Asian Boxing Championship में संजीत कुमार ने जीता गोल्ड, अमित पंघाल-शिव थापा को सिल्वर

Asian Boxing Championship: संजीत कुमार ने जीता गोल्ड (फोटो-संजीत कुमार इंस्टाग्राम)

एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप (Asian Boxing Championship) में भारत ने 15 पदकों के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है. टीम ने इससे पहले 2019 में दो स्वर्ण सहित 13 पदक हासिल किये थे.

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    नई दिल्ली. भारतीय मुक्केबाजों में सिर्फ संजीत ( 91 किलो ) को एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिप (Asian Boxing Championship) में स्वर्ण पदक मिला जिसने ओलंपिक पदक विजेता वैसिली लेविट को हराया जबकि गत चैम्पियन अमित पंघाल (52 किग्रा), शिव थापा (64 किग्रा) को करीबी मुकाबले में हार के साथ सोमवार को रजत पदक के साथ संतोष करना पड़ा . संजीत ने लेविट को 4-1 से मात दी जो ओलंपिक के रजत पदक विजेता है . रियो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता एवं मौजूदा विश्व चैंपियन उज्बेकिस्तान के जोइरोव शाखोबिदीन ने 2019 की विश्व चैम्पयनशिप के फाइनल मुकाबले की तरह एक बार फिर ये पंघाल को 3-2 से हराया.

    भारत ने पंघाल की हार का रिव्यू मांगा था जिसे जूरी ने खारिज कर दिया . पंघाल को दूसरे दौर में विरोधी मुक्केबाज पर पूरी तरह से भारी पड़े थे जबकि उनके पक्ष में खंडित फैसला दिया . पंघाल ने मैच के बाद अपने कोच का जिक्र करते हुए ट्वीट किया, ' मैं इस रजत पदक को अपने कोच अनिल धनकड़ के नाम करता हूं.' थापा भी इसी अंतर से मंगोलिया के मंगोलिया के बातरसुख चिनजोरिग से हार गये. इस टूर्नामेंट में थापा का यह पांचवां पदक है. उन्होंने लगातार दूसरी बार रजत पदक हासिल किया. दोनों मुकाबलों में भारतीय मुक्केबाजों ने दमदार खेल दिखाया लेकिन जजों का फैसला उनके पक्ष में नहीं रहा.

    पंघाल-जोइरोव के बीच कड़ा मुकाबला
    पहले मुकाबले में तोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके दोनों मुक्केबाजों के बीच पहले दौर से ही तगड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली. जोइरोव पहले दौर में भारी पड़े तो पंघाल ने दूसरे दौर में अपने खेल का स्तर ऊंचा उठाया और प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी की फुर्ती और मुक्कों से बचने में सफल रहे. पंघाल ने आंख में चोट लगने के बाद भी तीसरे दौर में दमदार खेल दिखाया और इस दौर में जजों से उन्हें ज्यादा अंक मिले लेकिन कुल अंकों के आधार पर वह पिछड़ गये.

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    थापा ने भी मंगोलियाई मुक्केबाज के खिलाफ पहले दौर में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की थी. भारत ने संख्या के मामले में इस टूर्नामेंट में 15 पदकों के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है. टीम ने इससे पहले 2019 में दो स्वर्ण सहित 13 पदक हासिल किये थे. रविवार को डिफेंडिंग चैम्पियन पूजा रानी (75 किग्रा) ने स्वर्ण पदक हासिल किया जबकि छह बार की विश्व चैम्पियन एमसी मैरीकॉम (51 किग्रा) और टूर्नामेंट में पदार्पण कर रही लालबुतसाही (64 किग्रा) और अनुपमा (81 किग्रा से अधिक) को फाइनल में हारने के बाद में रजत पदक से संतोष करना पड़ा था.

    इससे पहले आठ भारतीय मुक्केबाज सिमरनजीत कौर (60 किग्रा), विकास कृष्ण (69 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा), जैस्मीन (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (64 किग्रा), मोनिका (48 किग्रा), स्वीटी (81 किग्रा) और वरिंदर सिंह (60 किग्रा) को कांस्य पदक मिला है.