इंडिया का नाम रोशन करने वाले चिराग-सात्विक की कहानी, एक 'मिनी गूगल' तो दूसरा आलू-चावल का शौकीन

चिराग शेट्टी (Chirag Shetty) और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी (Saatwiksairaj Rankireddy) की जोड़ी ने कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स 2018 में सिल्‍वर मेडल जीता था.

News18Hindi
Updated: August 11, 2019, 4:55 PM IST
इंडिया का नाम रोशन करने वाले चिराग-सात्विक की कहानी, एक 'मिनी गूगल' तो दूसरा आलू-चावल का शौकीन
चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी.
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Updated: August 11, 2019, 4:55 PM IST
चिराग शेट्टी (Chirag Shetty) और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी (Saatwiksairaj Rankireddy) की जोड़ी ने पिछले सप्‍ताह थाईलैंड ओपन (Thailand Open) बैडमिंटन खिताब जीतकर इतिहास रच दिया था. यह बीडब्ल्यूएफ सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट (BWF Super 500 Badminton Tournament) जीतने वाली पहली भारतीय पुरुष जोड़ी है. चिराग महाराष्‍ट्र के रहने वाले हैं तो रंकीरेड्डी आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं. दोनों ने इस खिताब से पहले पिछले साल ग्‍लास्‍गो कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में सिल्‍वर मेडल जीता था. दोनों के साथ आने की कहानी भी दिलचस्‍प है. इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार,  चिराग को राफेल नडाल पसंद हैं तो सात्विक रोजर फेडरर के फैन हैं. भारतीय डबल्‍स टीम के पूर्व कोच मलेशिया के तान किम हर ने दोनों की जोड़ी बनाई. लेकिन दोनों को शुरू में काफी दिक्‍कत हुई.

जोड़ी बनने में लगा वक्‍त
पहले तीन टूर्नामेंट में दोनों पहले ही दौर से बाहर हो गए. इसके बाद कोच ने दोनों से साफ कह दिया कि अगर बात नहीं बन रही हैं तो वे अलग हो सकते हैं. लेकिन इसके बाद सात्विक व चिराग आपस में घुलमिल गए. लेकिन कुछ दिन बाद ही चिराग बाइक से गिर गए और उनका टखना फ्रैक्‍चर हो गया. ऐसे में सात्विक को दूसरे जोड़ीदार के साथ खेलना पड़ा.

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चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में सिल्‍वर मेडल जीता था.


भाषा की समझ थी समस्‍या
रिपोर्ट में सात्विक ने बताया कि दोनों के बीच बातचीत में दिक्‍कत थी. उन्‍हें तेलुगु आती है और वे केवल 50 फीसदी हिंदी ही बोल सकते थे. वह ज्‍यादा बोलते नहीं थे तो चिराग ने उन्‍हें शर्मीला लड़का समझ लिया. वहीं चिराग ने बताया कि शुरू में सात्विक बहुत कम हिंदी बोलता था और अपनी तेलुगु गैंग के साथ ही घूमा करता था. धीरे-धीरे दोनों में दोस्‍ती हुई.

चावल और आलू के शौकीन हैं सात्विक
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सात्विक आलू, चावल और चिकन बिरयानी के शौकीन हैं. वे कहते हैं कि डबल्‍स व मिक्स्‍ड खेलते हैं ऐसे में उन्‍हें ज्‍यादा खाने की जरूरत है. घर पर होने पर वे प्रॉन बिरयानी और आलू फ्राई खाना पसंद करते हैं. वे कहते हैं कि अगर उन्‍हें अच्‍छा खाना मिलता है तो वे अच्‍छा खेलते हैं. चिराग का कहना है कि शुरुआत में उन्‍हें अपने जोड़ीदार सात्विक की काफी चिंता थी. क्‍योंकि वह‍ भारतीय खाने के अलावा कुछ नहीं खाता था. वह मर जाता लेकिन कुछ भी नया नहीं खाता.

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कोच पुलेला गोपीचंद के साथ चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी.


CWG 2018 से पहले चिराग को हो गया स्लिप डिस्‍क
कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स 2018 से तीन सप्‍ताह पहले चिराग को स्लिप डिस्‍क हो गया था. इस दौरान वे बिस्‍तर पर ही रहे और रैकेट नहीं उठा सकते थे. हालांकि इन खेलों में भारत को मिक्‍स्‍ड और पुरुष डबल्‍स में पदक मिले थे.

'पिता ने कहा था इंडिया का बनियान पहनने पर ध्‍यान देना'
सात्विक के पिता आर विश्‍वनाधम 2013 में उन्‍हें गोपीचंद एकेडमी में लेकर गए थे. वे बताते हैं कि उन्‍होंने कहा था कि कोच कैसा भी हो लेकिन यूटिलाइज करना. बस इंडिया का बनियान पहनना है. बता दें कि सात्विक के पिता हाई जंपर रह चुके हैं और स्‍कूल में फिजिकल एजुकेशन के टीचर हैं. बैडमिंटन में आने से पहले सात्विक ने बास्‍केटबॉल, वॉलीबॉल, एथलेटिक्‍स और क्रिकेट भी खेला. क्रिकेट में वह तेज गेंदबाजी करते थे.

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थाईलैंड ओपन चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की जोड़ी का पहला अंतरराष्‍ट्रीय खिताब है.


आज भी पैसे खर्च करने से पहले पिता से पूछते हैं चिराग
चिराग भी 6 साल की उम्र से क्रिकेट खेल रहे थे लेकिन कुछ समय बाद उन्‍होंने भी बैडमिंटन की राह पकड़ी. वह पढ़ाई में भी काफी होशियार थे. 10वीं में उनके 87 प्रतिशत और 12वीं में 85 प्रतिशत अंक आए थे. उनके पिता चंद्रशेखर शेट्टी ने बताया कि चिराग काफी शर्मीला और विनम्र है. वह आज पैसे कमाता है लेकिन कुछ भी खर्च करने से पहले उनसे पूछता है. चिराग के पिता इंजीनियर है और मां ने कैमिस्‍ट्री में पोस्‍ट ग्रेजुएट कर रखा है.

मिनी गूगल कहलाते हैं चिराग शेट्टी
सात्विक का कहना है वे लोग चिराग को मिनी गूगल कहते हैं. उसका जनरल नॉलेज गजब का है. उसे सब पता होता है. साथ ही उसे कपिल शर्मा का शो देखना भी खूब पसंद है. वह किसी शो को बार-बार देखेगा और एक ही चुटकुले पर बार-बार हंसता रहेगा. चिराग को नेटफ्लिक्‍स पर शो व फिल्‍में देखना पसंद हैं तो सात्विक पबजी के दीवाने हैं.

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First published: August 11, 2019, 4:55 PM IST
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