Sunday Special: घुटनों पर बैठे दिखे दिग्गज खिलाड़ी, खेल जगत में यूं मिल रहा है 'ब्लैक लाइफ मैटर' को समर्थन

वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाड़ी घुटनों पर बैठे दिखे थे

अमेरिका (America) में अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd) की मौत के बाद से खेल जगत में 'ब्लैक लाइफ मैटर' को काफी समर्थन मिल रहा है

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    नई दिल्ली. खेलों को राजनीति और समसामयिक मुद्दों से दूर रखकर नहीं देखा जा सकता है. कई समसामायिक मुद्दों की झलक खेल के मैदानों पर अक्सर देखने को मिलती रही है. तो ऐसे में अमेरिका में अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड (Jeorge Floyd) की पुलिस अधिकारी द्वारा की गई हत्या के बाद पनपे #BlackLivesMatter आंदोलन को खेल के मैदान से दूर रख पाना भी मुश्किल था. दुनियाभर के खिलाड़ी इस मुहिम के साथ जुड़े. चाहे वो इंग्लैंड बनाम वेस्ट इंडीज के बीच खेले जाने वाली टेस्ट सीरीज हो या फुटबॉल की बहुचर्चित प्रीमियर लीग, खेल के लगभग हर मैदान में खिलाड़ियों ने दुनियाभर में अश्वेतों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया.


    ये पहली बार नहीं है जब खिलाड़ियों ने खेल के मैदान में किसी सामाजिक मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराया हो और न ही ये आखिरी बार है. खेल के मैदान में किसी सामाजिक मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने की शुरूआत खेल के महाकुंभ यानी ओलिंपिक में ही हुई थी. जब 1968 के ओलिंपिक में मैडल जीतने के बाद अमेरिकी एथलीट जॉन कार्लोस ने अश्वेतों पर होने वाले अत्याचार के विरोध के चलते पोडियम पर काले दस्ताने पहनकर अपना विरोध दर्ज कराया. सामाजिक अत्याचारों को लेकर खेल के मैदान से सांकेतिक तौर पर विरोध दर्ज कराने का चलन आज भी जारी है.













    दक्षिण अफ्रीका नस्लवाद के खिलाफ बना रहा है नई योजना
    क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) ने तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी के ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ (बीएलएम) वैश्विक आंदोलन को अपना समर्थन देने के बाद खेल में कथित नस्लवाद को दूर करने की योजना की घोषणा की हैं. एनगिडी के बीएलएम के समर्थन के बाद मखाया एनटीनी सहित 30 पूर्व खिलाड़ियों ने अपने खेल के दिनों में नस्लवाद के आरोप लगाये.

    पिछले साल संन्यास लेने वाले दिग्गज बल्लेबाज हाशिम अमला ने भी इस मुद्दे को उठाने के लिए एनगिडी का समर्थन किया था. सीएसए ने शुक्रवार को एक बयान में ‘क्रिकेट फॉर सोशल जस्टिस एंड नेशन बिल्डिंग (एसजेएन)’ नाम की परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा, ‘क्रिकेट प्रशंसकों द्वारा राष्ट्रीय स्तर के आक्रोश के अलावा व्यापक हितधारक समूहों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.’ सीएसए एक ‘परिवर्तन लोकपाल’ स्थापित करेगा, जिसके मूल उद्देश्य स्वतंत्र शिकायत प्रणाली के प्रबंधन के साथ-साथ क्रिकेट खिलाड़ियों, प्रशंसकों और राष्ट्र को एकजुट करने की प्रक्रिया की देखरेख करना शामिल होगा.

    बेसबॉल की लीग में भी एमएलबी का किया जाएगा समर्थन
    मेजर लीग बेसबॉल (Major League Baseball) खिलाड़ियों के पास महामारी के कारण विलंब का सामना कर रहे सत्र के पहले दिन अपनी जर्सी की बांह पर ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ या ‘यूनाईटेड फोर चेंज’ लिखने का विकल्प होगा. वॉशिंगटन नेशनल्स के पिचर सीन डूलिटल ने कहा है कि उनकी टीम विचार कर रही है कि गुरुवार रात नस्लवाद विरोधी अभियान का समर्थन घुटने के बल झुककर करे या नहीं.

