जापान में 'अनहोनी' की आशंका, Corona Virus की वजह से रद्द हो जाएगा टोक्यो ओलिंपिक?

जापान में 'अनहोनी' की आशंका, Corona Virus की वजह से रद्द हो जाएगा टोक्यो ओलिंपिक?
टोक्यो ओलिंपिक को कोरोना संकट के कारण एक साल के लिए टाल दिया गया है.

कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से चीन में हाहाकार मचा हुआ है, वहीं अब उसका पड़ोसी मुल्क जापान (Japan) भी धीरे-धीरे इसकी गिरफ्त में आ रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 22, 2020, 9:28 PM IST
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नई दिल्ली. ओलिंपिक खेल...4 साल में एक बार होने वाला खेलों का वो महाकुंभ जो पूरी दुनिया को एक-दूसरे से जोड़ता है. दुनियाभर के 200 से ज्यादा मुल्क के खिलाड़ी इन खेलों में हिस्सा लेते हैं और स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीत अपना और अपने देश का मान-सम्मान बढ़ाते हैं. हालांकि इसी साल जापान की राजधानी टोक्यो (Tokyo Olympics 2020) में होने वाला ये खेल अब खतरे में है. ये खतरा किसी प्राकृतिक आपदा के चलते नहीं, ये खतरा किसी युद्ध के चलते नहीं बल्कि इन दोनों चीजों से भी खतरनाक वजह से मंडरा रहा है. हम बात कर रहे हैं कोरोना वायरस (Coronavirus) की, जिसने चीन के बाद अब जापान में भी अपनी जड़ें जमानी शुरू कर दी हैं.

जापान पर कोरोना वायरस का अटैक
सबसे पहले जानिए आखिर कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से जापान की स्थिति क्या है? ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जापान में अबतक 100 से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. 700 से ज्यादा लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाने की खबर है. जापानी मीडिया के मुताबिक टोक्यो के जूनियर हाईस्कूल की एक टीचर भी कोरोना वायरस से पीड़ित हो गई है जिसके बाद उस स्कूल को अगले दो दिनों तक बंद रखा जाएगा, जरूरत पड़ने पर प्रशासन इसका समय बढ़ा सकता है.

बात सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं है. जापान की सरकार ने बड़े कार्यक्रमों को रद्द करना भी शुरू कर दिया है. राजधानी टोक्यो के स्कूलों, कॉलेजों, बिजनेस मीटिंग जहां पर ज्यादा लोग जुटते हैं, उनपर तुरंत पाबंदी लगा दी गई है. साथ ही एक मार्च को होने वाली टोक्यो मैराथन में अब आम लोगों के हिस्सा लेने पर पाबंदी लगा दी गई है. इस मैराथन में अब सिर्फ दुनियाभर के मशहूर एथलीट ही हिस्सा ले पाएंगे. बता दें इस मैराथन में पहले 38 हजार लोगों के हिस्सा लेने की बात कही जा रही थी लेकिन अब ये रेस सिर्फ 200 एथलीट्स तक सीमित हो गई है.
ओलिंपिक वॉलिंटियर्स ट्रेनिंग रद्द


टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympics 2020) से पहले एक और बुरी खबर ये है कि आयोजकों ने कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अपने वॉलिंटियर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम ही स्थगित कर दिया है. वॉलिंटियर्स को प्रशिक्षण कार्यक्रम की अगली तारीख नहीं बताई गई है. जापान के ऐसे हालातों से साफ तौर पर जाहिर होता है कि वहां कोरोना वायरल रोजाना अपने पैर पसार रहा है और 24 जुलाई से शुरू होने वाले टोक्यो ओलिंपिक खतरे में हैं. हालांकि जापान की सरकार, ओलिंपिक कमेटी ये मानने को तय नहीं. प्रशासन और आयोजक बार-बार दोहरा रहे हैं कि टोक्यो ओलिंपिक अपने समय पर ही होंगे, खिलाड़ी और दर्शक सुरक्षित रहेंगे लेकिन कैसे? इस सवाल का जवाब उनके पास नहीं है.

