तो इस कारण सायना के लिए ओलंपिक से भी बड़ा है ये मेडल

तो इस कारण सायना के लिए ओलंपिक से भी बड़ा है ये मेडल
सायना नेहवाल

सायना का यह राष्ट्रमंडल खेलों का दूसरा स्वर्ण पदक है. इससे पहले उन्होंने 2010 में राजधानी दिल्ली में हुए 19वें राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था.

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अपनी हमवतन और रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता पी.वी. सिंधु को मात देकर 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में महिला एकल वर्ग का स्वर्ण पदक जीतने वाली सायना नेहवाल का कहना है कि वह इस पदक को अपने लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक के पास रखेंगी. वेबसाइट 'ईएसपीएन डॉट कॉम' की रिपोर्ट के अनुसार, सायना ने कहा कि यह पदक उनके लिए काफी ख़ास है. इसीलिए वह इसे ख़ास जगह ही रखेंगी.

वर्ल्ड नंबर 12 सायना ने स्वर्ण पदक के लिए खेले गए मुकाबले में उलटफेर करते हुए वर्ल्ड नंबर 3 सिंधु को सीधे गेमों में 21-18, 23-21 से मात देकर जीत हासिल की. सायना का यह राष्ट्रमंडल खेलों का दूसरा स्वर्ण पदक है. इससे पहले उन्होंने 2010 में राजधानी दिल्ली में हुए 19वें राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था.

सायना ने कहा, 'भारत में अगर मैं हारती हूं तो 100 सवाल खड़े हो जाते हैं. सायना हार गई. उसे संन्यास ले लेना चाहिए. इस पदक की इसलिए, मेरे लिए काफी ख़ास अहमियत है. मैं इसे ओलंपिक खेलों के कांस्य पदक के पास रखूंगी. रियो डी जनेरियो में चोटिल होने के कारण यह जीत मेरे लिए भावुकता से भरी हुई थी.
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