वर्ल्ड बैडमिंटन में भारत की बादशाहत से चीन में खौफ, 56 साल के इतिहास में पहली बार उठाया ये कदम

चीन (China) ने हाल ही में खत्म हुए वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप (World Badminton Championship) में अब तक सबसे खराब प्रदर्शन करते हुए केवल एक मेडल जीता था

News18Hindi
Updated: September 6, 2019, 7:16 PM IST
वर्ल्ड बैडमिंटन में भारत की बादशाहत से चीन में खौफ, 56 साल के इतिहास में पहली बार उठाया ये कदम
पीवी सिंधु ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था.
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Updated: September 6, 2019, 7:16 PM IST
चीन. पिछले महीने हुई बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप (World Badminton Championship 2019 में चीन (China) का प्रदर्शन निराशाजनक रहा. चीन पांच वर्गों में से केवल एक ही के फाइनल में जगह बना पाया. चीन के लिए केवल मिक्सड डबल्स में झेंग सिवे और हुआंग ने गोल्ड मेडल जीता था. वहीं इसी वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत की पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने इतिहास रचते हुए पहली बार चैंपियनशिप में देश को गोल्ड मेडल जिताया. इसके अलावा थाईलैंड ने भी ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पहली बार तीन मेडल हासिल किए. अपने शटलर्स के इस प्रदर्शन के बाद चीन बैडमिंटन एसोसिएशन (China Badminton Association) ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए पहली बार विदेशी कोच को टीम से जोड़ा है. कोरिया के कांग क्युंग जिन और योयो सुंग चीन के पहले विदेशी कोच होंगे.

पहले विदेशी कोच होंगे कांग और योयो सुंग
चीन बैडमिंटन एसोसिएशन ने गुरुवार को इस बात की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि वर्ल्ड चैंपियनशिप में चीन के प्रदर्शन के बाद यह फैसला लिया गया है. चीन की  टीम से जुड़ने वाले कांग साल 2017 में सुदीरमन कप जीतने वाली कोरियाई टीम के कोच थे. हालांकि पिछले साल एशियन गेम्स के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था. उनके साथ उस समय की कोच किम जी ह्यून इस साल भारत से जुड़ी थी जिन्होंने पीवी सिंधु की वर्ल्ड चैंपियनशिप की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. उनके अलावा कोरिया के ही कोच रह चुके अगस सांटोसो थाईलैंड की टीम के साथ जुड़े थे, जिन्होंने इस साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए तीन मेडल जीते थे.

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चीन ने पहली बार साल 1963 में बैडमिंटन टीम बनाई थी, जिसके बाद से कोई विदेशी कभी कोच नहीं बना


खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद लिया गया फैसला
चीन के पहले विदेशी कोच बनने जा रहे कांग 90 के दशक के खिलाड़ी हैं. उन्होंने साल 1997 में ऑल इंग्लैंड के पुरुष डबल्स में गोल्ड मेडल जीता था. वह चीन की महिला डबल्स के कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे. वहीं योयो सुंग को पुरुष डबल्स की जिम्मेदारी दी गई है. चाइनीज बैडमिंटन एसोसिएशन (सीएबी) के मुताबिक कोचिंग सिस्टम में यह बदलाव खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद लिया गया है. इस विदेशी कोच के अलावा चीन के दिग्गज खिलाड़ी ली माओ भी साल 1998 के बाद टीम में लौट आए हैं. वह सिंगल्स वर्ग में खिलाड़ियों की कोच की जिम्मेदारी निभाएंगे.

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First published: September 6, 2019, 7:04 PM IST
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