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Role Model : चलने के तरीके से कोच ने खोज लिया था पीटी उषा में भारत का भविष्‍य, उड़नपरी और सेकंड का 100वां हिस्सा

भारतीय एथलेटिक्स की उड़नपरी कही जाने वाली दिग्गज खिलाड़ी पीटी उषा आज यानि कि 27 जून को 55 साल की हो गई है. पीटी उषा को मिल्खा सिंह के बाद भारत की सबसे कामयाब एथलीट माना जाता है.

भारतीय एथलेटिक्स की उड़नपरी कही जाने वाली दिग्गज खिलाड़ी पीटी उषा आज यानि कि 27 जून को 55 साल की हो गई है. पीटी उषा को मिल्खा सिंह के बाद भारत की सबसे कामयाब एथलीट माना जाता है.

1976 में एक खेल पुरस्‍कार वितरण समारोह में कोच ओएम नांबियार ने पीटी उषा (PT Usha) को देखा था और वह उनके तेज चलने के तरीके से काफी प्रभावित हुए थे.

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    नई दिल्‍ली. अक्‍सर एक नाम आपने भी कई बार सुना होगा. पीटी उषा (PT Usha). तेज दौड़ने या तेज चलने पर आपको भी कभी घर में तो कभी बाहर इस नाम से एक बार तो जरूर बुलाया गया होगा. आपने सोचा है कि आखिर कैसे एक लड़की हौसले की मिसाल बन गई. पीटी उषा का संघर्ष और उनकी उपलब्धियां काफी बड़ी हैं. शायद भारतीय एथलेटिक्‍स में मिल्‍खा सिंह (Milkha Singh) के बाद सबने उम्‍मीद ही छोड़ दी थी. मगर पीटी उषा ने ऐसे सभी लोगों को गलत साबित कर दिया.

    दूसरी पीटी उषा मिलना मुश्किल
    इंडियन ट्रैक एंड फील्ड की क्‍वीन, उड़नपरी पीटी उषा (PT Usha) आज भी हर एथलीट्स के लिए एक प्रेरणा है कि भारत के एथलीट्स भी ओलिंपिक में मेडल ला सकते है. बतौर खिलाड़ी भी इस दिग्‍गज का सफर तिरंगे को हमेशा ऊंचा रखने के लिए आखिरी तक जारी रहा और संन्‍यास के बाद भी जारी है. हालांकि उनके जाने के बाद आज भी माना जा रहा है दूसरी पीटा उषा मिलना मुश्किल है और शायद इसी वजह से कोशिश करने वाली हर महिला धाविका की इस नाम से तुलना की जाती है कि क्या उसमें पीटी उषा बनने का दम है.

    पुरस्‍कार वितरण में चलने के तरीके ने किया कोच को प्रभवित
    27 जून 1964 को केरल में जन्‍मीं गोल्‍डन गर्ल पीटी उषा कोच ओएम नांबियार की खोज है. 1976 में एक खेल पुरस्‍कार वितरण समारोह में कोच ओएम ने उषा को देखा और वह उनके तेज चलने के तरीके से काफी प्रभावित हुए. वहीं से वह जान गए कि पीटी उषा भारत का भविष्‍य है. उसी साल उषा ने उनसे कोचिंग लेना शुरू कर दिया और जैसा कोच ने पहली ही मुलाकात में उन्‍हें भविष्‍य बताया था, ठीक वैसा ही हुआ. उषा ने जल्‍द ही 1978 में जूनियर स्‍तर पर इंटर स्‍टेट मीट में पांच मेडल जीते. इसके बाद केरल स्‍टेट कॉलेज मीट में उन्‍होंने 14 मेडल जीतकर कोहराम मचा दिया. 1979 नेशनल गेम्‍स और 1980 नेशनल इंटर स्‍टेट मीट में भी उन्‍होंने कई मेडल जीते. उन्‍होंने 1981 में सीनियर इंटर स्‍टेट मीट में 100 मीटर की रेस 11.8 सेकंड और 200 मीटर की रेस 24.6 सेकंड के साथ पूरी करके नेशनल रिकॉर्ड बना डाला. इसके बाद 1982 में एशियन गेम्‍स में उन्‍होंने 100 और 200 मीटर में सिल्‍वर मेडल जीता.

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    पीटी उषा अब खिलाड़ियों को तैयार कर रही हैं (फाइल फोटो)


    ओलिंपिक में करीबी अंतर से चूक
    पीटी उषा ने 16 साल की उम्र में ओलिंपिक डेब्‍यू किया. उन्‍होंने 1980 ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्‍व किया था, मगर वो 100 मीटर की हीट में एलिमिनेट हो गईं. हालांकि इसके अगले ओलिंपिक में उन्‍होंने जबरदस्‍त प्रदर्शन किया. शायद ही किसी भारतीय ने सोचा होगा कि कोई ए‍थलीट मेडल के इतने करीब पहुंच जाएगा और वो भी महिला एथलीट. 1984 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में 400 मीटर हर्डल में पीटी उषा ने पूरे देश का सिर गौरव से ऊंचा कर दिया. हालांकि वह सेकंड के सौवें हिस्‍से से ब्रॉन्‍ज मेडल जीतने से चूक गई थी, मगर इसके बावजूद उन्‍होंने भारतीय एथलीट्स को ओलिंपिक में उस स्‍तर पर पहुंचने की राह दिखा दी.

    पीटी उषा ओलिंपिक के इस प्रदर्शन के लिए सभी की प्रेरणा ही नहीं बनीं, बल्कि अगले साल एशियन चैंपियनशिप के प्रदर्शन के दम पर उन्‍होंने एक और नींव खिलाड़ियों के लिए रखी. वो ये कि बड़ी से बड़ी हार भी किसी खिलाड़ी को तोड़ नहीं सकती और पीटी उषा तो काफी करीबी अंतर से चूकी थींं, मगर उन्‍होंने इस निराशा को अपना हथियार बनाया और 1985 में एशियन चैंपियनशिप में पांच गोल्‍ड और एक ब्रॉन्‍ज सहित कुल 6 मेडल जीते. पीटी उषा ने 1991 में सीआईएसएफ इंस्‍पेक्‍टर श्रीनिवासन से शादी की. इस कपल का एक बेटा है.

    संन्‍सास के बाद तैयार किए एथलीट
    संन्‍सास के बाद दिग्‍गज पीटी उषा का सफर रुका नहीं. उन्‍होंने युवा खिलाड़ियों को तैयार किया. इसके लिए उन्‍होंने संन्‍यास के कुछ सालों बाद ही 2002 में उषा स्‍कूल ऑफ एथलेटिक्‍स की शुरुआत की. उनका सपना भारत के लिए ओलिंपिक में मेडल जीतने वाले एथलीट्स तैयार करना है.  टिंटु लुका और दुती चंद उनकी उसी मेहनत का परिणाम है. एथलेटिक्‍स की दुनिया में आज दुती चंद का दबदबा है. पीटी उषा का दौर खत्‍म हुए भले ही दो दशक बीत गए हो, मगर उनकी कहानी आज भी एथलीट्स को बड़ा सपना देखने और उसे पूरा करने की हिम्‍मत देती है.

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