भारतीय हॉकी टीम के मिडफील्डर जसकरन सिंह बोले- ओलिंपियन पिता ही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा

भारतीय हॉकी टीम के मिडफील्डर जसकरन सिंह टोक्यो ओलिंपिक में टीम के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई है. (Hockey India twitter)

भारतीय हॉकी टीम के मिडफील्डर जसकरन सिंह टोक्यो ओलिंपिक में टीम के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई है. (Hockey India twitter)

भारतीय हॉकी टीम के मिडफील्डर जसकरन सिंह को उम्मीद है कि वो इस साल टोक्यो ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाली भारतीय टीम में जगह बना लेंगे. ओलिंपिक की तैयारियों के बारे में इस खिलाड़ी ने कहा कि हमारी तैयारी अच्छी है और यूरोपीय देशों के खिलाफ खेलने का काफी फायदा हुआ है.

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नई दिल्ली. भारतीय हॉकी टीम के मिडफील्डर जसकरन सिंह का बचपन हॉकी खेलते बीता है. उनके खून में ये खेल रचा-बसा है. वो ओलिंपियन और पूर्व भारतीय कोच राजिंदर सिंह जूनियर के बेटे हैं. 27 साल के इस हॉकी खिलाड़ी ने अपने पिता से ही खेल की बारीकियां सीखी हैं और वो अपने पिता को ही अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा मानते हैं.

जसकरन ने कहा कि मैंने पिता की वजह से हॉकी खेलनी शुरू की, जोकि खुद एक ओलिंपियन रहे हैं. वो (राजिंदर सिंह) 1984 के ओलिंपिक में भारतीय हॉकी टीम में शामिल थे. उन्होंने साल 2000 में भारतीय हॉ़की टीम को भी कोचिंग दी है. मैं न सिर्फ में इस खेल को देखते हुए बड़ा हुआ, बल्कि पिता ने ही मेरे खेल को निखारा. वो मेरे पहले कोच हैं. उनकी वजह से ही मैं यहां तक पहुंचा हूं.

इस मिडफील्डर ने आगे कहा कि मैं कप्तान मनप्रीत सिंह जैसे सीनियर खिलाड़ियों की मदद से अपने खेल को और निखार रहा हूं और मुझे टोक्यो ओलिंपिक की टीम में शामिल होने की पूरी उम्मीद है. जसकरन अभी साई सेंटर में भारतीय हॉकी टीम के कोर ग्रुप के खिलाड़ियों के साथ अभ्यास कर रहे हैं.

टीम के सीनियर खिलाड़ियों से काफी सीखने को मिला: जसकरन
जसकरन ने साथी खिलाड़ियों मनप्रीत, मनदीप सिंह को लेकर कहा कि मेरी तरह ये भी पंजाब के जालंधर के रहने वाले हैं. हमारे घर दो—तीन किमी के दायरे में हैं. ये दोनों मेरी काफी मदद करते हैं. मिडफील्डर और स्ट्राइकर के बीच अच्छी समझ होना महत्वपूर्ण होता है और मुझे लगता है कि हमारे बीच समझ नैसर्गिक तौर पर पैदा हो जाती है क्योंकि हम लंबे समय से एक साथ खेल रहे हैं.

अर्जेंटीना के खिलाफ खेलना शानदार रहा

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2019 में पदार्पण करने वाले इस मिडफील्डर ने कहा कि जब भी मुझे कोई संदेह होता है तो मैं उनसे बात करता हूं. जसकरण हाल में अपने तीसरे अंतरराष्ट्रीय दौरे पर अर्जेंटीना गए थे. उन्होंने इस दौरे के बारे में कहा कि मैं बहुत लंबे समय के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रहा था. इसलिए मैं अपना शत प्रतिशत देने पर ध्यान दे रहा था. मुझे पूरे दौरे में प्रशिक्षकों का पूरा सहयोग मिला.



उन्होंने आगे कहा कि वरिष्ठ खिलाड़ियों ने भी मेरा मनोबल बढ़ाया और ओलंपिक चैंपियन के खिलाफ खेलने के लिये मुझे आत्मविश्वास दिया. उन्होंने पूरे दौरे में मेरी गलतियों में सुधार करने में मदद की. इसलिए निजी तौर पर मुझे इस दौरे में काफी कुछ सीखने को मिला. ओलिंपिक की तैयारियों के बारे में जसकरण ने कहा कि हम वास्तव में बहुत अच्छी स्थिति में हैं और अच्छी तैयारी कर रहे हैं.

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