46 साल के होंग माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले एशिया के पहले और दुनिया के तीसरे नेत्रहीन बने

चीन के 46 साल के झांग होंग की 21 साल की उम्र में ही ग्लूकोमा के कारण आंखों की रोशनी चली गई थी. (Zhang Hang Twitter)

चीन के 46 साल के झांग होंग की 21 साल की उम्र में ही ग्लूकोमा के कारण आंखों की रोशनी चली गई थी. (Zhang Hang Twitter)

चीन के 46 साल के झांग होंग दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले एशिया के पहले और दुनिया के तीसरे नेत्रहीन बने. झांग ने 24 मई को नेपाल की ओर से दुनिया की सबसे ऊंची छोटी की चढ़ाई पूरी की. वे 21 साल की उम्र से ही देख नहीं पाते हैं.

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नई दिल्ली. चीन के 46 साल के शख्स झांग होंग दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले एशिया के पहले और दुनिया के तीसरे नेत्रहीन बने. झांग ने 24 मई को नेपाल की ओर से दुनिया की सबसे ऊंची छोटी की चढ़ाई पूरी की. उनके साथ इस अभियान में तीन गाइड भी थे. चीन के दक्षिण पश्चिम शहर चोंगकिंग में पैदा होने वाले जैंग ने ग्लूकोमा के कारण 21 साल की उम्र में ही अपनी आंखों की रोशनी खो दी थी. यानी वो पिछले 25 साल से नहीं देख पा रहे हैं. इसके बाद भी 8849 मीटर ऊंची छोटी पर चढ़ना वाकई बड़ी उपलब्धि है.

इस मौके पर होंग ने कहा कि इससे फर्क नहीं पड़ता है कि आप दिव्यांग हैं या सामान्य. आपकी आंखों की रोशनी है या नहीं. आपके हाथ-पैर सही सलामत हैं या नहीं. अगर आपका मन मजबूत है और इरादे बुलंद हैं तो आप वो हासिल कर सकते हैं, जिसे दूसरे नहीं कर सकते.

'मैं चढ़ाई के वक्त डरा हुआ था'

चीन के पर्वतारोही ने आगे कहा कि मैं बहुत डरा हुआ था. क्योंकि मैं देख नहीं सकता था कि मैं कहां चल रहा हूं. मेरे पैर कई बार लड़खड़ा जाते थे. कई मौकों पर मैं गिर भी गया था. लेकिन मैं सोचता रहा कि भले ही ये सफर मुश्किल है, पर मैं इस चुनौती का सामना जरूर करूंगा. क्योंकि क्लाइबिंग में खतरा और चुनौतियां रहती ही हैं. यही इसका असल मजा है.
होंग ने अमेरिकी पर्वतारोही से प्रेरणा लेकर ट्रेनिंग शुरू की

होंग ने एक नेत्रहीन अमेरिकी पर्वतारोही एरिक वेहेनमेयर से प्रेरित होकर माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का फैसला किया था. वेहेनमेयर ने 2001 में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी. चीनी पर्वतारोही होंग ने अपने दोस्त कियांग जी की देखरेख में ट्रेनिंग शुरू की थी. पिछले साल COVID-19 महामारी के कारण माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पर नेपाल ने रोक लगा दी थी. इसी साल अप्रैल में नेपाल ने विदेशी पर्वतारोहियों को फिर से दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ाई की इजाजत दी है.

इधर, शिकागो के सेवानिवृत्त वकील आर्थर मुइर (75) माउंटर एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले अमेरिका के    सबसे उम्रदराज व्यक्ति बने. मुइर ने इस महीने की शुरुआत में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी और उन्होंने एक अन्य अमेरिकी बिल बुर्के का रिकॉर्ड तोड़ दिया था. जिन्होंने 67 वर्ष की उम्र में चढ़ाई की थी.

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