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भारत को एशियाड में गोल्ड ‌दिलाने वाला मुक्केबाज हॉस्पिटल में भर्ती, इलाज के लिए नहीं है फूटी कौड़ी!

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Updated: February 8, 2020, 5:13 PM IST
भारत को एशियाड में गोल्ड ‌दिलाने वाला मुक्केबाज हॉस्पिटल में भर्ती, इलाज के लिए नहीं है फूटी कौड़ी!
डिंको सिंह ने भारत को एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल दिलाया था (सांकेतिक फोटो)

डिंको सिंह‌ (Dingko Singh) पहले ही लीवर कैंसर के इलाज के लिए अपना तीन कमरों का घर बेच चुके हैं.

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  • Last Updated: February 8, 2020, 5:13 PM IST
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नई दिल्ली. भारत के महान मुक्केबाज और कोच डिंको सिंह (Dingko Singh) एक बार मुश्किल परिस्थिति से गुजर रहे हैं. खराब स्वास्‍थ्य और आर्थिक तंगी के चलते वह मानसिक दबाव से भी जूझ रहे हैं. दरअसल 2017 में कैंसर  को मात दे चुके डिंको सिंह एक बार फिर कैंसर टेस्ट के लिए हॉस्पिटल में भर्ती हैं, जहां उनकी सबसे बड़ी चिंता आ‌‌‌र्थिक मदद है. भारत के इस दिग्गज मुक्केबाज का कहना है कि अगर कैशलेस इलाज की व्यवस्‍‌था हो जाए तो उनका  मानसिक दबाव भी कम हो जाएगा.

दरअसल डॉक्टर्स ने लीवर कैंसर की संभावना को लेकर उनका टेस्ट किया है. 41 साल के पूर्व मुक्केबाज ने कहा कि उन्हें पीलिया हुआ था और वह उसके इलाज के लिए आए थे. हालांकि टेस्ट में अभी तक कुछ भी संदिग्‍ध नहीं आया. मगर डॉक्टर्स कोई भी खतरा मोल नहीं लेना चाहते. अभी उनके कई टेस्ट और होने हैं और उन्हें लगता है कि वह यहां पर लंबे समय के लिए हैं.

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डिंको सिंह ने 1998 में ए‌शियन गेम्स में भारत का सूखा खत्म किया था (फाइल फोटो)


साई की मदद भी खर्च

टाइम्स ऑफ इंडिया को डिंको ने बताया कि साई की ओर से 50 हजार रुपये की मदद मिली थी, जिसमें से 25 हजार रुपये तो हॉस्पिटल में भर्ती होने पर ही लग गए . बाकी फ्लाइट से आने जाने का भी खर्चा हुआ. 28 जनवरी से अभी तक करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और उन्हें नहीं पता कि हॉस्पिटल में अभी उन्हें कितने दिन और रहना पड़ेगा. डिंको ने बताया कि  अब तक जो भी खर्च हुआ है, वो उनकी जेब से गया है. रूम  का एक दिन का किराया ही 3 हजार रुपये के करीब है. उन्होंने साथ ही यह भी साफ कर दिया कि वह शिकायत नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर हॉस्पिटल का इलाज कैशलेस हो जाता है तो उन्हें काफी मदद मिलती.

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डिंको सिंह को 2013 में पद्म श्री से नवाजा गया था (फाइल फोटो)


कैंसर के इलाज के लिए बेच दिया था घरनवंबर 2016 में डिंको  (Dingko Singh) को अपने लीवर कैंसर के बारे में पता चला और फिर ईलाज के लिए उन्होंने इम्फाल में मौजूद अपना तीन कमरों का घर बेच दिया. इसके बाद 2017 में उनकी सर्जरी हुई और लगगभ 70 फीसदी उनका लीवर हटा दिया गया. उनके परिवार ने इलाज पर 10 लाख रुपये से भी ज्यादा खर्च कर  ‌दिए थे. उस समय सरकार की ओर से उन्हें थोड़ी बहुत मदद भी ‌मिली थी.

19 साल की उम्र में दिलाया था गोल्ड
डिंको सिंह  (Dingko Singh) ने 19 साल की उम्र में भारत  को एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल दिलवाया था. उन्होंने 1998 में बैंकॉक एशियन गेम्स में भारत  का बॉक्सिंग में 16 साल का इंतजार खत्म करते हुए गोल्ड मेडल दिलवाया था. साल 2013 में उन्हें पद्मश्री अवॉर्ड से भी नवाजा गया था.

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First published: February 8, 2020, 5:03 PM IST
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