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मनु भाकर को नहीं मिला यह पुरस्कार तो भड़के उनके पिता, उठाए सवाल

News18Hindi
Updated: January 22, 2020, 11:10 PM IST
मनु भाकर को नहीं मिला यह पुरस्कार तो भड़के उनके पिता,  उठाए सवाल
मनु भाकर ने अब तक कई गोल्ड मेडल जीते हैं

रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) ने पांच से 18 वर्ष के आयु वर्ग के 49 बच्चों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया.

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  • Last Updated: January 22, 2020, 11:10 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय निशानेबाज मनु भाकर (Manu Bhaker) के नाम पर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए विचार नहीं किए जाने के बाद उनके पिता रामकिशन ने बुधवार को चयन मापदंड पर सवाल उठाए.

सत्रह साल की इस खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई पदक हासिल किये हैं. वह 2018 में 16 साल की उम्र में मैक्सिको में हुए आईएसएसएफ विश्व कप (ISSF World Cup) में स्वर्ण पदक जीतनी वाली सबसे युवा निशानेबाज बनीं थी. उन्होंने उसके बाद शानदार प्रदर्शन जारी रखा.

रामकिशन ने उठाए मापदंड पर सवाल
रामकिशन (Ramkishan) ने पीटीआई से फोन पर बातचीत में सवाल उठाते हुए कहा, ‘अगर इतने पदक जीतने के बाद उसे इस तरह से नजरअंदाज किया जाता है, तो यह वास्तव में निराशाजनक है. मैं फिर से पूछना चाहता हूं कि पुरस्कार विजेताओं के चयन के पीछे क्या मापदंड है? क्या उसका प्रदर्शन इस लायक नहीं है?’ रामकिशन ने कहा कि उन्होंने इसके लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.

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उन्होंने आरोप लगते हुए कहा, ‘हमने इसके लिए समय से पहले आवेदन किया था. मुझे किसी से पता चला कि मनु का नाम इस साल भी सूची में नहीं है तो मैंने सचिव, संयुक्त सचिव और सहायक सचिव को फोन करने की कोशिश की लेकिन उनमें से किसी ने भी जवाब देना जरूरी नहीं समझा.’ उन्होंने कहा, ‘जब भी मैंने फोन किया उनके निजी सहायकों ने कहा कि वे व्यस्त थे. मैंने उन्हें 25 ई-मेल भी भेजे लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ.’

49 बच्चों को किया गया सम्मानितमहिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Women and Child Development Ministry) के सूत्र ने हालांकि कहा, ‘जिस चयनसमिति ने पुरस्कार विजेताओं का चयन किया उसमें खेल मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल थे.’इन पुरस्कार विजेताओं को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सम्मानित किया. बेंगलुरु के यश अराध्य इस पुरस्कार को पाने वाले पहले भारतीय मोटरस्पोर्ट्स चालक बने.

कोविंद (Ramnath Kovind) ने पांच से 18 वर्ष के आयु वर्ग के 49 बच्चों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया. यह पुरस्कार नवोन्मेष, समाज सेवा, विद्यालय शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति और बहादुरी के क्षेत्र में उत्कृष्ट करने वाले बच्चों को दिया जाता है. इसमें पदक, एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि के साथ प्रमाण और प्रशस्ति पत्र दिये जाते हैं.

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First published: January 22, 2020, 11:09 PM IST
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