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कभी फुटबॉल खेलने के लिए छुपाई अपनी पहचान, अब पद्म श्री जीतकर बनीं प्रेरणा

भाषा
Updated: January 26, 2020, 7:44 PM IST
कभी फुटबॉल खेलने के लिए छुपाई अपनी पहचान, अब पद्म श्री जीतकर बनीं प्रेरणा
बेमबेम देवी भारतीय टीम की कप्तान हैं

पुरुष टीम के करिश्माई सुनील छेत्री पद्म श्री हासिल करने वाले अंतिम फुटबॉलर थे जिन्हें 2019 में इस पुरस्कार से नवाजा गया था.

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नई दिल्ली. फुटबॉल में अपनी काबिलियत के बूते पद्म श्री हासिल करने वाली ओइनम बेमबेम देवी (Bembem Devi) भारत की मशहूर महिला फुटबॉलर बनने के लिये लड़कों के साथ खेलीं जिसमें वह एक दिन खुद को ‘बोबो’ तो दूसरे दिन ‘एमको’ नाम देती थीं.

पद्म श्री हासिल करने वाली पहली महिला फुटबॉलर बनी बेमबेम देवी (Bembem Devi)  ने रविवार को उस समय को याद किया जब वह ऐसा करने के लिये काम करने पर जुटी थीं. उन्होंने कहा, ‘जब मैं नौ साल की थी तो मैंने लड़कों के साथ फुटबॉल खेलने के लिये अपना नाम बदलकर बोबो और एमको रख दिया था. अगर मैं उन्हें बता देती कि मेरा नाम बेमबेम है तो वे समझ जाते कि मैं लड़की हूं और मुझे अपनी टीम में नहीं खिलाते.’

पिछले साल छेत्री को मिला था यह पुरस्कार
पुरुष टीम के करिश्माई सुनील छेत्री (Sunil Chhetri) पद्म श्री हासिल करने वाले अंतिम फुटबॉलर थे जिन्हें 2019 में इस पुरस्कार से नवाजा गया था. बेमबेम ने उम्मीद जतायी कि इससे भारत में महिला फुटबाल को फायदा मिलेगा. उन्होंने कहा, ‘यह उन सभी के लिये आंखे खोलने वाला है जो मानते हैं कि आप भारत में महिला फुटबॉल खेलते हुए आगे नहीं बढ़ सकते. मैं उम्मीद करती हूं कि इससे सभी लड़कियां और उनके माता-पिता प्रेरित होंगे.’ उन्होंने कहा, ‘यह फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप का साल है. यह पद्म श्री अगली पीढ़ी की लड़कियों के लिये है.’

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सुनील छेत्री भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान हैं


मैरीकॉम ने की भारत रत्न पाने की इच्छा जाहिर
 पद्म विभूषण के लिये चुनी गयी पहली महिला खिलाड़ी एमसी मैरीकॉम (MC Marykom) ने रविवार को कहा कि वह टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympic) में स्वर्ण पदक जीतकर ‘भारत रत्न’ (Bharat Ratna) बनना चाहती हैं.छह बार की विश्व चैम्पियन मुक्केबाज मैरीकॉम (MC Marykom)  ने पत्रकारों से कहा, ‘भारत रत्न हासिल करना सपना है. इस पुरस्कार (पद्म विभूषण) से मुझे और बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी ताकि मैं भारत रत्न बन सकूं.’ उन्होंने कहा, ‘सचिन तेंदुलकर ही एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्हें इस पुरस्कार से नवाजा गया है और मैं भी इससे हासिल करना चाहती हूं और ऐसा करने वाली पहली महिला बनना चाहती हूं. मैं तेंदुलकर की राह पर चलना चाहती हूं और मुझे उनसे प्रेरणा मिलती है.’

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First published: January 26, 2020, 7:44 PM IST
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