विवाद : गोल्‍ड जीतते ही टूट गई पेस-भूपति की सुनहरी जोड़ी, जिगरी दोस्त बन बैठे जानी दुश्मन

विवाद : गोल्‍ड जीतते ही टूट गई पेस-भूपति की सुनहरी जोड़ी, जिगरी दोस्त बन बैठे जानी दुश्मन
महेश भूपति और लिएंडर पेस दुनिया की ताकतवर जोड़ियों में शुमार (फाइल फोटो)

2008 में वापस साथ आने के बाद लिएंडर पेस ( leander paes) और महेश भूपति (mahesh bhupati) ने ओलिंपिक में एक साथ देश का प्रतिनिधित्‍व किया, मगर ये जोड़ी पहले सा जादू नहीं दिखा सकी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2020, 1:01 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. भारतीय टेनिस को एक नई पहचान दिलाने वाले खिलाड़ी लिएंडर पेस ( leander paes) और महेश भूपति (Mahesh Bhupati) की जोड़ी एक समय दुनिया की शीर्ष जोड़ी में शुमार हुआ करती थी. इस जोड़ी से ओलिंपिक में भी काफी उम्‍मीदें थी. मगर दुनिया की ताकतवर जोड़ियों में शुमार पेस और भूपति की जोड़ी देखते ही देखते टूट गई. ये जोड़ी टूटी, जुड़ी और फिर हमेशा के लिए बिखर गई. दोनों के बीच आखिर ऐसे क्‍या मतभेद हो गए थे, जिसका असर 2008 ओलिंपिक में दिखा. दोनों फॉर्म में चल रहे थे. इस जोड़ी ने एक साथ 2006 में एशियन गेम्‍स का खिताब जीता, मगर इतने अच्‍छे तालमेल के बावजूद ये जोड़ी टूट गई.

2006 से हुई शुरुआत
लिएंडर पेस (Leander Paes) और महेश भूपति (Mahesh Bhupati) की जोड़ी टूटने के कारणों का आज भी साफ-साफ मालूम नहीं चला. मगर 2006 में दोहा एशियन गेम्‍स में युगल का खिताब जीतने के बाद इस जोड़ी ने अलग होने का ऐलान कर दिया था. उस एशियन गेम्‍स में पेस ने सानिया मिर्जा के साथ मिक्‍स्‍ड डब्‍ल्‍स का भी गोल्‍ड जीता था. दोहा में खिताब जीतने के तुरंत बाद ही भूपति ने ऐलान कर दिया था कि वो और पेस अलग हो रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि अलग होने का फैसला उनका नहीं पेस का था. भूपति ने उस समय बयान दिया था कि इस जोड़ी का टूटना भारतीय खेल में एक त्रासदी है.

leander pase, mahesh bhupati, sports news, लिएंडर पेस, महेश भूपति
लिएंडर पेस और महेश भूपति 2011 में पूरी तरह से अलग हो गए थे (फाइल फोटो)

पेस की भूपति पर टिप्‍पणी


भूपति (Mahesh Bhupati) के अनुसार पेस (Leander Paes) उनके प्रदर्शन को लेकर कथित तौर पर टिप्‍पणियां कर रहे थे और कह रहे थे कि उस व्‍यक्ति को भागीदार नहीं बनाना चाहते थे, जिसके साथ उन्‍होंने तीन ग्रैंड स्‍लैम जीते. एक इंटरव्‍यू में भूपति ने कहा कि उन्‍होंने और पेस ने एक साथ करियर बनाया. वह भले ही पेस की तरह नहीं है, मगर भारत का प्रतिनिधित्‍व करने को लेकर वह काफी भावुक थे. हालांकि इस जोड़ी के टूटने के बाद सबसे बड़ा सवाल 2008 ओलिंपिक को लेकर उठा था. जोड़ी टूटने के बाद भूपति के अनुसार पेस ने पहले तो कहा था कि वो उनके साथ ओलिंपिक खेलेंगे, मगर कुछ मिनट बाद ही कह दिया भूपति का करियर छह महीने में खत्‍म हो जाएगा.

ओलिंपिक की तैयारियों को लेकर भी विवाद
हालांकि 2008 ओलिंपिक में यह जोड़ी साथ में आई और रोजर फेडरर और स्‍टान वावरिंका की जोड़ी को मात देते हुए क्‍वार्टर फाइनल तक पहुंची. हालांकि ओलिंपिक तैयारियों को लेकर भी दोनों के बीच विवाद हुआ था. दरअसल दोनों ने लंबे समय से एक साथ अभ्‍यास नहीं किया था. तब उन्‍होंने अखिल भारतीय टेनिस के प्रमुख अनिल खन्‍ना से कहा कि वे पेस से वादा लें कि ओलिंपिक से पहले कुछ टूर्नामेंट साथ में खेलें. भूपति ने साफ कर दिया था कि वह बिना तैयारियों के ओलिंपिक नहीं जाएंगे. इसके बाद फ्रेंच ओपन के दौरान अनिल खन्‍ना ने पेस से वादा लिया कि वे भूपति के साथ ओलिंपिक से पहले कुछ मैच खेलेंगे. इसी दौरान पेस के रिश्‍ते रोहन बोपन्‍ना से भी खराब हो गए थे.

2011 के बाद पूरी तरह हो गए अलग
2008 ओलिंपिक में साथ खेलने के बाद पेस और भूपति 2011 तक साथ में रहे. हालांकि 2008 से 2011 के बीच उन्‍होंने साथ में ज्‍यादा मैच नहीं खेले. 2011 में यह जोड़ी ऑस्‍ट्रेलियन ओपन (Australian Open) की रनर अप रही थी. भले ही यहां पर इस जोड़ी ने अच्‍छा प्रदर्शन किया हो, मगर खुद के बीच वो तालमेल नहीं बैठा पाए और 2011 में पूरी तरह अलग हो गए.

विवाद: हंसी-खुशी की सगाई, फिर मंगेतर ने ही लगाए सरदार सिंह पर यौन शोषण के आरोप

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज