अर्जुन अवॉर्ड ना मिलने पर प्रणॉय ने लगाया आरोप, बीएआई ने दिया यह जवाब

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Updated: August 18, 2019, 11:53 AM IST
अर्जुन अवॉर्ड ना मिलने पर प्रणॉय ने लगाया आरोप,  बीएआई ने दिया यह जवाब
प्रणॉय को इस अवॉर्ड के लिए नहीं चुना गया है

प्रणॉय (HS Prannoy) ने अर्जुन अवॉर्ड ना मिलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए ट्वीट किया था कि उनके प्रदर्शन को तवज्जो नहीं दी गई

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अर्जुन पुरस्कार (Arjun Award) पाने वालों की सूची में नाम नहीं आने से निराश भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी एचएस प्रणॉय (HS Prannoy) ने आरोप लगया कि पुरस्कारों के लिए ऐसे लोगों से पहचान जरूरी है जो नामांकन को मैदान के प्रदर्शन से ज्यादा तवज्जो दिला सके. उनके इस आरोप पर अब बीएआई (BAI) ने सफाई दी है.

बीएआई के सूत्रों ने हालांकि बताया कि अर्जुन पुरस्कार के लिए प्रणय के नाम की सिफारिश ही नहीं की गयी थी क्योंकि उन्होंने पिछले साल दमदार प्रदर्शन नहीं किया था. बीएआई के इस सत्र ने पीटीआई से कहा, ‘बीएआई ने अर्जुन पुरस्कार के लिए साई प्रणीत और मनु अत्री की सिफारिश की थी. प्रणॉय ने भी अपना आवेदन भेजा था, लेकिन पिछले साल दमदार प्रदर्शन नहीं होने के कारण इस पर विचार नहीं किया गया.’
प्रणॉय की तरह देश का प्रतिनिधित्व करने वाले बी साई प्रणीत को अर्जुन पुरस्कारों के लिए चुना गया है. उनके अलावा भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने डबल विशेषज्ञ मनु अत्री के नाम की सिफारिश की थी जिसे 12 सदस्यीय चयन समिति ने तव्वजो नहीं दी. प्रणॉय ने ट्वीट किया, ‘अगर आप चाहते है कि आपका नाम भी पुरस्कारों की सूची में हो तो यह सुनिश्चित करें कि आपके साथ ऐसे लोग हों जो सूची में आपका नाम डलवा सके. हमारे देश में प्रदर्शन को सबसे कम तवज्जो मिलती है. देश के लिए यह दुख की बात है लेकिन आप कुछ नहीं कर सकते है. यह सब छोड़कर जब तक आप खेल सकते है खेलें.’



प्रणॉय ने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों के मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था. 27 साल के इस खिलाड़ी ने 2018 एशियन चैंपियनशिप के पुरुष सिंग्लस में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था. उन्होंने 2016 एशियन टीम चैंपियनशिप के पुरुष इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. पिछले साल मई में वह बीडब्ल्यूएफ रैंकिंग में आठवें पायदान पर पहुंचे थे. दिशानिर्देशों के अनुसार पुरस्कार की पात्रता के लिए एक खिलाड़ी का पुरस्कार वाले वर्ष में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पिछले चार वर्षों में लगातार अच्छा प्रदर्शन होना जरूरी है. इसके साथ ही उसमें नेतृत्वक्षमता, खेल भावना और अनुशासन के गुण भी होने अनिवार्य हैं.

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First published: August 18, 2019, 11:53 AM IST
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