अर्जन भुल्लर ने रचा इतिहास, MMA में विश्व खिताब जीतने वाले भारतीय मूल के पहले फाइटर बने

अर्जन सिंह भुल्लर ने कमाल का प्रदर्शन किया और दूसरे दौर में तो वेरा के खिलाफ दबदबा कायम रखा. (Video Grab/OneChampionship Twitter)

अर्जन सिंह भुल्लर ने कमाल का प्रदर्शन किया और दूसरे दौर में तो वेरा के खिलाफ दबदबा कायम रखा. (Video Grab/OneChampionship Twitter)

फ्रीस्टाइल पहलवान रहे अर्जन भुल्लर (Arjan Bhullar) ने 2010 में दिल्ली में आयोजित हुए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था. उन्होंने इतिहास रचते हुए एमएमए प्रमोशन में विश्व खिताब जीता और वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय मूल के फाइटर बन गए.

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नई दिल्ली. भारतीय मूल के कनाडाई फाइटर अर्जन भुल्लर (Arjan Bhullar) ने शनिवार को इतिहास रच दिया. अर्जन शीर्ष स्तर के मिक्स्ड मार्शल आर्टस (एमएमए) प्रमोशन में विश्व खिताब जीतने वाले पहले भारतीय मूल के फाइटर बन गए. वह ब्रैंडन वेरा को हराकर सिंगापुर की वन चैंपियनशिप में हैवीवेट विश्व चैंपियन बने. अर्जन ने वेरा को मात देकर उनके पांच साल से जारी चैंपियनशिप में विजय रथ को भी रोक दिया.

अर्जन ने इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया. खासतौर से दूसरे दौर में तो शुरू से ही दबदबा बनाया और मुकाबला जीत कर ही दम लिया. वेरा ने मैच के बाद कहा, 'यह मेरे अब तक के करियर में पहली बार है कि मुझे पहले दौर में पिछड़ने का अहसास हुआ. मैं फिट हूं और लगातार ट्रेनिंग ले रहा हूं. हम दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लोगों के साथ काम कर रहे हैं, यह मेरे लिए नया है.'


पूर्व पहलवान अर्जन भुल्लर ने 2010 में दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक जीता था और 2012 में लंदन में वह ओलंपिक में कनाडा का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले भारतीय मूल के फ्रीस्टाइल पहलवान बने. अपने कुश्ती करियर के बाद जब उन्होंने UFC-215 में लुइस एनरिग बारबोसा डी ओलिवेरा के खिलाफ अपना UFC डेब्यू किया और जीत दर्ज की तो वह ऐसा करने वाले भारतीय मूल के पहले फाइटर बन गए थे.
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35 साल के भुल्लर ने छोटी उम्र से ही पहलवानी शुरू कर दी थी. वह लगातार पांच साल तक कनाडा की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रहे और 2008 से 2012 तक 120 किग्रा वजन वर्ग में लगातार चैंपियन बनते रहे. वह 2007 में पैन अमेरिका खेलों में कनाडा की ओर से 120 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक भी जीत चुके हैं.

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