इस खिलाड़ी ने तोड़ी अंधविश्वास की सारी हदें, पेशाब पिये बिना मैच नहीं खेलता!

इस खिलाड़ी ने तोड़ी अंधविश्वास की सारी हदें, पेशाब पिये बिना मैच नहीं खेलता!
ल्योतो माशिदा पीते हैं अपना पेशाब!

खेल और खिलाड़ियों में अंधविश्वास कूट-कूटकर भरा होता है लेकिन ब्राजील का एक फाइटर (Brazilian MMA Fighter) तो लड़ाई से पहले अपना ही पेशाब पीता है!

  • Share this:
नई दिल्ली. खेल और अंधविश्वास का बहुत ही गहरा रिश्ता होता है. अकसर खिलाड़ी मैदान पर अजीबोगरीब हरकत करते हुए दिखाई देते हैं. यही नहीं वो मैच से पहले भी कई ऐसे काम करते हैं जो उनके फैंस को हैरान करता है. हालांकि एथलीट या खिलाड़ियों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई उनके बारे में क्या सोच रहा होगा, वो तो बस कामयाबी हासिल करने के लिए ऐसे टोटके जारी रखते हैं. अंधविश्वास (Bizarre Superstition) की बात करें तो कई खिलाड़ी अपना लकी ब्रेसलेट पहनते हैं, कोई गले में स्पेशल चेन पहनता है. कोई जेब में रुमाल रखता है. कोई मैदान के अंदर सीधा पांव पहले रखता है. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे फाइटर के बारे में बताएंगे जो कि मैच जीतने के लिए अपना ही पेशाब पीता है. उसे लगता है कि अपना ही पेशाब पीने से उसे ताकत मिलती है और उसके बाद वो अजेय हो जाता है.

ल्योतो माशिदा का टोटका
ल्योतो कारावाल्हो माशिदा (Lyoto Machida) ब्राजील के मिक्स्ड मार्शल आर्ट के खिलाड़ी हैं, वो यूएफसी के लाइट हैवीवेट चैंपियनशिप अपने नाम कर चुके हैं. इसके साथ-साथ उनके नाम कई बड़े रिकॉर्ड हैं. एमएमए की दुनिया में ल्योता माशिदा का नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है. माशिदा ने अपने करियर में 35 में से 26 मैच जीते हैं और 9 में उन्हें हार मिली है. 11 मैच उन्होंने अपने विरोधी को नॉकआउट कर जीते हैं.

जाहिर सी बात है ल्योतो माशिदा के इस बेमिसाल रिकॉर्ड के पीछे उनकी मेहनत छिपी है. माशिदा (Lyoto Machida) के अंदर गजब की फुर्ती है और उनका एक-एक पंच विरोधी पर हड़ौथे की तरह लगता है. लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि माशिदा अपनी जीत के लिए एक ऐसे टोटके का इस्तेमाल करते हैं जिसे सुनकर कई लोगों को विश्वास नहीं होगा. ल्योतो माशिदा अपने मैच से पहले अपना पेशाब पीते हैं.



इस यूएफसी चैंपियन (Lyoto Machida) ने खुद एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया था कि वो कई सालों से अपना ही पेशाब पी रहे हैं जिससे उनके शरीर को ताकत मिलती है और वो फाइट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाते हैं. सिर्फ ल्योतो माशिदा ही नहीं बल्कि उनके पिता भी ऐसा ही काम करते हैं. माशिदा के पिता ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उनका बेटा पिछले कई सालों से सिर्फ मैच नहीं बल्कि रोजाना अपना पेशाब पीने लगा है.



वैसे पेशाब पीने वाले ल्योतो माशिदा एकलौते एथलीट नहीं हैं. उनके अलावा मैक्सिको के बॉक्सर जुआन मार्केज भी ऐसा ही करते थे. उनका दावा था कि ऐसा करने से उन्हें ज्यादा विटामिन मिलते हैं. लेकिन साल 2011 में उन्होंने डॉक्टर की सलाह के बाद अपना पेशाब पीना छोड़ दिया. इसके अलावा एक और मिक्स मार्शल आर्ट्स फाइटर ल्यूक कमो भी ताकत पाने के लिए अपना पेशाब पीते हैं.

पेशाब क्यों पीते हैं ये एथलीट?
आप लोगों को ये पढ़कर बेहद हैरानी हो रही होगी कि आखिर ये एथलीट ऐसा करते क्यों हैं? बता दें कई लोगों का दावा है कि अपना ही मूत्र पीने से शरीर के कई विकार और कई बीमारियां सही होती हैं. कई लोगों का कहना है कि इससे वजन भी कम होता है. अपना ही पेशाब पीना एक थैरेपी मानी जाती है जिसे यूरिन थैरेपी (Urine Therapy) कहते हैं. भारत के पूर्व पीएम मोरारजी देसाई का भी ऐसा ही मानना था. उनका कहना था कि यूरिन थैरेपी उन लोगों के लिए वरदान है जो अपना इलाज नहीं करवा सकते. चीन में भी यूरिन थैरेपी काफी पॉपुलर है. ऐसे में ल्योतो कारावाल्हो का मैच से पहले पेशाब पीना टोटका और थैरेपी दोनों ही नजर आ रहा है. हालांकि डॉक्टर इसे शरीर के लिए काफी खतरनाक मानते हैं. लेकिन इसके बावजूद लाखों लोग अपना ही पेशाब पीकर बीमारी से निजात पाने और ताकत हासिल करने का दावा करते हैं.

जीत के लिए मैदान पर पेशाब करता था ये खिलाड़ी, तो कोई करता था 50 टोटके!
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading