॉबी जॉर्ज और उनके पति बॉबी रोबार्ट्स

भारतीय एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज (Anju Bobby George) ने अपने पर्सनल ट्रेनर और कोच बॉबी रॉबटर्स (Bobby Roberts) से शादी की है

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2020, 2:41 PM IST
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नई दिल्ली. अंजू बॉबी जॉर्ज (Anju Bobby George) भारतीय एथलेटिक्स में एक जाना-माना नाम हैं. लॉन्ग जंपर इस खिलाड़ी ने साल 2003 में पेरिस (Paris) में हुई एआईएफएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप (एआईएफएफ अब वर्ल्ड एथलेटिक्स के नाम से जाना जाता है) में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था. वह वर्ल्ड चैंपियनशिप (World Championship) में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट थीं. इसके दो साल बाद उन्होंने 2005 में एआईएफएफ फाइनल (AIFF Final) में गोल्ड मेडल हासिल किया जिसे वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मानती हैं. अर्जुन अवॉर्डी इस खिलाड़ी के नाम कई और ऐसे रिकॉर्ड हैं. अंजू की इस सफलता के पीछे उनके कोच का सबसे बड़ा हाथ है जिन्होंने अंजू के लिए अपने करियर की कुर्बानी दे दी. वह कोच अंजू की जिंदगी में दोस्त, साथी, गुरु और हमसफर सभी को एक साथ परिभाषित करता है.

साई केंद्र में हुई थी अंजू-बॉबी की पहली मुलाकात
आमतौर पर देखा जाता है कि अपने साथी की सफलता के लिए महिलाएं अपनी पूरी जिंदगी कुर्बान कर देती हैं. हालांकि दुनिया में ऐसे उदाहरण कम ही देखने को मिलते हैं जहां कोई पुरुष अपना करियर अपने सपने और इच्छाएं अपने साथी के लिए कुर्बान कर दें. अंजू की किस्मत में बॉबी रॉबर्ट्स थे जिन्होंने वह किया जिसकी उम्मीद खुद अंजू को भी नहीं थी. वह जिस समय खेल में सक्रिय थीं तब बॉबी (Bobby Roberts) उनके जंप कोच, कुक, स्पोर्ट्स मैनेजर, ट्रेवल प्लैनर, स्पोर्ट्स साइक्लोजॉस्टि और दोस्त सभी कुछ थे. इस खास रिश्ते की शुरुआत हुई थी बैंगलोर के साई केंद्र में. 1996 में बॉबी और अंजू दोनों  नेशनल कोच पीटी जोसेफ (PT Joseph) के साथ ट्रेनिंग करते थे. इसी दौरान दोनों काफी अच्छे दोस्त बन गए. बॉबी मॉडल और मिस्टर इंडिया के फाइनलिस्ट थे और यही कारण था कि दिखने में बहुत आकर्षित लगते थे. बॉबी वॉलीबॉल प्लेयर के साथ-साथ ट्रिपल जंपर भी थे. उनका पूरा परिवार खेलों से जुड़ा हुआ था.

साल 1998 में होने वाले एशियन गेम्स के लिए अंजू क्वालिफाई नहीं कर पाई थी. इस समय तक बॉबी उन्हें काफी पसंद करने लगे थे और उन्होंने ठान लिया था कि वह अंजू को ट्रेन करेंगे. दोनों धीरे-धीरे एक दूसरे के प्यार में पड़ गए लेकिन इस बारे में किसी को कुछ बताया नहीं. कोच जोसेफ को इसका अंदाजा हुआ जब उन्होंने बॉबी के कमरे में अंजू की तस्वीरें देखी.
अंजू के लिए बॉबी ने खत्म कर दिया अपना करियर


साल 1998 में बॉबी खतरनाक कार एक्सीडेंट का शिकार बने जिससे उनका दायां घुटना टूट गया. अंजू (Anju Bobby George) मानती हैं कि बॉबी वापसी कर सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. अपने करियर का बलिदान देकर उन्होंने अंजू के फुल टाइम कोच बनने का फैसला किया. बॉबी की कोचिंग का असर दिखने लगा औऱ अगले ही साल 1999 में अंजू ने फेडरेशन कप में ट्रिपल जंप में राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया वहीं साउथ एशियन गेन्स में सिल्वर मेडल भी हासिल किया.

मुश्किल समय में भी बॉबी ने नहीं छोड़ा अंजू का साथ
हालांकि इसके बाद एक खतरनाक इंजरी के कारण वह सिडनी ओलिंपिक (Sydney Olympic) नहीं खेल पाई औऱ दो साल के लिए खेल से दूर रहीं. इसी दौरान 24 अप्रैल 2000 को उन्होंने बॉबी से शादी की. इसके बाद के कुछ सालों में अंजू ने जो कुछ हासिल किया उसने उन्हें भारत के खेल इतिहास में अलग मुकाम दिला दिया. उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप के मेडल अपनी झोली में डाले. अंजू अपने करियर की हर उपलब्धी की श्रेय बॉबी को देती हैं. वह कहती हैं कि बॉबी के त्याग और बलिदान के कारण वह सबकुछ हासिल कर पाई जो उनके पास आज है. वह जो कुछ भी हैं उन्हीं की वजह से हैं. अगर वह न होते तो शायद उनका जीवन दूसरों के लिए प्रेरणा कभी नहीं बनता.

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