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Year Ender 2019: दुती चंद ने दिखाया दम, हिमा ने 6 गोल्ड जीत मचाई धूम, डोपिंग के साये से भी सुर्खियों में रही एथलेटिक्स

News18Hindi
Updated: December 27, 2019, 4:55 PM IST
Year Ender 2019: दुती चंद ने दिखाया दम, हिमा ने 6 गोल्ड जीत मचाई धूम, डोपिंग के साये से भी सुर्खियों में रही एथलेटिक्स
भारतीय एथलीट्स के लिए खास नहीं रहा यह साल

दुती चंद (Dutee Chand) 100 मीटर की स्पर्धा जीतकर वर्ल्ड यूनिवर्सिटी खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गयीं

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  • Last Updated: December 27, 2019, 4:55 PM IST
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भारतीय एथलेटिक्स के दो बड़े सितारे नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) और हिमा दास (Hima Das) चोटों के कारण सुर्खियों से दूर रहे जिससे वैश्विक पदक के मामले में यह साल देश के एथलेटिक्स के लिये सूखा रहा जिसमें डोपिंग के अलावा उम्र में हेरफेर के विवाद जारी रहे. निराशाओं के बीच हालांकि दुती चंद (Dutee Chand) ने इतिहास रच दिया. वह 100 मीटर की स्पर्धा जीतकर वर्ल्ड यूनिवर्सिटी खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गयीं. देश ने मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले और पुरूषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा (अविनाश साबले) में 2020 ओलिंपिक खेलों में स्थान पक्का किया.

वर्ष 2018 में नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) विश्व स्तरीय भाला फेंक एथलीट बनकर सुर्खियों में रहे थे. लेकिन 22 साल का खिलाड़ी पटियाला में ट्रेनिंग के दौरान चोटिल हो गया जिसके लिये उन्हें इस साल मई में कोहनी की सर्जरी करानी पड़ी. इससे वह दोहा (Doha) में एशियन चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक का बचाव करने नहीं उतर सके. वह विश्व चैंपियनशिप भी नहीं खेल पाये.

हिमा के छह गोल्ड मेडल ने मचाया कोहराम
जूनियर विश्व चैम्पियन हिमा (Hima Das) सत्र के शुरुआती हिस्से में एक्शन में रहीं लेकिन 2018 एशियाई खेलों के बाद उनकी पीठ के निचले हिस्से में लगी चोट उन्हें परेशान करती रही. यूरोप में ट्रेनिंग करने के साथ वह सुर्खियों में आयी क्योंकि चेक गणराज्य और पोलैंड में औसत दर्जें के टूर्नामेंटों में उन्होंने लगातार छह स्वर्ण पदक जीते जिससे मीडिया में हलचल मच गयी. असम की ‘धिंग एक्सप्रेस’ ने हालांकि एशियाई चैंपियनशिप से हटने का फैसला किया. इस 19 साल की खिलाड़ी को विश्व चैम्पियनशिप में चुना गया लेकिन भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) ने अंतिम मिनट में उनका नाम हटा दिया.



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टोक्यो ओलिंपिक को लेकर हिमा दास से देश को काफी उम्मीदें हैं. (फाइल फोटो)


डोपिंग से भारतीय एथलेटिक्स पर लगा दाग
हमेशा की तरह डोपिंग विवाद इस बार भी जारी रहा जिसमें गोमती मरिमुथु से स्टेराइड का पॉजीटिव पाये जाने के बाद एशियाई चैम्पियनशिप का पदक छीन लिया गया. एशियन चैंपियनशिप (Asian Championship) के दौरान कांस्य पदक जीतने वाली संजीवनी जाधव को डोपिंग परीक्षण में विफल पाये जाने के बाद अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया. जैवलिन थ्रो एथलीट मनप्रीत कौर को 2017 में चार डोप परीक्षण में विफल पाये जाने के बाद राष्ट्रीय डोपिंग एजेंसी ने चार साल के लिये प्रतिबंधित कर दिया. एथलेटिक्स इस तरह से बाडीबिल्डिंग और वेटलिफ्टिंग के बाद डोपिंग में सबसे ज्यादा खिलाड़ियों के पकड़े जाने वाला देश तीसरा खेल बन गया, जिसमें इस साल करीब 20 डोपिंग मामले सामने आये.

गोमती मरिमुथु से स्टेराइड का पॉजीटिव पाये जाने के बाद एशियाई चैम्पियनशिप का पदक छीन लिया गया


वहीं उम्र संबंधित धोखाधड़ी भी जारी रही जिसमें 51 युवाओं को अधिक उम्र का पाया गया जबकि दुनिया के सबसे बड़े प्रतिभा खोज कार्यक्रमों में से एक की प्रतियोगिता राष्ट्रीय अंतर जिला जूनियर स्पर्धा के दौरान परीक्षण से बचने के लिये 169 खिलाड़ी भाग गये.

वर्ष 2018 में 100 से ज्यादा एथलीट अधिक उम्र के पाये गये थे और इस साल आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के गुंटुर में राष्ट्रीय जूनियर चैम्पियनशिप के दौरान करीब 100 खिलाड़ी उम्र की हेराफेरी में पकड़े गये थे. इसके अलावा रायपुर में राष्ट्रीय युवा चैम्पियनशिप के दौरान 50 एथलीट अधिक उम्र के निकले.

वर्ल्ड चैंपियनशिप में रहा मेडल का सूखा
दोहा (Doha) में हुई विश्व चैम्पियनशिप (World Championship) में 27 सदस्यीय भारतीय टीम ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन कोई पदक नहीं जीत सके. भारतीयों ने तीन स्पर्धाओं - मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले, पुरूषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज और महिलाओं की जैवलिन थ्रो स्पर्धा - के फाइनल में प्रवेश किया.

दुती चंद ने 2018 एशियन गेम्स में दो सिल्वर मेडल जीते थे


इन तीन में से 3000 मीटर स्टीपलचेज खिलाड़ी अविनाश साबले और मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympic) कोटा हासिल किया जबकि भाला फेंक एथलीट अनु रानी (Anu Rani) आठवें स्थान पर रहीं. अनु भाला फेंक थ्रो के फाइनल के लिये क्वालीफाई होने वाली पहली भारतीय महिला बनी जबकि अविनाश साबले (Avinash Sable) ने तीन दिन में दो बार अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा.

वहीं दुती (Dutee Chand) ओड़िशा में अपने गांव के एक रिश्तेदार के साथ समलैंगिंक संबंध की बात सार्वजनिक तौर पर स्वीकार करने वाली पहली खिलाड़ी बनीं. प्रशासनिक गतिविधियों में एएफआई के अध्यक्ष आदिले सुमरीवाला दूसरे कार्यकाल के लिये विश्व एथलेटिक्स परिषद के दोबारा सदस्य चुने गये.

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First published: December 27, 2019, 12:34 PM IST
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