बॉक्सर मैरीकॉम ने ओलंपिक की तैयारी के लिए एशियाई चैंपियनशिप को बताया अहम

दिग्गज बॉक्सर मैरीकॉम एशियाई चैम्पियनशिप के लिए बेताब (PC-मैरीकॉम इंस्टाग्राम)

दिग्गज बॉक्सर मैरीकॉम एशियाई चैम्पियनशिप के लिए बेताब (PC-मैरीकॉम इंस्टाग्राम)

ओलंपिक जाने वाली कुछ और महिला मुक्केबाजों के साथ मैरीकॉम पुणे में तैयारी कर रही हैं. पिछले महीने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में बायो बबल में कोरोना संक्रमण के कारण दिल्ली में शिविर बंद कर दिया गया था.

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नई दिल्ली. भारत की अनुभवी मुक्केबाज एम सी मैरीकॉम एशियाई चैम्पियनशिप में बरसों से दबदबा बनाए हुए हैं, लेकिन इस बार टोक्यो ओलंपिक से पहले तैयारी के मद्देनजर उनके लिए यह पदक जीतने के एक और मौके से बढ़कर है. चूंकि कोरोना संकट के कारण भारतीय मुक्केबाजों की तैयारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. मैरीकॉम ( 51 किलो ) ने इस प्रतियोगिता में सात बार भाग लेकर पांच बार स्वर्ण पदक जीता है.

छह बार की विश्व चैम्पियन मुक्केबाज 24 मई से दुबई में शुरू होने वाली इस चैम्पियनशिप में भाग लेगी. उन्होंने पुणे से पीटीआई से बातचीत में कहा, ''मैं प्रतियोगिता में भाग लेने को बेताब हूं. कोरोना महामारी के कारण टूर्नामेंट ही नहीं हो रहे हैं और ओलंपिक से पहले खुद को आंकने के लिए इसमें भाग लेना जरूरी है.'' टूर्नामेंट की शुरुआत 24 मई हो होगी जबकि ड्रॉ 23 मई को होगा. अंतरराष्ट्रीय यात्रा पाबंदियों के कारण टीम की रवानगी की योजना खटाई में पड़ती दिख रही थी लेकिन यूएई के अधिकारियों ने इजाजत दे दी.

ओलंपिक जाने वाली कुछ और महिला मुक्केबाजों के साथ मैरीकॉम पुणे में तैयारी कर रही हैं. पिछले महीने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में बायो बबल में कोरोना संक्रमण के कारण दिल्ली में शिविर बंद कर दिया गया था. मैरीकॉम ने कहा, ''यह आसान नहीं था. मैं मार्च में स्पेन में टूर्नामेंट खेलकर घर लौटी थी. मेरे बच्चों की तबीयत खराब थी और हालात के कारण अपनी आशंकाएं भी थी. फिर कोरोना के कारण दिल्ली का शिविर रद्द हो गया.''

उन्होंने कहा, ''किसी ना किसी कारण से अभ्यास शेड्यूल बाधित होता रहा. इसलिए एशियाई चैम्पियनशिप महत्वपूर्ण है, क्योंकि तैयारी के लिए प्रतियोगिता से बेहतर कुछ नहीं होता.'' ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई करने वाले मनीष कौशिक (63 किग्रा) और सतीश कुमार (91 किग्रा से अधिक) को टीम में जगह नहीं मिली है क्योंकि ये दोनों कोविड संक्रमण से उबर रहे हैं. भारत के पांच पुरुष मुक्केबाजों ने जुलाई-अगस्त में होने वाले टोक्यो खेलों के लिए क्वालीफाई किया है. कौशिक की जगह एशियाई चैंपियनशिप के चार बार के पदक विजेता शिव थापा जबकि सतीश की जगह नरेंदर को टीम में शामिल किया गया है.
पिछले महीने घोषित महिला टीम की अगुआई छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरीकॉम (51 किग्रा) करेंगी. टोक्यो के लिए क्वालीफाई करने वाली चारों मुक्केबाजों को टीम में जगह मिली है जिसमें सिमरनजीत कौर (60 किग्रा) भी शामिल हैं, जो हाल में कोविड-19 से उबरी हैं. भारत ने थाईलैंड में 2019 में हुई एशियाई चैंपियनशिप में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण, चार रजत और सात कांस्य पदक सहित 13 पदक जीते थे. टूर्नामेंट के लिए चुने गए खिलाड़ियों का नियमित तौर पर आरटी-पीसीआर परीक्षण होगा और वे पटियाला, पुणे और बेंगलुरू में जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में ट्रेनिंग कर रहे हैं.

भारतीय टीमें इस प्रकार हैं:

पुरुष: विनोद तंवर (49 किग्रा), अमित पंघाल (52 किग्रा), मोहम्मद हुसामुद्दीन (56 किग्रा), वरिंदर सिंह (60 किग्रा), शिव थापा (64 किग्रा), विकास कृष्ण (69 किग्रा), आशीष कुमार (75 किग्रा), सुमित सांगवान (81 किग्रा), संजीत (91 किग्रा) और नरेंदर (91 किग्रा से अधिक).



महिला: मोनिका (48 किग्रा), एमसी मेरकोम (51 किग्रा), साक्षी (54 किग्रा), जास्मिन (57 किग्रा), सिमरनजीत कौर (60 किग्रा), लालबुआतसाही (64 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा), पूजा रानी (75 किग्रा), स्वीटी (81 किग्रा) और अनुपमा (81 किग्रा से अधिक).

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