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5 गोल दागने के बाद लगी चोट, टीम से हुए बाहर, फिर फाइनल में ऐसे बलबीर सिंह ने दिलाया ओलिंपिक गोल्‍ड

5 गोल दागने के बाद लगी चोट, टीम से हुए बाहर, फिर फाइनल में ऐसे बलबीर सिंह ने दिलाया ओलिंपिक गोल्‍ड

बलबीर सिंह ओलिंपिक के जौरान मेडल लेने के लिए पोडियम पर खड़े हुए

बलबीर सिंह ओलिंपिक के जौरान मेडल लेने के लिए पोडियम पर खड़े हुए

1956 में मेलबर्न ओलिंपिक में बलबीर सिंह (Balbir Singh) टीम के कप्तान थे. टूर्नामेंट के पहले ही मैच में बलबीर सिंह ने अफगानिस्तान के खिलाफ 5 गोल किए थे. हालांकि इसके बाद बलबीर सिंह को मैच के दौरान चोट लग गई थी

    नई दिल्‍ली. तीन बार के ओलिंपिक गोल्‍ड मेडलिस्‍ट बलबीर सिंह (Balbir Singh) सीनियर नहीं रहे.  एक खिलाड़ी के तौर पर टीम को जीत दिलाने के अलावा बलबीर सिंह 1971 और 1975 में पुरुष भारतीय हॉकी टीम के कोच भी रहे थे. साल 1975 में उनके मैनेजर रहते हुए भारत पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बने थे.

    1936 में हुए बर्लिन ओलिंपिक में भारतीय टीम विजयी रही थी, जिसे देख बलबीर बहुत प्रेरित हुए थे. बलबीर पहले सिख नेशनल कॉलेज, लाहौर में थे, जहां वह हॉकी टीम के खिलाड़ी भी रहे थे. इसके बाद ही भारत की स्वतंत्रता और पाकिस्तान विभाजन का मुद्दा सामने आया था, जिसके बाद बलबीर सिंह अपने परिवार को लेकर लुधियाना में रहने लगे थे. यहां वह पंजाब पुलिस में काम करने लगे थे. 1941-61 तक बलबीर सिंह पंजाब पुलिस टीम के कप्तान थे.

    1948 में पहली बार ओलिंपिक खेले थे बलबीर और दिलाया था गोल्ड
    बलबीर सिंह ने पहली बार साल 1948 में ओलिंपिक में हिस्सा लिया था जो लंदन में खेला गया था. आजादी के बाद भारतीय टीम पहली बार ओलिंपिक खेल रही थी. इस टूर्नामेंट में अर्जेंटीना के खिलाफ मैच में भारत ने 9-1 से जीता था जिसमें 6 गोल बलबीर सिंह ने मारे थे. उनके इस छह गोल में हैट्रिक शामिल थी. लंदन ओलिंपिक के फाइनल मुकाबले में भारत का ब्रिटेन से मुकाबला था. आजादी के बाद भारत ब्रिटेन के सामने था और भारत ने यह मैच 4-1 से जीता था जिसमें बलबीर सिंह के दो गोल शामिल थे.

    हेलसिंकी में अपने दम पर टीम को दिलाई थी जीत
    इसके बाद अगली बार 1952 हेलसिंकी में खेले गए ओलिंपिक में वह टीम के उपकप्तान थे. बलबीर सिंह ओलिंपिक के उद्घाटन समारोह में भारत के ध्वजवाहक थे. इस ओलिंपिक में एक बार फिर भारत का सेमीफाइनल मैच में ब्रिटेन से था.एक बार फिर भारत 3-1 से जीता था, जिसमें तीनों गोल बलबीर सिंह ने किए थे. इसके बाद फाइनल मैच नेदरलैंड्स के खिलाफ था, जिसमें भारत 6-1 से विजयी रहा.  इस मैच में बलबीर सिंह ने 5 गोल मारे, जो ओलिंपिक में आज भी रिकॉर्ड है जिसमें हैट्रिक भी शामिल है.  ओलंपिक में भारत ने 13 गोल किये थे, जिसमें से 9 बलबीर सिंह के खाते में आये. जो पूरी टीम 69.23% था.

    बतौर कप्तान 1956 में टीम को दिलाया गोल्ड
    1956 में मेलबर्न ओलिंपिक में बलबीर सिंह टीम के कप्तान थे. टूर्नामेंट के पहले ही मैच में बलबीर सिंह ने अफगानिस्तान के खिलाफ 5 गोल किए थे. हालांकि इसके बाद बलबीर सिंह को मैच के दौरान चोट लग गई थी, जिसके बाद वे कुछ मैच के लिए बेंच पर बैठे थे. इस दौरान ग्रुप मैच के समय रणधीर सिंह को टीम का कप्तान बनाया गया था. बलबीर सिंह ने कुछ ग्रुप मैच नहीं खेले लेकिन उन्होंने सेमीफाइनल और फाइनल मैच में अपनी उपस्तिथि दर्ज कराई. भारत का फाइनल मैच पाकिस्तान के खिलाफ था, जिसे भारत ने 1-0 से जीता था.

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    Tags: Hockey, Sports news

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