    लीग के शुरुआती मुकाबले में विश्व सीरीज चैंपियन वॉशिंगटन को न्यूयॉर्क यांकीज की मेजबानी करनी है. डूलिटल ने कहा, ‘मैं इस पर विचार कर रहूा हूं, विशेषकर पिछले हफ्ते यहां आने के बाद. एक टीम के रूप में अपने क्लबहाउस में भी हम दो दिन से इस पर बात कर रहे हैं. मुझे पता है कि यांकीज की टीम भी ऐसा ही कर रही है.’

    इंग्लिश प्रीमियर लीग
    रंगभेद के खिलाफ लड़ाई में इंग्लिश प्रीमियर लीग के खिलाड़ी भी शामिल हुए थे. कुछ समय पहले शुरू हुई लीग में फुटबॉलर अपने नाम की जगह 'ब्लैक लाइव्स मैटर' लिखी जर्सी पहनकर खेलने उतरे थे. यह सिर्फ पहले मैच के लिए नहीं था बल्कि लीग के शुरुआती 12 मैचों में खिलाड़ी ऐसी ही जर्सी पहनने वाले हैं.

    खिलाड़ियों ने एक बयान जारी कर बताया, ‘हम सभी खिलाड़ी रंगभेद को खत्म करने के उद्देश्य से एकजुट हैं. हमारी कोशिश है कि वैश्विक समाज में किसी के साथ भी रंग, नस्ल के आधार पर कोई भेदभाव न हो और सबको सम्मान के साथ बराबरी के मौके मिलें.

    माइकल जॉर्डन ने दान किए 755 करोड़
    बास्केटबॉल स्टार माइकल जॉर्डन (Michael Jordan) सामाजिक न्याय और नस्लभेद के खिलाफ लड़ रहे संगठनों को 100 मिलियन डॉलर (करीब 755 करोड़ रुपए) दान किए हैं. जॉर्डन और उनका ब्रांड इस क्षेत्र में काम कर रहे संगठनों को अगले 10 सालों तक धनराशि मुहैया कराएगा. यह डोनेशन फेसबुक और अमेजन से 10 गुना ज्यादा है. इन दोनों कंपनियों ने सामाजिक न्याय के क्षेत्र में काम कर रहे संगठनों को 10 मिलियन डॉलर (करीब 75 करोड़ रुपए) दान देने की घोषणा की थी.

    जॉर्डन और उनके ब्रांड ने एक बयान जारी कर कहा- अश्वेत जिंदगी की भी कीमत है. यह भी मायने रखती है. यह विवादास्पद बयान नहीं है. जब तक हमारे देश में रंगभेद पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता। तब तक हम अश्वेतों की सुरक्षा और सामाजिक न्याय के लिए लड़ते रहेंगे.

    एंडी मरे ने चैरिटी टेनिस मैच में दिखाया था समर्थन
    ब्रिटेन के टेनिस खिलाड़ी एंडी मरे (Andy Murray) भी ब्लैक लाइव्स मैटर मूवमेंट के समर्थन में आ गए हैं. पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 मरे ब्रिट्स टेनिस टूर्नामेंट के दौरान सेमीफाइनल मैच के पहले मूवमेंट के सपोर्ट में घुटने के बल बैठे थे. एंडी मरे और उनके भाई जैमी ब्रिटेन के हेल्थ वर्कर्स की मदद के लिए यह चैरिटी टूर्नामेंट आयोजित किया था. कोरोनावायरस के बीच चैरिटी टूर्नामेंट से दोनों भाईयों को एक करोड़ रुपए से ज्यादा राशि जुटाई थी. इसके अलावा राफेल नडाल से लेकर नाओमी ओसाका तक सभी स्टार खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर इस अभियान को समर्थन दिया था.

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    लुइस हैमिल्टन पूरी चैंपियनशिप में चलाएंगे काली गाड़ी
    कोरोना महामारी के बाद फॉर्मूला वन सत्र की शुरुआत शुक्रवार को ऑस्ट्रिया के रेड बुल सर्किट में सत्र की पहली रेस के साथ हुई और यहां भी नस्लवाद का मुद्दा छाया रहा. छह बार के विश्व चैंपियन लुइस हैमिल्टन वैश्विक मुद्दा बन चुके नस्लवाद पर आवाज बुलंद करते हुए सामने आये हैं और उन्होंने काली ड्रेस और काली मर्सिडीस कार में रेस में हिस्सा लिया जिस पर लिखा था नस्लवाद बंद करो. साथ ही हैलिम्टन ने बताया कि वह आने वाली सभी रेसों में इसी कार और जर्सी का इस्तेमाल करेंगे.