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Olympic Count down 164 Days: भारत ने हासिल किया था खोया हुआ रुतबा, मगर आखिरी पड़ाव की ओर बढ़ने लगी थी भारतीय हॉकी

Olympic Count down 164 Days: भारत ने हासिल किया था खोया हुआ रुतबा, मगर आखिरी पड़ाव की ओर बढ़ने लगी थी भारतीय हॉकी

भारत ने टोक्यो ओलिंपिक में हॉकी का 7वां गोल्ड मेडल जीता था.

भारत ने टोक्यो ओलिंपिक में हॉकी का 7वां गोल्ड मेडल जीता था.

भारत (India) ने रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान (Pakistan) को हराकर हॉकी का सातवां ओलिंपिक गोल्ड जीता था

    नई  दिल्ली. 1964 टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympics) एशिया के साथ- सा‌थ भारतीयों के लिए भी गर्व से भरा रहा. 1964 में पहली बार एशिया में ओलिंपिक हुआ और इसी में भारत ने हॉकी में अपना खोया हुआ रुतबा भी हासिल किया. रोम ओलिंपिक में भारतीय हॉकी का गोल्डन सफर थम गया था, लेकिन इस ओलिंपिक में भारत वापस से खिताब जीतने में सफल रहा. भारत ने हॉकी में गोल्ड जीतकर अपना रुतबा तो हासिल कर लिया था, लेकिन शायद किसी भारतीय ने भविष्य के बारे में अंदाजा तक नहीं लगाया था  भारतीय हॉकी का यह सफर अपने आखिरी पड़ाव  की ओर बढ़ने लगा था. फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराकर अपना 7वां ओलिंपिक जीता था.

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    भारतीय गोलकीपर शंकर लक्ष्मण दर्श‌कों का अभिवादन करते


    टीम का सफर
    नेदरलैंड्स, यूनाइटेड टीम ऑफ जर्मनी, मलेशिया, बेल्जियम, कनाडा और हॉन्ग कॉन्ग के सा‌थ भारत को ग्रुप बी में रखा गया. जहां भारत बेल्जियम को  2-0, यूनाइटेड टीम ऑफ जर्मनी से 1-1 से ड्रॉ, स्पेन से भी 1-1 से ड्रॉ,  हॉन्ग कॉन्ग को 6-0, मलेशिया को 3-1 से, कनाडा को 3-0 से और नेदरलैंड्स को 2-1 से हराकर ग्रुप में शीर्ष पर रहा और इसी के साथ सेमीफाइनल में प्रवेश भी कर लिया. सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 3-1 से हराकर ‌खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया. वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान ने स्‍पेन को 3-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई.

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    41वें मिनट में पेनल्टी स्ट्राेक पर मोहिन्दर लाल ने गाेल दागकर भारत को 1-0 से बढ़त दिला दी थी (सांकेतिक तस्वीर)


    मोहिंदर लाल का कमाल
    23 नवंबर वो दिन था, जब दोनों टीमों के साथ दोनों देश के फैंस की भी धड़कने थम सी गई थी. रोम ओलिंपिक के परिणाम के कारण जहां भारतीय फैंस को वैसी ही अनहोनी होने का डर था, वहीं पाकिस्तान के फैंस को खिताब से हाथ धोने का. मुकाबला शुरू हुआ और दोनों के बीच कांटे की टक्कर चली. पहले हाफ में दोनों टीमें खाता खोलने की ‌कोशिश कर रही थी.

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    7वां गोल्ड‍ मेडल जीतने के बाद भारतीय टीम (फाइल फोटो)


    फैंस सहित टीमों पर भी तनाव बढ़ने लगा ‌था, जो मैदान पर साफ दिख रहा था. तभी भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला. जो पृथीपाल सिंह ने लिया. लेकिन उनका शॉट गोलकीपर के पैड से लगा और पाकिस्तान के मुनीर डार ने अपने पैर से उसे रोक लिया. सेंटर हाफ मोहिन्दर लाल ने 41वें मिनट में पेनल्टी स्ट्राेक पर गाेल दागकर भारत को 1-0 से बढ़त दिला दी. जिसे टीम ने आखिर तक बरकरार रखा.

    जीत के हीरो
    फाइनल के हीरो भले ही मोहिन्दर लाल रहे हो, लेकिन ग्रुप स्तर से फाइनल तक भारत को पहुंचाने के हीरो पृथीपाल सिंह (Prithipal Singh) रहे. जिन्हाेंने टोक्यो ओलिंपिक में 11 गोल किए थे.

    टीम: चरणजीत सिंह, शंकर लक्ष्मण, राजेन्द्र क्रिस्टी,  पृथीपाल सिंह, धरम सिंह, गुरबक्स सिंह, मोहिन्दर लाल, जगजीत सिंह, राजिन्‍दर सिंह, जोगिन्‍दर सिंह, हरिपाल कौशिक, हरबिन्‍दर सिंह, बंदु पाटिल, विक्टर जॉन पीटर, उधम सिंह, दर्शन सिंह, सैयद अली, बलबीर सिंह कुलार

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    Tags: Hockey, Sports news, Summer Olympics

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