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Tokyo Olympics: बिना स्पॉन्सर किट के खेलने उतरेंगे भारतीय एथलीट, IOA ने चीन की कंपनी को हटाया

भारतीय ओलंपिक एसोसिएएशन ने पिछले हफ्ते टोक्यो गेम्स के लिए भारतीय दल की आधिकारिक किट लॉन्च की थी. इसकी स्पॉन्सर चीन की कंपनी ली निंग थी. (MYAS Twitter)

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों की किट पर चीन की कंपनी का नाम नहीं होगा. बीते हफ्ते भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन ने चीन की कंपनी ली निंग को आधिकारिक किट स्पॉन्सर बनाया था. हालांकि, लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था. इसके बाद आईओए ने ये फैसला लिया

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    नई दिल्ली. टोक्यो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ी बिना स्पॉन्सर किट के खेलने उतरेंगे. भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन ने चीन की स्पोर्ट्स गुड्स बनाने वाली कंपनी ली निंग को अपने आधिकारिक किट पार्टनर के रूप में हटा दिया है. इसी वजह से भारतीय खिलाड़ियों को बिना स्पॉन्सर किट के उतरना पड़ेगा. आईओए ने ये फैसला देश में चीन विरोधी माहौल को देखते हुए लिया है. आईओए ने बीते हफ्ते ओलंपिक के लिए ली निंग का किट लॉन्च किया था. लेकिन इसे लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया था. इसके बाद खेल मंत्रालय ने भी आईओए से कहा था कि वह ओलंपिक के लिए चीन की कंपनी को प्रोयोजक नहीं रखे. टोक्यो ओलंपिक 23 जुलाई से शुरू होंगे.

    भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा और महासचिव राजीव मेहता ने बयान जारी कर कहा कि फैंस और देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए हमने टोक्यो ओलिंपिक में चीनी कंपनी का किट नहीं पहनने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ी, कोच और सपोर्ट स्टाफ नॉन ब्रांडेड किट पहनकर ओलंपिक खेलेंगे. हालांकि, आईओए के इस फैसले पर चीनी कंपनी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं सामने आई है.

    आईओए ने कहा कि हम नहीं चाहते थे कि देश में इस बात पर बहस न हो कि भारतीय खिलाड़ी किस कंपनी का किट पहनकर खेल रहे हैं. हम चाहते हैं कि हमारे एथलीट किट के ब्रांड के बारे में सवालों के जवाब दिए बिना अपनी ट्रेनिंग पर ध्यान दें. ताकि ओलंपिक में देश के लिए अच्छा प्रदर्शन कर सकें. क्योंकि पहले ही कोरोनावायरस महामारी के कारण खिलाड़ियों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा है.

    पिछले साल लद्दाख की गलवान घाटी में चीन के सैनिकों द्वारा 20 भारतीय जवानों को मारने के बाद देश में चीनी उत्पादों के बहिष्कार की आवाज बुलंद होने लगी थी. इसके बाद सरकार ने कई चीन की कंपनियों पर बैन लगाया था, जिसमें कई सोशल मीडिया साइट्स और गेमिंग कंपनियां शामिल हैं.
    Published by:Saurabh Mishra
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