निशानेबाजी को हटाने से भारत नाराज, 2022 कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स का कर सकता है बॉयकॉट

राष्ट्रमंडल खेल महासंघ ने गुरुवार को अपनी कार्यकारी बोर्ड की बैठक में 2022 बर्मिंघम खेलों में से निशानेबाजी को बाहर कर दिया और तीन नए खेलों को शामिल करने की सिफारिश की.

News18Hindi
Updated: June 21, 2019, 10:52 PM IST
निशानेबाजी को हटाने से भारत नाराज, 2022 कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स का कर सकता है बॉयकॉट
भारतीय खिलाड़ियों का दल. (File Photo)
News18Hindi
Updated: June 21, 2019, 10:52 PM IST
कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स 2022 से निशानेबाजी को हटाने से निराश भारतीय ओलंपिक संघ ने शुक्रवार को कहा कि वह इसके विरोध में कोई भी कदम उठा सकता है. इसमें टूर्नामेंट से बाहर होना भी शामिल है. राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने गुरुवार को अपनी कार्यकारी बोर्ड की बैठक में 2022 बर्मिंघम खेलों में से निशानेबाजी को बाहर कर दिया और तीन नए खेलों को शामिल करने की सिफारिश की.

पूर्व खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने पिछले साल ब्रिटिश खेलमंत्री के अलावा सीजीएफ अध्यक्ष को लिखा था और उनसे हस्तक्षेप की मांग की थी कि वे सुनिश्चित करें कि निशानेबाजी 2022 में होने वाले खेलों का हिस्सा बना रहे. सीजीएफ ने हालांकि मेजबान देश इंग्लैंड पर छोड़ दिया कि वह निशानेबाजी के भाग्य पर फैसला करे जो हमेशा वैकल्पिक खेल होता रहा है.

निशानेबाजी को बाहर किए जाने के फैसले से भारत को बड़ा झटका लगा है जिसने 2018 गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में इस खेल में दांव पर लगे 66 में से 16 पदक अपने नाम किए थे. आईओए ने कहा कि खेलों में भाग नहीं लेने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

आईओए महासचिव राजीव मेहता ने कहा, ‘भारत में निशानेबाजी बड़ा खेल है और कई निशानेबाजों के लिये राष्ट्रमंडल खेल ओलंपिक के लिए अहम है. यह निशानेबाजी और भारतीय खेल के लिये करारा झटका है. हमने सीजीएफ को प्रस्तुतिकरण दिया था और सरकार ने भी ऐसा किया था लेकिन फिर भी निशानेबाजी को बाहर कर दिया गया. हम जानते हैं कि अब सीजीएफ के फैसले को बदलना मुश्किल है लेकिन अब भी कुछ नहीं बिगड़ा है. हमारे पास एक महीने का समय है (नए खेलों को शामिल करने के लिये सभी 71 सीजीएफ सदस्यों के वोट देने से पहले). आईओए कार्यकारी परिषद अगले दो हफ्तों के अंदर फैसला करेगी और हम बड़ा फैसला लेने से हिचकिचाएंगे नहीं.’

यह पूछने पर कि आईओए क्या 2022 बर्मिंघम से हटने का भी फैसला कर सकता है तो मेहता ने कहा, ‘इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता. हम इस हद तक भी जा सकते हैं.’ मेहता ने कहा कि आईओए आगामी दिनों में फिर सीजीएफ को लिखेगा और इस फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध करेगा. पिछले साल भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष रनिंदर सिंह ने कहा था अगर निशानेबाजी को शामिल नहीं किया जाता है तो भारत को बर्मिंघम खेलों का बहिष्कार करना चाहिए.

आईओए के शीर्ष अधिकारी 24 से 26 जून तक स्विट्जरलैंड में होने वाली अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की कांग्रेस में शिरकत करेंगे जिसमें इसके प्रमुख नरिंदर बत्रा को सदस्य चुना जायेगा और मेहता ने कहा कि इसके बाद ही वे निशानेबाजी मुद्दे पर फैसला करेंगे.

भारत को लगा बड़ा झटका, बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स से हटा शूटिंग
Loading...

भारत के लिए खुशखबरी, IOC ने हटाया 4 महीने पुराना बैन

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अन्य खेल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: June 21, 2019, 10:49 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...