मेडल्स की कैबिनेट में ओलिंपिक गोल्ड के लिए जगह खाली है : पीवी सिंधु

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Updated: September 12, 2019, 3:07 PM IST
मेडल्स की कैबिनेट में ओलिंपिक गोल्ड के लिए जगह खाली है : पीवी सिंधु
पीवी सिंधु ने रियो ओलिंपिक में रजत पदक जीता था. (फाइल फोटो)

भारतीय बैडमिंटन स्टार (Indian Badminton Star) पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने कहा कि उनकी प्राथमिकता फिलहाल रैंकिंग (Ranking) नहीं बल्कि टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympic) में गोल्ड मेडल जीतना है.

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भारतीय बैडमिंटन स्टार (Indian Badminton Star) पीवी सिंधु (PV Sindhu) वर्ल्ड चैंपियन (World Champion) बनने से पहले चार बार इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बेहद करीब तक पहुंची थीं. वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो बार कांस्य पदक जीतने के बाद दो बार 2017 और 2018 में उन्होंने रजत पदक तक का फासला तय किया. मगर आखिरकार 2019 में इस भारतीय दिग्गज ने अपने लगातार तीसरे फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को 21-7, 21-7 से मात देकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. पीवी सिंधु का अगला लक्ष्य अब अगले साल होने वाले टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympic) में स्वर्ण पदक (Gold Medals) जीतने का है. सिंधु ने 2016 के रियो ओलिंपिक (Rio Olympic) में रजत पदक अपने नाम किया था.

कई फाइनल हारने के बाद जीता वर्ल्ड चैंपियनशिप का गोल्ड
अपने सुनहरे करियर में पीवी सिंधु (PV Sindhu) तमाम छोटे-बड़े खिताब जीत चुकी हैं, लेकिन ओलिंपिक स्वर्ण पदक (Olympic Gold Medals) उनकी पहुंच से अब भी बाहर है. पीवी सिंधु ने अब खुद खुलासा किया है कि उन्होंने अपने मेडल्स की कैबिनेट में ओलिंपिक गोल्ड मेडल के लिए जगह खाली रखी हुई है. हालांकि सिंधु कई बार बड़े टूर्नामेंटों में गोल्ड के नजदीक जाकर ठिठक गईं हैं. इनमें रियो ओल‌िंपिक, 2017 और 2018 वर्ल्ड चैंपियनशिप, 2017 दुबई सुपर सीरीज फाइनल्स, 2018 कॉमनवेल्‍थ गेम्स और जकार्ता एशियन गेम्स शामिल हैं.

अपने रैकेट से जवाब दे दिया

पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने कहा है कि लोग फाइनल में मेरे लगातार हारने के बारे में बात करते हैं, मैं कैसे फाइनल में खुद पर दबाव ले लेती हूं. मैं सिर्फ इतना ही कह सकती हूं कि मैंने अपने रैकेट से जवाब दे दिया है. PTI को दिए इंटरव्यू में पीवी सिंधु ने कहा कि ओलिंपिक में खेलना बिल्कुल अलग अहसास होता है. रियो ओलिंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप से बिल्कुल अलग तरह की यादें जुड़ी हैं लेकिन निश्चित रूप से एक गोल्ड मेडल अभी भी हासिल करना बाकी है. निश्चित रूप से मैं इसके लिए कड़ी मेहनत करूंगी. मैं टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतना चाहती हूं. मेरी कैबिनेट में इसके लिए एक खाली जगह भी बनी हुई है.

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भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू फिलहाल रैंकिंग में पांचवें स्‍थान पर हैं. (फाइल फोटो)


अपने खेल में कुछ नया करना होगा
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भारतीय बैडमिंटन (Indian Badminton) दिग्गज ने हालांकि कहा कि टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड (Olympic Gold) जीतना इतना भी आसान नहीं होगा क्योंकि विपक्षी खिलाड़ी मेरी कमजोरियों का फायदा उठाने की ओर देख रहीं होंगी. इसलिए मुझे अपनी कमियों को दूर करते हुए कुछ नया लेकर आना होगा. रियो में मैं अपने पहले ओलिंपिक में उतर रही थी और कोई भी मेरे बारे में अधिक नहीं जानता था. मगर रियो के बाद अब तक काफी कुछ बदल चुका है. हर कोई नई चीजें सीख रहा है और आजमा रहा है. मुझे भी सफलता हासिल करने के लिए ऐसा करना होगा.

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अगले साल टोक्यो ओलिंपिक में पीवी सिंधु से स्वर्ण पदक की उम्मीद लगाई जा रही हैं. (फाइल फोटो)


रैंकिंग की परवाह नहीं
मौजूदा बैडमिंटन रैंकिंग (Badminton Ranking) में सिंधु (PV Sindhu) पांचवें स्‍थान पर हैं. इस बारे में उन्होंने कहा कि रैंकिंग इसलिए अहम होती है क्योंकि इसके आधार पर ड्रॉ तय होते हैं, लेकिन मैं इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचती. वह इसलिए क्योंकि जब आप अच्छा खेलेंगे तो रैंकिंग में ऊपर आएंगे ही. गोल्ड हासिल करने के लिए भी आपको शीर्ष खिलाड़ियों को हराना ही होता है. नंबर वन रैंकिंग के बारे में सिंधु ने कहा कि फिलहाल रैंकिंग नहीं बल्कि ओलिंपिक गोल्ड मेरा लक्ष्य है.

'अब चीन की चुनौती'
पीवी सिंधु (PV Sindhu) को अब 17 सितंबर से शुरू होने वाले चाइना ओपन और 24 सितंबर से शुरू हो रहे कोरिया ओपन में खेलना है. सिंधु ने सिंगल्स वर्ग में भारतीय महिला खिलाड़ियों की कमी के बारे में कहा कि मेरे और साइना नेहवाल के बाद इसमें कमी आई है. हालांकि कई जूनियर खिलाड़ी हैं, लेकिन अभी उन्हें परिपक्व होने में समय लगेगा.

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First published: September 12, 2019, 3:07 PM IST
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