'इटली के बिना वर्ल्ड कप, जैसे चीज़ के बिना पिज़्ज़ा'

News18Hindi
Updated: November 15, 2017, 5:10 PM IST
'इटली के बिना वर्ल्ड कप, जैसे चीज़ के बिना पिज़्ज़ा'
country mourns as italy fails to qualify for fifa world cup
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Updated: November 15, 2017, 5:10 PM IST
इटली के बिना वर्ल्ड कप कैसा? इटली का वर्ल्ड कप से बाहर होना फुटबॉल फैन्स के लिए एक बड़ा झटका जैसा था. कई फैन्स ने इटली की हार गुस्सा ट्विटर पर निकाला. एक फैन ने लिखा, 'बिना इटली के वर्ल्ड कप ठीक वैसा ही है जैसे बिना चीज़ का पिज़्ज़ा'. वहीं इटली के अख़बारों में देश का दर्द दिखा.



"इटली ये कयामत है", ये हेडलाइन इटली के टॉप स्पोर्ट्स अख़बार की है. इटली फुटबॉल टीम ने सेन सीरो में स्वीडन के साथ प्ले ऑफ के दूसरे चरण का मुकाबला गोलरहित ड्रॉ खेला और इसी के साथ 1958 के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप में जगह बनाने से चूक गई. इटली के लिए फुटबॉल वैसा ही है जैसा भारत के लिए क्रिकेट. तो ज़ाहिर है मीडिया का रिएक्शन कुछ ऐसी ही होना था.

इटली की तरह क्रिकेट में भी इस तरह के चौकाने वाले घटनाएं हुई हैं. जैसे हाल ही में वेस्टइंडीज़ और श्रीलंका के लिए आईसीसी वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करना मुश्किल हो रहा था. इससे पहले वेस्टइंडीज़ चैंपियंस ट्रॉफी में क्वालीफाई नहीं कर सकी थी. वेस्टइंडीज़ ऐसी टीम है जिसका एक समय पर दबदबा रहा है. ऐसे में टीम का आईसीसी के बड़ा टूर्नामेंट से चूक जाना बेहद शर्मानाक था.

ठीक ऐसा ही कुछ इटली फुटबॉल टीम के साथ हुआ जब वो विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी. पूरा देश मैच के नतीजे से हैरान था. इटली के अख़बार ने अपने आर्टिकल में लिखा, ' इतने बड़े प्यार को हमें वर्ल्ड कप के अलावा किसी और के लिए सुरक्षित रखना चाहिए.'

इटली की चार बार की पूर्व चैंपियन टीम ने बॉल को अधिक समय अपने कब्ज़े में रखा लेकिन पर्याप्त मौके बनाने में नाकाम रही. साल 2006 की चैंपियन इटली की टीम 74 हज़ार फैन्स की मौजूदगी में भी पूरे मैच में गोल के लिए तरसती रही. और इसी के साथ 60 सालों में पहली बार क्वालीफाई नहीं कर सकी. वहीं स्वीडन की टीम ने 2006 के बाद पहली बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया. दो चरण के प्लेऑफ का एकमात्र गोल स्कॉटहोम में पहले चरण के मुकाबले में जेकब योहानसन ने किया.

यह तीसरा मौका है जब इटली की टीम विश्व कप का हिस्सा नहीं होगी. टीम इससे पहले 1930 में पहले टूर्नामेंट में नहीं खेली थी और फिर 1958 में स्वीडन में हुए टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई नहीं कर पाई थी.

इससे पहले उरुगे भी विश्व कप विजेता रह चुकी है जो 2006 में फाइनल्स में नहीं पहुंच पाई थी. 1994 में इंग्लैंड और फ्रांस भी क्वालीफाई करने में नाकाम रहे थे. 1974 में स्पेन भी फीफा वर्ल्ड कप का हिस्सा बनने में नाकाम रहा था.

इटली का एक और अख़बार 'ला गज़ीट' की हेडलाइन कुछ ऐसी थी- 'मौका गंवाया' (opportunity missed). अख़बार के लेख में लिखा गया, ' हम आपके साथ नहीं होंगे और ना ही आप हमारे साथ. इटली अगले साल वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं होगी.

इटली के एक अन्य स्पोर्ट्स अख़बार की हेडलाइन थी- 'इटली वर्ल्ड कप से बाहर'. ये हेडलाइन बेहद साधारण है लेकिन इससे एक देश का दर्द भी झलक रहा है. इटली अगले साल रूस में होने वाले फीफा वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं होगी.

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First published: November 15, 2017
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