बता दें, डब्ल्यूएचओ यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर पिछले महीने चिकित्सकीय आपातकाल की घोषणा की है. हालांकि उसने ये भी कहा कि अभी ओलिंपिक्स दूर हैं और रद्द होने की अटकलें लगाना जल्दबाजी है लेकिन यहां डराने वाली बात ये है कि जापान में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं और इसका इलाज तो छोड़िए, इसे कैसे रोका जाए, इसका आइडिया भी सरकार के पास नहीं है. साथ ही जापान की ओलिंपिक कमेटी ने भी ये साफतौर पर कह दिया है अगर टोक्यो में होने वाले खेल स्थगित या रद्द किये जाते हैं तो उसके पास आयोजन का कोई प्लान बी नहीं है.

पहले भी हुआ है ओलिंपिक पर वायरस अटैक
ऐसा पहली बार नहीं है जब ओलिंपिक (Tokyo Olympics 2020) खेलों पर वायरस अटैक का खतरा मंडरा रहा है. साल 2016 में रियो में हुए ओलिंपिक खेलों से पहले जीका वायरस ने खलबली मचा दी थी. जीका वायरस के लिए भी विश्व स्वास्थ्य संगठन को खास दिशा-निर्देश जारी करने पड़े थे. हालांकि रियो ओलिंपिक सफलता पूर्व आयोजित किए गए और एथलीट्स को जीका वायरस ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया. 2018 में साउथ अफ्रीकी शहर प्योच्यांग में हुए विंटर ओलिंपिक में भी वायरस अटैक हुआ. प्योच्यांग में नोरो वायरस फैला, जिसकी वजह से 200 से ज्यादा लोग पेट दर्द और उल्टी के शिकार हुए. ओलिंपिक स्टेडियम में तैनात गार्ड भी नोरो वायरस से नहीं बचे, इसके बाद प्रशासन ने उन्हें रातों-रात वहां से हटाकर एक अलग बिल्डिंग में रखा. 2010 वैंकूवर विंटर ओलिंपिक्स के दौरान स्वाइन फ्लू फैला और उसके आयोजन पर भी सवाल खड़े हुए. वैंकूवर में भी खेलों से 6 महीने पहले स्वाइन फ्लू फैला, जिसके बाद खेलों के आयोजन पर खतरा मंडराने लगा था.

सिर्फ 2 बार रद्द हुए हैं ओलिंपिक खेल
1896 से चले आ रहे मॉडर्न ओलिंपिक (Tokyo Olympics 2020) खेलों के इतिहास पर अगर नजर डाली जाए तो सिर्फ दो बार इन खेलों को रद्द करना पड़ा है. पहली बार साल 1916 में बर्लिन ओलिंपिक रद्द करना पड़ा था, इसकी वजह प्रथम विश्व युद्ध था, वहीं दूसरी बार साल 1944 में भी लंदन में होने वाले ओलिंपिक खेलों को रद्द करना पड़ा था, इसका कारण भी विश्व युद्ध था. हालांकि 1948 में लंदन को ओलिंपिक आयोजित करने का मौका दिया गया. साफ है ओलिंपिक खेलों के इतिहास में कभी किसी वायरस की वजह से इन्हें टाला या रद्द नहीं किया गया है, हालांकि कोरोना वायरस का मामला कुछ अलग ही दिख रहा है.

टोक्यो ओलिंपिक रद्द हुआ तो?
अब आपको बताते हैं कि अगर टोक्यो ओलिंपिक रद्द हुए तो इसका जापान पर क्या असर पड़ेगा? पिछले 8 सालों में जापान तीन बार आर्थिक मंदी का शिकार बन चुका है. जापान की दूसरी मंदी खतरनाक भूकंप और सुनामी की वजह से आई थी. मार्च 2011 में आई सुनामी ने जापानी अर्थव्यवस्था को गहरा आघात पहुंचाया था. ऐसे में जापान की सरकार को टोक्यो ओलिंपिक से काफी ज्यादा उम्मीदें हैं. जापान की सरकार को उम्मीद है कि ओलिंपिक खेलों के दौरान तकरीबन 4 करोड़ विदेशी लोग उनके देश में आएंगे जिससे उनकी चरमराई अर्थव्यवस्था को राहत का डोज मिलेगा लेकिन कोरोना वायरस इन सभी उम्मीदों पर पानी फेर सकता है. ओलिंपिक शुरू होने में अब महज 5 महीनों का वक्त बचा है और कोरोना वायरस घटने की बजाय बढ़ता जा रहा है, जापानी सरकार बैकफुट पर है, ऐसे में ओलिंपिक खेलों का भविष्य भी अधर में ही लटका है.
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