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Olympic Count down 166 Days: जब बंटवारे के बाद पहली बार आमने- सामने हुई भारत-पाकिस्तान की टीम, देश ने जीता था छठा गोल्ड

Olympic Count down 166 Days: जब बंटवारे के बाद पहली बार आमने- सामने हुई भारत-पाकिस्तान की टीम, देश ने जीता था छठा गोल्ड

मेलबर्न ओलिंपिक में भारत ने हॉकी का छठा गोल्ड जीता था

मेलबर्न ओलिंपिक में भारत ने हॉकी का छठा गोल्ड जीता था

खिताबी मुकाबले में भारत का सामना पाकिस्तान (Pakistan) से हुआ था. बंटवारे के बाद पहली बार दोनों टीमें आमने सामने हुई थी

    नई दिल्ली. ओलिंपिक में भारत का सुनहरा दौर चल रहा था और अपने खाते में एक और गोल्‍ड लेने के इरादे से भारतीय टीम 1956 में मेलबर्न ओलिंपिक (Melbourne Olympics) में उतरी और भारत ने शानदार सफर के साथ फाइनल में जगह बनाई. जहां मुकाबला और भी रोमांचक हुआ. खिताबी मुकाबले में भारत के सामने पाकिस्तान  की चुनौती थी. जहां भारत ने छह दिसंबर को पाकिस्तान को हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया. ऑस्ट्रेलिया में गोल्ड जीतने तक के सफर में भारत ने एक भी गोल नहीं खाया था. हॉकी में भारत का यह छठा गोल्ड मेडल था और भारत की  इस जीत के हीरो रणधीर सिंह रहे. पाकिस्तान को सिल्‍वर से  और जर्मनी को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा.

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    ऑस्ट्रेलिया में गोल्ड जीतने तक के सफर में भारत ने एक भी गोल नहीं खाया था. (सांकेतिक फोटो)


    टीम का सफर
    1956 ओलिंपिक (1956 Summer Olympics) में भारतीय टीम ने जिस तरह से टीमों को पटखनी दी, उससे साबित हो रहा था कि ओलिंपिक का खिताब उन्हीं का रहने वाला है. इस ओलिंपिक में एकमात्र भारतीय टीम ही ऐसी थी, जिसने एक भी मैच न तो गंवाया और न ही ड्रॉ खेला. ग्रुप स्तर से ही टीम का विजयी सफर शुरू हो गया था. ग्रुप ए में भारतीय टीम के साथ सिंगापुर, अफगानिस्तान और यूनाइटेड स्टेट की टीम थी. सिंगापुर को 6-0, अफगानिस्तान को 14-0 से और यूनाइटेड को 16-0 से हराकर भारत ग्रुप में शीर्ष पर रहा. ग्रुप में शीर्ष पर रहने के बाद सेमीफाइनल मुकाबले में भारत का सामना ग्रुप सी में दूसरे नंबर पर रही टीम जर्मनी से हुआ. जहां भारत ने जर्मनी को 1-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया. वहीं दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने ग्रेट ब्रिटेन को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया.

    ऑस्ट्रेलिया में गोल्ड जीतने तक के सफर में भारत ने एक भी गोल नहीं खाया था.
    मेलबर्न में गोल्ड जीतने के बाद पोडियम पर टीम के कप्तान बलबीर सिंह (फाइल फोटो)


    फाइनल में 38वें मिनट में रणधीर ने दागा विजयी गोल
    आखिरकार वो दिन आ ही गया था, जिसका दोनों देश के लोगों को काफी समय से इंतजार था. दोनाें के लिए यह एक मैच से कहीं बढ़कर था. बंटवारे के बाद पहली बार दोनों टीमें आमने सामने हो रही थी. मैच शुरू हुआ. दोनों के बीच कांटे की टक्कर रही. कभी भारत का पलड़ा भारी रहता तो पाकिस्तान (Pakistan) का. लेकिन दूसरे हाफ में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला. 38वें मिनट में रणधीर ‌सिंह ( Randhir Singh Gentle) ने गोल दागकर भारत को बढ़त दिला दी, जो आखिर में विजयी गोल साबित हुआ.

    उधम सिंह ने 1956 मेलबर्न ओलिंपिक में 15 गोल किए थे. (सांकेतिक फोटो)


    जीत के हीरो
    फाइनल के हीरो भले ही रणधीर सिंह रहे हो, लेकिन ग्रुप स्तर से फाइनल तक भारत को पहुंचाने के हीरो उधम सिंह (Udham Singh) रहे. जिन्हाेंने 1956 मेलबर्न ओलिंपिक में 15 गोल किए थे. ओलिंपिक में उस तारीख तक किसी भारतीय का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा.

    टीम:

    लेस्ली क्लॉडियस,रंगनाथन फ्रांसिस, हरिपाल कौशिक, अमीर कुमार, रघबीर लाल, शंकर लक्ष्मण, ओपी मल्होत्रा, गोविंद पेरुमल, अमित सिंह बक्‍शी, रघबीर सिंह भोला, बलबीर सिंह दोसांझ, हरदयाल सिंह, रणधीर सिंह जेंटल, बाल किशन सिंह ग्रेवाल,गुरदेव सिंह कुल्हार,  उधम सिंह कुल्हार, बख्शीश सिंह, चार्ल्स स्टीफन

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    Tags: Hockey, Sports news, Summer Olympics

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